अब फसल अवशेषों में आग न लगाने वाले गांवों को भी मिलेंगे फसल अवशेष प्रबंधन के यंत्र


अब फसल अवशेषों में आग न लगाने वाले गांवों को भी मिलेंगे फसल अवशेष प्रबंधन के यंत्र


6 अगस्त 2019, 5:20 PM
मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार। जिला कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन स्कीम के तहत अब उन गावों में भी फसल अवशेष प्रबंधन के यंत्र अनुदान पर उपलब्ध करवाए जाएंगे जहां वर्ष 2018 के दौरान धान अवशेषों में आग नहीं लगाई गई थी। इससे पहले आग लगाने की घटनाओं वाले गांवों को ही अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध करवाने का प्रावधान था। किसान समूह अथवा व्यक्तिगत श्रेणी में अनुदान पर कृषि यंत्र लेने के लिए 14 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। सहायक कृषि अभियंता गोपीराम ने बताया कि किसानों का समूह अधिकतम 10 लाख तक के प्रोजेक्ट कीमत के कृषि यन्त्र व मशीनें फसल पैटर्न के अनुसार मशीनों का चयन करते हुए खरीद सकता है, जिस पर 80 प्रतिशत या निर्धारित अधिकतम अनुदान दिया जाएगा। कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए आॅफ लाइन आवेदन किसानों के समूह, सहकारी समितियां, महिला किसान समूह, पंजीकृत किसान समूह, एफपीओएस, पैक्स आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक किसान कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने के लिए आॅफ लाइन आवेदन 14 अगस्त सायं 5 बजे तक कर सकते हैं। आवेदन करने वाले किसान समूह या सोसायटी के पास अपना ट्रैक्टर या कम्बाईन होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि यदि इस योजना के तहत लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं तो लाभार्थी किसानों का चयन उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति द्वारा ड्रा के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ लेने वाले सभी किसानों को कृषि यंत्र भारत सरकार द्वारा अनुमोदित निमार्ताओं से ही खरीदना होगा। इसके अतिरिक्त किसानों के लिए एक लाख से अधिक कीमत के कृषि यन्त्र या मशीनरी खरीदने पर उस पर जीपीएस सिस्टम लगवाना अनिवार्य होगा और यह जीपीएस सिस्टम यंत्र निमार्ता द्वारा ही लगाया जाएगा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए किसान सहायक कृषि अभियंता कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

इन ब्लाकों में खोले जाने हैं 3 कस्टम हायरिंग सेंटर 
सहायक कृषि अभियंता ने बताया कि सामूहिक श्रेणी में हिसार खंड प्रथम व द्वितीय, हांसी-प्रथम, बरवाला व आदमपुर में 5 कस्टम हायरिंग सेंटर खोलने का लक्ष्य रखा गया है। फसल अवशेष प्रबंधन में आठ प्रकार के कृषि यंत्र शामिल किए गए हैं। इनमें सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (एस.एम.एस.), हैप्पी सीडर, पैडी स्ट्रा चोपर, सरेडर, मल्चर, शर्ब मास्टर, कटर कम स्प्रेडर, रिवर्सिबल प्लो, रोटरी स्लेसर, जीरो टिल ड्रील एवं रोटावेटर शामिल हैं। इसी प्रकार व्यक्तिगत श्रेणी में 2019-20 के दौरान जिला के हिसार प्रथम व द्वितीय खंड, हांसी प्रथम व द्वितीय, नारनौंद, उकलाना, अग्रोहा, बरवाला एवं आदमपुर में किसानों को 50 प्रतिशत या निर्धारित अनुदान पर 6 प्रकार के कृषि यंत्र उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके लिए किसान विभाग की वेबसाइट एग्रीहरियाणा डॉट ओआरजी पर 14 अगस्त तक आॅनलाइन आवेदन कर सकते हैं। व्यक्तिगत श्रेणी में योजना का लाभ उन्हीं किसानों को दिया जाएगा जिनके पास स्वयं का ट्रैक्टर हो और जिन्होंने पिछले 5 वर्ष के दौरान अनुदान नहीं लिया है। उन्होंने बताया कि एक किसान को विभिन्न प्रकार के अधिकतम 3 कृषि यंत्रों पर ही अनुदान का लाभ मिलेगा।

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