आईआईएफएल फाईनेंस ने 10.5 फीसद ब्याज दर पर जारी किए बॉन्ड इश्यू
7 अगस्त 2019, 5:30 PM
मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार। देश की सबसे बड़ी नॉन-बैंकिंग फाइनेशल कंपनियों में से एक आईआईएफएल फाईनेंस ने बॉन्ड्स के पब्लिक इश्यू जारी कर दिए हैं। कंपनी ने यह बोंड इश्यू अत्यधिक सुरक्षा के साथ 10.5 प्रतिशत की ब्याज दर प्रस्तुत किए हैं। 6 प्रतिशत प्रतिवर्ष से कम के बैंक फि क्स्ड डिपॉजि़ट्स की तुलना में आईआईएफ एल बॉन्ड रिटेल निवेशकों को कम से कम 4 प्रतिशत प्वाईंट ज्यादा रिटर्न देते हैं। आईआईएफ एल बॉन्ड्स रिटेल निवेशकों को ऐसे समय ज्यादा आकर्षक रिटर्न दे रहे हैं, जब आरबीआई ब्याज दरों में कटौती करने वाली है और स्टॉक बाजार नकारात्मक रिटर्न दे रहे हैं। आईआईएफ एल बॉन्ड्स 69 महीनों की अवधि के लिए 10.50 प्रतिशत की सर्वोच्च ब्याज दर प्रस्तुत कर रहे हैं। यह 15 महीनों की छोटी अवधि के लिए सिक्योर्ड श्रेणी में 10 प्रतिशत प्रतिवर्ष का ब्याज भी दे रहे हैं। इन बॉन्ड्स में भुगतान की अवधि मासिक, त्रैमासिक और वार्षिक है, तथा कूपन बॉन्ड ज़ीरो हैं। सिक्योर्ड श्रेणी में प्रस्तुत अन्य अवधि 39 माह की है। कॉर्पोरेट एवं ट्रस्ट, जो केवल मैट अदा कर रहे हैं, वो इन बॉन्ड्स में निवेश कर सकते हैं। वो खासकर 15 महीनों की अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं, जिसमें ब्याज दर बहुत आकर्षक है। शॉर्ट टर्म लिक्विडिटी टाईटनिंग के चलते, 15 महीनों के बॉन्ड्स का मूल्य बहुत अच्छा है। इन इकाईयों का 10 प्रतिशत की ब्याज दर टैक्स समायोजित करने पर बहुत आकर्षक हो जाता है। इस तरह का कोई अन्य निवेश इतना अच्छा रिटर्न नहीं देता। क्राईसिल ने इसे एए/स्टेबल की रेटिंग दी है, जो प्रदर्शित करती है कि ये निवेश वित्तीय दायित्व पूरे करने के लिए समय पर सर्विस देने के मामले में बहुत सुरक्षित हैं और इनमें क्रेडिट रिस्क बहुत कम है। आईआईएफएल बॉन्ड 1000 रु. की फेस वैल्यू पर जारी किए जाएंगे और सभी श्रेणियों में आवेदन का न्यूनतम आकार 10,000 रु. होगा। इसके पब्लिक इश्यू 06 अगस्त, 2019 को शुरू होंगे और 30 अगस्त, 2019 को बंद होंगे। इनमें अर्ली क्लोजऱ का विकल्प भी है। आवंटन 'पहले आएं, पहले पाएंÓ के आधार पर किया जाएगा। आईआईएफएल फाईनेंस के सीईओ, सुमित बाली ने कहा, ''भारत में 1947 शाखाओं के साथ हमारी एक मजबूत भौतिक पहुंच एवं विविध पोर्टफोलियो द्वारा हम अंडरसव्र्ड जनसंख्या के विभिन्न सेगमेंट्स की क्रेडिट की जरूरत को पूरा कर सकते हैं। एकत्रित किए गए इस फंड से हमको ऐसे अनेक क्षेत्रों में अपने काम का विस्तार करने में मदद मिलेगी। यूके स्थित सीडीसी ग्रुप द्वारा सहयोग प्राप्त आईआईएफएल फाईनेंस 100 करोड़ रु. के बॉन्ड्स जारी किए हैं और उसके पास 900 करोड़ रु. के ओवरसब्सक्रिप्शन रिटेन करने का ग्रीन-शू विकल्प होगा (कुल राशि 1,000 करोड़ रु. हो जाएगी)। आईआईएफएल फाईनेंस आईआईएफएल समूह का हिस्सा है, जो भारत की सबसे बड़ी रिटेल-केंद्रित फाईनेंशल सर्विसेस कंपनियों में से एक के रूप में उभरा है। आईआईएफएल फाईनेंस के पास लगभग 35,000 करोड़ रु. के लोन एस्सेट अंडर मैनेजमेंट हैं।
