बड़ा ऐलान : वाहन की उपलब्धता न होने से कॉलेज आने-जाने में परेशान हो रही बेटियों को जेजेपी सरकार आने पर देंगे स्कूटी
बरवाला हलके के गांवों में जनसंपर्क अभियान के दौरान नैना चौटाला ने किया ऐलान
बोली, नींद में सोई बीजेपी सरकार ने हरियाणा को कुपोषण में बनाया नंबर वन
21 सितंबर 2019, 12:20 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
हिसार/चंडीगढ़। डबवाली से पूर्व विधायिका एवं जननायक जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री नैना सिंह चौटाला ने कहा है कि हरियाणा में बढ़ते अपराधों के चलते महिलाओं में बढ़ती असुरक्षा की भावना से ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली बेटियों को अपने शिक्षण संस्थानों तक जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सैंकड़ों गांवों में सरकारी बसों के रूट भाजपा सरकार ने बंद कर दिए हैं। यातायात की सुविधा की कमी के चलते हजारों बेटियां उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती है। श्रीमती चौटाला यहां हिसार जिले के बरवाला हलके के गांवों में जननायक देवीलाल जयंती पर रोहतक में होने वाले समारोह के लिए न्यौता देने पहुंची थी। नैना चौटाला ने कहा कि जेजेपी की सरकार बनने पर इस समस्या का पूर्ण रूपेण निदान कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांवों में बसों की सुविधा दी जाएगी और जहां बसों की सुविधा नहीं होगी वहां बेटियों को यातायात के वैकल्पिक साधन जैसे निजी बसें, कैब, थ्री व्हीलर की सुविधा प्रदान की जाएंगी। उपरोक्त साधनों की उपलब्धता न होने पर कालेज आने-जाने के लिए बेटियों को स्कूटी की उपलब्ध करवाई जाएगी। नैना सिंह चौटाला ने कुपोषण पर चिंता जाहिर करते हुए राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की है। साथ ही उन्होंने इसके लिए नींद में सोई भाजपा सरकार को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया हैं। नैना चौटाला ने कहा कि प्रदेश से कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने समय-समय पर कई बार उचित कदम उठाने के लिए ये मामला सरकार के संज्ञान में डाला था लेकिन इसके बावजूद भी प्रदेश सरकार ने कोई गंभीर कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि इसका परिणाम ये हुआ कि आज प्रदेश में 74 प्रतिशत बच्चे और 65 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं कुपोषण के शिकार है, जिसकी वजह से प्रदेश में आए दिन नवजात बच्चों और गर्भवती महिलाओं की मृत्यु दर बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा का कुपोषण में नंबर वन बनने के पीछे पूरी तरह भाजपा सरकार जिम्मेदार है क्योंकि उन्होंने इसी वर्ष फरवरी माह में हुए हरियाणा के विधानसभा बजट सत्र के दौरान महिलाओं और बच्चों से संबधित कुपोषण का मुद्दा उठाते हुए गहरी चिंता जाहिर की थी लेकिन इसके बावजूद भी सरकार गंभीर नहीं हुई।
नैना चौटाला ने बताया कि उन्होंने विधानसभा में अपनी बात रखते हुए सरकार से मांग की थी कि प्रदेश के सभी अस्पतालों में डॉक्टरों की ड्यूटी लगाकर महिलाओं को पर्याप्त मात्रा में आयरन और विटामिन की गोलियों उपलब्ध करवाई जाए ताकि प्रदेश से कुपोषण दूर हो। साथ ही इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को जागरूक भी किया जाए लेकिन इंडियन काउंसिल आॅफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के ताजा आंकड़ों ने भाजपा सरकार की पोल खोल कर रख दी है कि वो प्रदेश के बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर कितनी गंभीर है।


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