लो जी इंतजार खत्म, हिसार हवाई अड्डे से कल उड़ेगा पहला विमान



लो जी इंतजार खत्म, हिसार हवाई अड्डे से कल उड़ेगा पहला विमान 

पायलटों के प्रशिक्षण के लिएस्पाईसजेट खोलने जा रहा है बड़ा फ्लाइंग ट्रेनिंग आॅगेर्नाइजेशन 

4 हजार फीट से बढ़कर 10 हजार फीट तक होगा हिसार हवाई अड्डे का रनवे 


2 सितंबर 2019, 1:46 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
हिसार। हिसार के लोगों का हवाई उड़ान का सपना कल से पूरा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल कल हिसार हवाई अड्डे पर एयर शटल सेवा का उद्घाटन करेंगे।नागरिक उड्डयन विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि एयर शटल सेवा के शुरू होने से हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा, जिसने भारत सरकार की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) के दिशा-निदेर्शों के तहत राजकोषीय सहायता के माध्यम से एयर शटल सेवाओं के लिए एयर आॅपरेटरों से प्रस्ताव आमंत्रित करके क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की है। उन्होंने बताया कि आरम्भ में प्रति वर्ष कम से कम 100 कैडेट पायलटों के प्रशिक्षण के लिए स्पाइसजेट लिमिटेड द्वारा हिसार हवाई अड्डे पर एक बड़ा फ्लाइंग ट्रेनिंग आॅगेर्नाइजेशन स्थापित किया जा रहा है। इसमें, हरियाणा अधिवासी विद्यार्थियों को अनेक सुविधाएं दी जाएंगी, जैसेकि चार मेधावी लड़कियों को समस्त उड़ान प्रशिक्षण के लिए फीस में 50 प्रतिशत की  रियायत मिलेगी और हरियाणा अधिवासी 10 प्रतिशत विद्यार्थियों को ट्युशन फीस पर 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, स्पाइसजेट 70 प्रतिशत पायलट प्रशिक्षुओं के  समावेश के साथ-साथ प्लेसमेंट सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र में अपने प्रयासों के तहत राज्य सरकार प्रदेश में मौजूदा हवाई अड्डों के ढांचागत विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हिसार हवाई अड्डे के रनवे को  4,000 फीट से बढ़ाकर 10,000 फीट तक करने के कार्य की जल्द ही शुरू होने की संभावना है, जिससे एयरबस ए-320 जैसे बड़े विमान हिसार हवाई अड्डे पर उतर सकेंगे। अन्य चार एयरफील्ड अर्थात्; करनाल, भिवानी, नारनौल और पिंजौर के विकास के लिए व्यवहार्यता अध्ययन किया जा रहा है ताकि इन एयरफील्ड्स का उपयोग न केवल एयर कनेक्टिविटी के लिए, बल्कि फ्लाइंग ट्रेनिंग आगेर्नाइजेशन, एमआरओ, ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग एवं ट्रेनिंग सुविधाओं की स्थापना, एयरो स्पोर्ट्स और एडवेंचर गतिविधियों के संचालन के लिए मल्टीपरपज हब स्थापित करने के लिए किया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा अंतर्राष्ट्रीय यात्री और कार्गो हवाई अड्डे, विमानन अकादमी और एयरोस्पेस और रक्षा उद्योग के भावी विकास के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट एक मसौदा तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटेड एविएशन हब, हिसार हरियाणा सरकार की एक मेगा परियोजना है, जिसे चरणबद्ध तरीके से योजनाबद्ध रूप से नागरिक उड्डयन विभाग के सहयोग से निष्पादित किया जा रहा है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा लाइसेंस प्राप्त राज्य के पहले एरोड्रम और हिसार हवाई अड्डे पर टर्मिनल भवन की स्थापना करके परियोजना के पहले चरण का कार्य रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है।

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