हरियाणा : नीतिगत मांगों पर नहीं बनी बात, आंदोलन जारी रखेगा सर्व कर्मचारी संघ
हरियाणा मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
चंडीगढ़। नीतिगत मांगों पर सरकार और सर्व कर्मचारी संघ के बीच बैठक में कोई नतीजा निकल पाया है। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और कर्मचारी नेताओं के बीच वीरवार को सिविल सचिवालय में दो घंटे चली बैठक में करीब आधा दर्जन मांगों पर सहमति बन गई, जबकि बड़ी मांगों पर कोई निर्णय नहीं हो सका। बैठक में सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान सुभाष लांबा व महासचिव सतीश सेठी ने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलनों व हड़ताल में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ की गई उत्पीड़न एवं दमन की कार्रवाई को लटकाकर रखना चाहती है। इसका सर्व कर्मचारी संघ डटकर विरोध करेगा। उन्होंने बताया कि रोडवेज की हड़ताल के दौरान कर्मचारियों पर 1274 झूठे मुकदमे दर्ज कर उनकी सर्विस ब्रेक कर दी गई। मुकदमे वापस लेने और पिछले साल 8 व 9 जनवरी की हड़ताल को लीव आफ काइंड ड्यूटी करने से मना कर दिया गया है। लांबा ने कहा कि 20 जुलाई को मुख्यमंत्री के साथ हुई मीटिंग में करीब 24 बिंदुओं पर सहमति बनी थी, प्रोसिडिंग में केवल 12 का ही उल्लेख किया गया है। इसमें भी केवल दो के ही पत्र जारी हुए। पंजाब के समान वेतनमान व पेंशन तथा कच्चे कर्मियों को पक्का करने से भी सरकार ने मना कर दिया है। पुरानी पेंशन बहाली नहीं होगी।
13 सितंबर 2019, 11:35 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
चंडीगढ़। नीतिगत मांगों पर सरकार और सर्व कर्मचारी संघ के बीच बैठक में कोई नतीजा निकल पाया है। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और कर्मचारी नेताओं के बीच वीरवार को सिविल सचिवालय में दो घंटे चली बैठक में करीब आधा दर्जन मांगों पर सहमति बन गई, जबकि बड़ी मांगों पर कोई निर्णय नहीं हो सका। बैठक में सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान सुभाष लांबा व महासचिव सतीश सेठी ने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलनों व हड़ताल में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ की गई उत्पीड़न एवं दमन की कार्रवाई को लटकाकर रखना चाहती है। इसका सर्व कर्मचारी संघ डटकर विरोध करेगा। उन्होंने बताया कि रोडवेज की हड़ताल के दौरान कर्मचारियों पर 1274 झूठे मुकदमे दर्ज कर उनकी सर्विस ब्रेक कर दी गई। मुकदमे वापस लेने और पिछले साल 8 व 9 जनवरी की हड़ताल को लीव आफ काइंड ड्यूटी करने से मना कर दिया गया है। लांबा ने कहा कि 20 जुलाई को मुख्यमंत्री के साथ हुई मीटिंग में करीब 24 बिंदुओं पर सहमति बनी थी, प्रोसिडिंग में केवल 12 का ही उल्लेख किया गया है। इसमें भी केवल दो के ही पत्र जारी हुए। पंजाब के समान वेतनमान व पेंशन तथा कच्चे कर्मियों को पक्का करने से भी सरकार ने मना कर दिया है। पुरानी पेंशन बहाली नहीं होगी।


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