सेहत सेवाओं में तेजी से सुधार में पहले नंबर पर हरियाणा


उपलब्धि। देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे अधिक 6.55 अंकों की बढ़ोतरी
सेहत सेवाओं में तेजी से सुधार में पहले नंबर पर हरियाणा 

चंडीगढ़। स्वास्थ्य मानकों में सबसे तेज गति से सुधार करने में हरियाणा देश में पहले स्थान पर रहा है। इस संबंध में नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार राज्य ने अन्य प्रदेशों की तुलना में सबसे अधिक 6.55 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की है। इसके लिए नीति आयोग द्वारा केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय एवं विश्व बैंक के सहयोग से स्वास्थ्य सेवाओं एवं स्वास्थ्य मानकों का अध्ययन किया है। हरियाणा के बाद राजस्थान 6.30 अंकों सहित दूसरे तथा झारखंड 5.99 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा है। आयोग ने वर्ष 2015-16 को आधार वर्ष मानकर संदर्भ वर्ष 2017-18 के दो वर्ष के दौरान स्वास्थ्य मानकों की जांच की है। इनमें बच्चों के लो-बर्थ वेट, नवजात मृत्यु दर, 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर व मातृ मृत्यु दर में सुधार, संस्थागत डिलिवरी में बढोतरी, अस्पतालों की ग्रेडिंग एवं एनएबीएच/एनक्यूएएस सत्यापन प्रमाणपत्र युक्त होना, लिंगानुपात तथा विशेषज्ञों, चिकित्सों एवं स्टॉफ की उपलब्धता सहित 23 मानकों का निरीक्षण किया है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। इसके तहत आयोग की रिपोर्ट में प्रति एक हजार जीवित 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में 6 अंकों की कमी आकर 37, शिशु मृत्यु दर 3 अंक गिरकर 30 तथा नवजात मृत्यु दर 2 अंक कम होकर 22 हुई है। इसी प्रकार कम वजन के बच्चों के पैदा होने ही दर में कमी आई है, इससे पहले जहां यह आंकड़ा 14.9 होता था, वह कम होकर 8.47 हो गया है। सम्पूर्ण टीकाकरण कवरेज 5.39 अंक बढकर 88.86 अंक तथा संस्थागत डिलिवरी 80.25 से बढकर 84.19 अंकों तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि गत तीन वर्षों के दौरान अस्पतालों में मुख्य चिकित्सकों, एएनएम व स्टॉफ की उपस्थिति में भी बढोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सकों के रिक्त पदों की तैनाती में करीब 8 अंकों तथा पैरामेडिकल स्टॉफ नर्सों में 3 अंक की बढोतरी आई है। इसके साथ ही ग्रेडिंग-4 के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की संख्या 22 से बढकर 41.5 प्रतिशत हो गई है। राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या में अभूतपूर्व 21.1 प्रतिशत की बढोतरी दर्ज की है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा भी अनेक मानकों में हरियाणा स्वास्थ्य मानकों में वृद्घि दर्ज की है, जिनका भविष्य में और अधिक सुधार करेंगे।

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