भवन निर्माण कारीगरों के लिए हरियाणा सरकार ने चलाई हैं ये 24 योजनाएं


भवन निर्माण कारीगरों के लिए हरियाणा सरकार ने चलाई हैं ये 24 योजनाएं 

अब ब्लॉक स्तर पर सोशल आडिट कमेटियों के गठन की है तैयारी 
8,56,980 भवन निर्माण व अन्य मजदूर पंजीकृत हैं प्रदेशभर में 
1250 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का दिया जा रहा लाभ 

मीडिया जंक्शन। प्रवीन कम्बोज
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने भवन और अन्य संनिर्माण श्रमिकों के पंजीकरण के साथ-साथ राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत विभिन्न लाभों के वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ब्लॉक स्तर पर सोशल आॅडिट कमेटियों का गठन करने का निर्णय लिया है, जिसमें समाज की प्रख्यात हस्तियां शामिल होंगी। वर्तमान में राज्य में 8,56,980 भवन और अन्य संनिर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं और उन्हें 24 विभिन्न योजनाओं के तहत 1250 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक के लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। सोशल आॅडिट कमेटी यह सुनिश्चित करेगी कि निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों का पंजीकरण निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो और केवल वास्तविक लाभार्थियों को ही लाभ मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि  ब्लॉक स्तर पर गठित की जाने वाली सोशल आॅडिट कमेटियों के सदस्यों में उच्च शिक्षित व्यक्ति, सेवानिवृत इंजीनियर, ब्लॉक समितियों के सदस्य और संबंधित उपायुक्त द्वारा नियुक्त किया जाने वाला एक सदस्य शामिल होगा।

भवन श्रमिकों के लिए पेंशन योजना
राज्य सरकार ने पंजीकृत भवन श्रमिकों के लिए पेंशन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत, 2500 रुपये की मासिक पेंशन उन पंजीकृत श्रमिकों को दी जाती है जिनकी कम से कम तीन साल की नियमित सदस्यता है और जो 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, बशर्ते कि वे किसी अन्य विभाग, बोर्ड या निगम से ऐसा ही लाभ प्राप्त नहीं कर रहे हों। इसके अलावा, मुख्यमंत्री महिला निर्माण श्रमिक सम्मान योजना भी लागू की गई है, जिसके तहत पंजीकृत महिला श्रमिकों को साड़ी, सूट, चप्पल, बरसाती, छाता, सैनिटरी नैपकिन और रसोई के बर्तनों की खरीद के लिए 5100 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। सदस्यता के नवीनीकरण के समय हर साल यह सुविधा दी जा रही है। इसी प्रकार, कन्यादान योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों की बेटियों की शादी पर 51,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इस वित्तीय सहायता को बेटी के विवाह की तिथि से कम से कम तीन दिन पहले डीबीटी के माध्यम से पात्र लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे जमा करा दिया जाता है।


यह है मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना
मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत पंजीकृत श्रमिक की कार्य स्थल पर दुर्घटना के कारण मृत्यु होने की स्थिति में 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। सहायता उनके नामित या कानूनी उत्तराधिकारियों को देय है। यह बताया गया कि 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने से पहले पंजीकृत निर्माण श्रमिक की असामयिक मृत्यु के कारण परिवार का जीवनयापन मुश्किल हो जाता है, इसलिए निर्माण श्रमिक की मृत्यु के बाद भी शिक्षा, विवाह, निशक्तता और स्वास्थ्य के लिए वित्तीय सहायता जारी रहेगी।


 हर जिले में खुलेगा निर्माण श्रमिक कौशल विकास केंद्र
हरियाणा भवन और अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए 22 क्रेच या डे केयर सेंटर चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा, बोर्ड 22 निर्माण श्रमिक कौशल विकास केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया में भी है, जो हर जिला मुख्यालय पर बनाया जाएगा। इन केंद्रों में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को निर्माण ट्रेडों में कौशल प्रशिक्षण नि:शुल्क प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा, प्रशिक्षण अवधि के दौरान मजदूरी क्षतिपूर्ति के लिए मुआवजे के साथ-साथ प्रशिक्षण के सफल समापन पर नि:शुल्क टूलकिट देने का प्रावधान भी है।


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