हरियाणा : एक महीने से पहले ही जुदा हुई बुआ-भतीजे की जोड़ी, चुनाव से पहले टूटा जेजेपी-बसपा गठबंधन
बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने दम पर अकेले ही चुनाव लड़ने का किया ऐलान
07 सितंबर 2019, 11:43 AM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
चंडीगढ/हिसार। लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी से गठबंधन तोड़ने के उपरांत जननायक जनता पार्टी से गठबंधन करने वाली बहुजन समाज पार्टी ने अब जेजेपी से भी राजनीतिक नाता तोड़ लिया है। बुआ-भतीजे(मायावती-दुष्यंत) की जोड़ी एक माह भी एकजुट नहीं रह सकी। इस जुदाई के पीछे बसपा सुप्रीमो मायावती ने जेजेपी पर टिकट वितरण में मनमानी का आरोप लगाया है। शुक्रवार रात मायावती ने प्रेस के जरिए घोषणा कर दी कि बसपा विधानसभा चुनाव में किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और अपने बलबूते पर राज्य की सभी 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। कयास लगाए जा रहे थे कि जजपा के साथ गठबंधन टूटने के बाद बसपा और कांग्रेस का गठबंधन हो सकता है, लेकिन मायावती ने स्पष्ट कर दिया कि हाल फिलहाल वह कांग्रेस के साथ नहीं जा रही है। बता दें कि बसपा और जननायक जनता पार्टी के बीच गठबंधन पूरे 1 माह भी नहीं चला। पिछले महीने 11 अगस्त को दुष्यंत चौटाला और सतीश मिश्रा ने दोनों दोनों दलों के बीच गठबंधन का एलान किया था। हरियाणा में पिछले 5 साल के दौरान बसपा का जननायक जनता पार्टी के साथ यह तीसरा गठबंधन था। इससे पहले बसपा राज्य में अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व वाली इनेलो और फिर पूर्व सांसद राजकुमार सैनी के नेतृत्व वाली लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के साथ गठबंधन कर चुकी है।
जिसके साथ गई बसपा, उसी की डूबोई लुटिया
हरियाणाा के चुनावों में तो बसपा का इतिहास रहा है कि बसपा ने यहां जिस भी पार्टी को समर्थन दिया, उसी की लुटिया डूब गई। 2014 चुनाव के दौरान बसपा का कुलदीप बिश्नोई के नेतृत्व वाली हरियाणा जनहित कांग्रेस के साथ भी गठबंधन रहा है। हरियाणा जनहित कांग्रेस से पहले बसपा 1998 में ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व वाली इनेलो के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ चुकी है। हरियाणा में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बसपा और जज्बा का गठबंधन टूटने के बाद जजपा नेता सकते में है। गठबंधन के बाद दुष्यंत चौटाला ने ऐलान किया था कि मायावती के हाथी पर बैठकर जजपा चंडीगढ़ में सत्ता की चाबी से राज का दरबार खोलेगी।
बसपा और मायावती का गठबंधन टूटना स्वाभाविक :जवाहर यादव
"पहले बसपा और इनेलो का गठबंधन टूटा और अब बसपा और जजपा का गठबंधन टूटा। ये दोनों गठबंधन टूटने स्वाभाविक थे क्योंकि मायावती ने 25 अक्टूबर 2002 में दलितों पर अत्याचार को लेकर चौटाला सरकार और उनके नेताओं को जिम्मेदार ठहराया था। नेता मतलब अजय चौटाला और अभय चौटाला।
जवाहर यादव, पूर्व ओएसडी
मुख्यमंत्री हरियाणा


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