गांवों में बनेंगे बस क्यू शेल्टर, खेतों को जाने वाले रास्ते भी होंगे पक्के 


25 अगस्त 2019, 7: 47 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार आने वाले समय में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के सभी बस क्यू शेल्टरों का निर्माण जिला परिषद के माध्यम से करवाएगी। इसके अतिरिक्त, गांवों से खेतों में जाने वाले सभी कच्चे  रास्ते ‘गौहरो’ अर्थात दो या तीन करम के रास्तों को भी इंटों के खड़ंजे डालकर पक्का किया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पिछले पांच वर्षों के दौरान हमने डबल शिफ्ट में काम कर 10 वर्षों के बराबर कार्य किया है और प्रदेश में एक नई संस्कृति की राजनीति सृजित की है। उन्होंने कहा कि जो लोग वर्ष 2014 में मुझे राजनीति में अनुभवहीन व अनाड़ी बताते थे आज वहीं राजनीति के पंडित आज मुझे मंझा हुआ खिलाड़ी बता रहे है। इतना ही नहीं, अपने पार्टियों से अच्छे भले पद छोड़कर हमारी पार्टी में आस्था जता रहे हंै। इसके चलते कई विधायकों ने भी अपने पदों से इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में हमने बिना पक्षपात व बिना भेदभाव  के साथ कार्य किया है और प्रदेश के लोगों को सिर्फ  न्याय, सिर्फ न्याय व सिर्फ न्याय दिया गया है। जगह-जगह लोगों से सीधा संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में हर पांच वर्ष में चुनावी प्रक्रिया से गुजरना जरूरी होता है लोकतंत्र में जनता ही सरकार के कामों का हिसाब किताब लेती है। उन्होंने कहा कि राजधानी चण्डीगढ़ से अम्बाला हरियाणा का गेट-वे है चण्डीगढ़ अन्तर्राष्टय हवाई अड्डे से भी इसकी दूरी  अधिक नहीं है और इस लिए जिस प्रकार से दिल्ली के अन्तर्राष्टीय हवाई अड्डे से निकटता के चलते गुरुग्राम विदेशी निवेशों की पहली पंसद बनकर उभरा है। उसी प्रकार, चण्डीगढ़ अन्तर्राष्टीय हवाई अड्डा बनने के बाद अम्बाला भी  इसका लाभ उठा सकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि भूमि अधिग्रहण न होने व किन्हीं अन्य कारणों से अम्बाला में औद्योगिक मॉडल टाऊनशिप विकसित नहीं हो सका उसे शीघ्र ही विकसित किया जाएगा क्योंकि अम्बाला के मिक्सी उद्योग, फार्मा , वैज्ञानिक मेडिकल व खेल उपकरण उद्योग देश दुनिया में नाम है इसे उत्तर भारत के एक टेड्र केन्द्र के रूप में विकसित किया  जाएगा। उल्लेखनीय है कि जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने 10 विधानसभा क्षेत्र में अपने दौरे के दौरान लोगों को रथ के ऊपर से ही सम्बोधित किया परन्तु अनिल विज की लोकप्रियता व अम्बाला छावनी की तंग गलियों में यात्रा के स्वागत के लिए किए गए प्रबंधों के चलते व रथ से उतर कर स्टेज से लोगों को सम्बोधित करने से अपने को नहीं रोक सके।