प्यारे बच्चों ! यातायात नियमों का करो पालन, साईबर क्राईम व नशे से भी रहें बच के


प्यारे बच्चों ! यातायात नियमों का करो पालन, साईबर क्राईम व नशे से भी रहें बच के




 18 नवंबर 2019, 11:28 PM
 सन्नी कथूरिया। हरियाणा मीडिया जंक्शन
पानीपत। स्कूली बच्चों को यातायात नियमों बारे जागरूक करने के लिए पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार के दिशा निदेर्शानुसार पुलिस ने विशेष जागरूकता अभियान चलाया है। इसी अभियान के तहत पुलिस की टीम ने आज आर्य बाल भारती पब्लिक स्कूल में छात्राओं को यातायात नियमों, साईबर क्राईम व नशे से बचाव के बारे जागरूक किया। इस अवसर पर रिटायर्ड डीएपी श्रीमति विधावती बतौर कंसलटेंट ने विद्यार्थियों को बताया कि यातायात नियमों की हर किसी को जानकारी है, इसके बावजूद हर रोज सड़कों पर हादसे हो रहे हैं। इनका मुख्य कारण लापरवाही है। व्यक्ति की वाहन चलाते समय बरती गई लापरवाही ही खुद के साथ दूसरे की जान ले सकती है। अब अंडर ऐज का कानून बदल चुका है। स्कूली बच्चों के साथ उनके अभिभावकों को सजग होने की जरूरत है। नाबालिग बिना ड्राईविंग लाइसेंस के कोई हादसा कर देता है तो अभिभावक को तीन साल सजा व 25 हजार रुपए जुमार्ना भरना पड़ेगा। इसलिए अंडर ऐज वाहन ना चलाएं। वाहन चलाते समय यातायात के सभी नियमों की पालना करें। दो पहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेल्मेट का प्रयोग करें, ओवर स्पीड वाहन न चलाएं, कोई भी वाहन चलाते समय मोबाईल फोन का प्रयोग ना करें, दो पहियां वाहन पर ट्रीपल राइडिंग ना करें, रांग साईड वाहन न चालए, नशा करके वाहन न चलाएं, चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग करें इत्यादी यातायात के सभी नियमों की पालना करें। यातायात नियमों को अपनाने से हादसों मेंं कमी आएगी। उन्होंने छात्राओं व स्टाफ को 1 सितंबर 2019 से यातायात के नए नियमों व जुमार्ना राशि बारे भी जानकारी दी। इस अवसर पर आर्य बाल भारती पब्लिक स्कूल की प्रिसिंपल श्रीमति रेखा शर्मा व उनके पूरे स्टाफ ने इस अभियान की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार व रिटायर्ड डीएसपी श्रीमति विधावति का आभार व्यक्त किया।

बचकर रहें साइबर अपराधियों से
साईबर क्राईम बारे जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि साइबर अपराध एक गंभीर विषय है। जो कभी बिना जानकार के भी हो जाता है। साइबर में कम्पयूटर, मोबाइल, लेपटॉप तथा नेटवर्क शामिल हंै। इन उपकरणों पर जब कभी भी आप किसी बैंक अथवा संस्थानों की वेबसाइट खोलते हो तो उससे मिलती जूलती और कई साइट भी दिखाई देती हंै जिसमें असली आईडी की पहचान करना मुश्किल हो जाता है और हम ठगी का शिकार हो जाते हंै। बैंक और वेबसाइट पर काम करते समय सावधानी बरतने की जरूत है। वाटसएप या फेसबुक पर आने वाली जानकारियों की जांच पड़ताल के बाद की शेयर करें। फेसबुक पर अंजान लोगों के साथ दोस्ती ना करें। उन्होंने एटीएम बंद होने या ईनाम का लालच देकर खातों से रुपए निकालने की घटनाओं का जिक्र करते हुए इस तरह के फोन काल आने पर एटीएम नंबर या ओटीपी नंबर न बताने बारे कहा।

इस नंबर पर दे सकते हैं नशा तस्करों की जानकारी
नशे के दुषप्रभावों बारे छात्राओं को जानकारी देते हुए बताया कि आज युवा पीढी नशे की गिरफत मे आ रही है। नशे के कारण युवाओ का भविष्य बर्बाद हो रहा है। इसलिए युवाओं को स्वंय जागरूक रहकर दूसरों को भी इस बुराई के चुंगल मे फंसने से बचाना होगा। उन्होने कहा की नशा तस्करों की सूचना पुलिस को दे सूचना देने वाले की पहचान भी गुप्त रखी जाएगी। नशा तस्करों की सूचना देने के लिए पुलिस अधीक्षक  सुमित कुमार ने जिला में अलग से मोबाईल नंबर 7082270823 भी जारी किया हुआ है।

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