429 स्कूलों में विज्ञान संकाय बंद करने का फैसला गलत : स्वराज इंडिया


429 स्कूलों में विज्ञान संकाय बंद करने का फैसला गलत : स्वराज इंडिया 




मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार। स्वराज इंडिया के राज्य अध्यक्ष राजीव गोदारा ने सरकार द्वारा 429 स्कूलों में विज्ञान संकाय बंद करने के फैसले को शिक्षा विरोधी करार दिया है। उन्होंने कहा है कि सरकार सरकारी शिक्षा को खतम कर निजीकरण की तरफ कदम बढ़ा रहे हंै और आमजनता कि पहुंच से दूर करती जा रही है। सरकारी स्कूलों में विज्ञान विषय न पढ़ाये जाने के फैसले के बाद बच्चे महंगे निजी स्कूलों में दाखिला लेने पर मजबूर होंगे और कमजोर आर्थिक स्थिति वाले छात्र पढ़ाई से वंचित हो जाएंगे। सरकार का यह कहना है कि स्कूलों में छात्रों को संख्या कम होने के कारण विज्ञान बंद किया का रहा है । ऐसे में स्वराज इंडिया सरकार से प्रधान करती है कि छात्रों को विज्ञान पढ़ने के लिए 20 से 25 किलोमीटर दूर तक जान पड़ेगा। विधियार्थि कैसे इस सफर को तय करेंगे? इसके अलावा इतनी दूरी तय करने में विद्यार्थियों का कीमती समय भी खराब होगा। इस फैसले की निन्दा करते हुए गोदारा ने कहा कि एक ही झटके में 11 व 12 के फिजिक्स केमिस्ट्री बायोलॉजी के 4213 विद्यार्थियों के भविष्य पर अंधकार के बादल मंडराने लगे है। वहीं 10 के 54808 विद्यार्थियों के अरमानों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। यह कैसी सरकार है जिसे अपने बच्चो के अरमानों के साथ खेलने में जरा भी दुख नहीं हो रहा है। यमुनानगर जिले में ली गई आरटीआई के द्वारा जानकारी के अनुसार वहां के स्कूलों में शिक्षकों के 56% पद खाली पड़े हैं और हैरान करने वाली बात है कि 88 स्कूल ऐसे हैं जहां विज्ञान का एक भी अध्यापक नहीं है। हालांकि आरटीआई के बाद में सरकार ने कुछ नियुक्तियां की थी लेकिन फिर भी इनसे भरपाई होती नजर नहीं आ रही है।

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