7 अगस्त 2019, 5:30 PM
मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार। देश की सबसे बड़ी नॉन-बैंकिंग फाइनेशल कंपनियों में से एक आईआईएफएल फाईनेंस ने बॉन्ड्स के पब्लिक इश्यू जारी कर दिए हैं। कंपनी ने यह बोंड इश्यू अत्यधिक सुरक्षा के साथ 10.5 प्रतिशत की ब्याज दर प्रस्तुत किए हैं। 6 प्रतिशत प्रतिवर्ष से कम के बैंक फि क्स्ड डिपॉजि़ट्स की तुलना में आईआईएफ एल बॉन्ड रिटेल निवेशकों को कम से कम 4 प्रतिशत प्वाईंट ज्यादा रिटर्न देते हैं। आईआईएफ एल बॉन्ड्स रिटेल निवेशकों को ऐसे समय ज्यादा आकर्षक रिटर्न दे रहे हैं, जब आरबीआई ब्याज दरों में कटौती करने वाली है और स्टॉक बाजार नकारात्मक रिटर्न दे रहे हैं। आईआईएफ एल बॉन्ड्स 69 महीनों की अवधि के लिए 10.50 प्रतिशत की सर्वोच्च ब्याज दर प्रस्तुत कर रहे हैं। यह 15 महीनों की छोटी अवधि के लिए सिक्योर्ड श्रेणी में 10 प्रतिशत प्रतिवर्ष का ब्याज भी दे रहे हैं। इन बॉन्ड्स में भुगतान की अवधि मासिक, त्रैमासिक और वार्षिक है, तथा कूपन बॉन्ड ज़ीरो हैं। सिक्योर्ड श्रेणी में प्रस्तुत अन्य अवधि 39 माह की है। कॉर्पोरेट एवं ट्रस्ट, जो केवल मैट अदा कर रहे हैं, वो इन बॉन्ड्स में निवेश कर सकते हैं। वो खासकर 15 महीनों की अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं, जिसमें ब्याज दर बहुत आकर्षक है। शॉर्ट टर्म लिक्विडिटी टाईटनिंग के चलते, 15 महीनों के बॉन्ड्स का मूल्य बहुत अच्छा है। इन इकाईयों का 10 प्रतिशत की ब्याज दर टैक्स समायोजित करने पर बहुत आकर्षक हो जाता है। इस तरह का कोई अन्य निवेश इतना अच्छा रिटर्न नहीं देता। क्राईसिल ने इसे एए/स्टेबल की रेटिंग दी है, जो प्रदर्शित करती है कि ये निवेश वित्तीय दायित्व पूरे करने के लिए समय पर सर्विस देने के मामले में बहुत सुरक्षित हैं और इनमें क्रेडिट रिस्क बहुत कम है। आईआईएफएल बॉन्ड 1000 रु. की फेस वैल्यू पर जारी किए जाएंगे और सभी श्रेणियों में आवेदन का न्यूनतम आकार 10,000 रु. होगा। इसके पब्लिक इश्यू 06 अगस्त, 2019 को शुरू होंगे और 30 अगस्त, 2019 को बंद होंगे। इनमें अर्ली क्लोजऱ का विकल्प भी है। आवंटन 'पहले आएं, पहले पाएंÓ के आधार पर किया जाएगा। आईआईएफएल फाईनेंस के सीईओ, सुमित बाली ने कहा, ''भारत में 1947 शाखाओं के साथ हमारी एक मजबूत भौतिक पहुंच एवं विविध पोर्टफोलियो द्वारा हम अंडरसव्र्ड जनसंख्या के विभिन्न सेगमेंट्स की क्रेडिट की जरूरत को पूरा कर सकते हैं। एकत्रित किए गए इस फंड से हमको ऐसे अनेक क्षेत्रों में अपने काम का विस्तार करने में मदद मिलेगी। यूके स्थित सीडीसी ग्रुप द्वारा सहयोग प्राप्त आईआईएफएल फाईनेंस 100 करोड़ रु. के बॉन्ड्स जारी किए हैं और उसके पास 900 करोड़ रु. के ओवरसब्सक्रिप्शन रिटेन करने का ग्रीन-शू विकल्प होगा (कुल राशि 1,000 करोड़ रु. हो जाएगी)। आईआईएफएल फाईनेंस आईआईएफएल समूह का हिस्सा है, जो भारत की सबसे बड़ी रिटेल-केंद्रित फाईनेंशल सर्विसेस कंपनियों में से एक के रूप में उभरा है। आईआईएफएल फाईनेंस के पास लगभग 35,000 करोड़ रु. के लोन एस्सेट अंडर मैनेजमेंट हैं।

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