हरियाणा : मनोहर-2 कैबिनेट पर अभी फंसा है पेंच, पीएम मोदी व गृह मंत्री अमित शाह से मिले सीएम
30 अक्तूबर 2019, 1:52 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
नई दिल्ली। हरियाणा में नई भाजपा-जजपा सरकार कैबिनेट में किन-किन चेहरों को जगह मिलने वाली है, इस पर अभी भी असमंजस बरकरार है। अभी तक केवल मुख्यमंत्री मनोहरलाल और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने ही शपथ ली है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार कैबिनेट के सदस्यों पर अभी भारतीय जनता पार्टी और जननायक जनता पार्टी के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। इसमें मंत्रियों के विभागों को लेकर सबसे अधिक पेंच फंसा हुआ है। यही कारण है मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला दिल्ली में ही डटे हैं और केंद्रीय नेताओं से बातचीत का दौर जारी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज सुबह 10.15 बजे पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसके बाद सीएम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व गृह मंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे। हालांकि इसे शिष्टाचार मुलाकात बताई जा रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि सीएम की दोनों नेताओं से मंत्रीमंडल विस्तार को लेकर चर्चा की है। सीएम और डिप्टी सीएम पद की शपथ के बाद अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि मंत्रीमंडल में किसे-किसे जगह मिलेगी। वहीं एक दिन पहले मंगलवार को दिल्ली में नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक हुई थी। इस बैठक में तय किया गया था कि 14वीं विधानसभा का पहला सत्र 4 नवंबर को बुलाया जाएगा। इसमें सभी विधायकों की शपथ, राज्यपाल का अभिभाषण व विधानसभा स्पीकर का चयन होगा। सीएम ने मंगलवार को ही राष्ट्रपति रामनाथ गोविंद, उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से दूसरी बार सीएम बनने के बाद मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल से नई दिल्ली में मंत्री पद की आस लेकर मिलने वाले विधायकों को भी अभी यही कहा जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल का विस्तार तीन चरणों में किया जाएगा।
कंवरपाल गुर्जर व कमल गुप्ता का नाम सबसे आगे
भाजपा-जजपा सरकार को अब विधानसभा सत्र की तैयारियों में जुटना होगा। वैसे तो इस सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण के अलावा नवनिर्वाचित विधायकों की शपथ होनी है, लेकिन सबसे अहम विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होगा। भाजपा के रणनीतिकार इन दोनों पदों पर अपने दल के विधायकों को आसीन करना चाहते हैं। 2014 के चुनाव में जब भाजपा के 47 विधायक चुने गए थे तब भी पार्टी के रणनीतिकारों ने उपाध्यक्ष पद गैर सत्तारूढ़ दल को नहीं दिया था। इसी तरह इस बार भाजपा दोनों पदों पर अपने विधायकों को बैठाना चाहते हैं। इसके लिए सबसे उपयुक्त नामों में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल गुर्जर, पंचकूला के विधायक ज्ञानचंद गुप्ता, हिसार के विधायक कमल गुप्ता का नाम आ रहा है। पार्टी के रणनीतिकार यह चाहते हैं कि भाजपा के हित में कंवरपाल गुर्जर ही दोबारा विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाएं क्योंकि उन्होंने पिछले पांच साल विपक्ष के साथ समन्वय बनाकर सदन चलाया था। हालांकि खुद कंवरपाल गुर्जर इसके लिए तैयार नहीं हैं। वह इस बार मंत्रिमंडल में स्थान चाहते हैं।


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