हरियाणा में विदेशी निवेश को बढ़ाने के लिए यह है ‘मनोहर’ प्लान
निवेश व निर्यात को नई दिशाएं देने के लिए विदेश सहयोग विभाग स्थापित करने की तैयारी
19 नवंबर 2019, 8:49 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में निवेश व निर्यात को नई दिशाएं देने के लिए विदेश सहयोग विभाग स्थापित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि स्थापित किए जाने वाला विदेश सहयोग विभाग हरियाणा में विदेशी निवेशकों व विदेशों में निवेश करने वाले हरियाणा के निवेशकों को प्रत्येक दृष्टि से सहयोग करेगा। विदेश सहयोग विभाग विशेषकर कृषि आधारित उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित किए जाने की दिशा में कार्य करेगा और इससे हरियाणा की कृषि अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो सकेगी। अप्रवासी भारतीयों को भी विदेश सहयोग विभाग सहयोग व सहायता करेगा। मुख्यमंत्री ने 39 वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-2019 में हरियाणा मंडप की विषयवस्तु (थीम) ईज आॅफ डूईंग बिजनेस की प्रशंसा करते हुए कहा कि वर्तमान में हरियाणा राज्य उद्यमियों के लिए अवसरों की धरती बन चुकी है। उनहोंने हरियाणा राज्य दिवस पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किए जाने पर हरियाणा के कला एवं संस्कृति विभाग की प्रशंसा की और विभाग के लिए मौके पर ही 05 लाख रुपये की स्वीकृति की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य भारत की अर्थव्यवस्था को विकसित कर वर्ष 2024 तक 3 ट्रिलियन डॉलर से बढ़ाकर 5 ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था के समूह देशों में शामिल करना है। इसी दिशा में हरियाणा सरकार का लक्ष्य भी हरियाणा की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2024 तक दोगुणा कर 5 लाख करोड़ रुपए तक विकसित करने का है।
ईज आफ डूईंग बिजनेस में हरियाणा 14वें नंबर पर
सीएम ने कहा कि ईज आॅफ डूईंग बिजनेस की दृष्टि से वर्ष 2014 में हरियाणा का देश में 14 वां स्थान था। हरियाणा सरकार की उदार एवं उद्यम अनुकूल नीतियों के परिणामस्वरूप ही ईज आॅफ डूईंग बिजनेस की दृष्टि से वर्तमान में हरियाणा का देश में तृतीय व उत्तर भारतीय राज्यों में प्रथम स्थान है और ह्यईज आॅफ डूईंग बिजनेस की दृष्टि से हरियाणा को देश में वर्ष 2020 तक प्रथम स्थान के राज्य के रूप में स्थापित किए जाने का लक्ष्य है।
3500 में से 1500 पुरातात्त्विक स्थल हरियाणा में
सीएम ने सरस्वती नदी का जिक्र करते हुए हरियाणा को प्राचीन आर्यकाल की वेदों की रचना स्थली बताया और कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अनुसार भारत में खोजे गए लगभग 3500 पुरातात्त्विक स्थलों में से 1500 पुरातात्त्विक स्थल हरियाणा में पाए गए हैं। हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक व सामाजिक परंपराएं रही हैं। हरियाणा की धरती गीता के पवित्र ज्ञान की उद्गमस्थली है।
निवेश व निर्यात को नई दिशाएं देने के लिए विदेश सहयोग विभाग स्थापित करने की तैयारी
19 नवंबर 2019, 8:49 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में निवेश व निर्यात को नई दिशाएं देने के लिए विदेश सहयोग विभाग स्थापित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि स्थापित किए जाने वाला विदेश सहयोग विभाग हरियाणा में विदेशी निवेशकों व विदेशों में निवेश करने वाले हरियाणा के निवेशकों को प्रत्येक दृष्टि से सहयोग करेगा। विदेश सहयोग विभाग विशेषकर कृषि आधारित उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित किए जाने की दिशा में कार्य करेगा और इससे हरियाणा की कृषि अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो सकेगी। अप्रवासी भारतीयों को भी विदेश सहयोग विभाग सहयोग व सहायता करेगा। मुख्यमंत्री ने 39 वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-2019 में हरियाणा मंडप की विषयवस्तु (थीम) ईज आॅफ डूईंग बिजनेस की प्रशंसा करते हुए कहा कि वर्तमान में हरियाणा राज्य उद्यमियों के लिए अवसरों की धरती बन चुकी है। उनहोंने हरियाणा राज्य दिवस पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किए जाने पर हरियाणा के कला एवं संस्कृति विभाग की प्रशंसा की और विभाग के लिए मौके पर ही 05 लाख रुपये की स्वीकृति की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य भारत की अर्थव्यवस्था को विकसित कर वर्ष 2024 तक 3 ट्रिलियन डॉलर से बढ़ाकर 5 ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था के समूह देशों में शामिल करना है। इसी दिशा में हरियाणा सरकार का लक्ष्य भी हरियाणा की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2024 तक दोगुणा कर 5 लाख करोड़ रुपए तक विकसित करने का है।
ईज आफ डूईंग बिजनेस में हरियाणा 14वें नंबर पर
सीएम ने कहा कि ईज आॅफ डूईंग बिजनेस की दृष्टि से वर्ष 2014 में हरियाणा का देश में 14 वां स्थान था। हरियाणा सरकार की उदार एवं उद्यम अनुकूल नीतियों के परिणामस्वरूप ही ईज आॅफ डूईंग बिजनेस की दृष्टि से वर्तमान में हरियाणा का देश में तृतीय व उत्तर भारतीय राज्यों में प्रथम स्थान है और ह्यईज आॅफ डूईंग बिजनेस की दृष्टि से हरियाणा को देश में वर्ष 2020 तक प्रथम स्थान के राज्य के रूप में स्थापित किए जाने का लक्ष्य है।
3500 में से 1500 पुरातात्त्विक स्थल हरियाणा में
सीएम ने सरस्वती नदी का जिक्र करते हुए हरियाणा को प्राचीन आर्यकाल की वेदों की रचना स्थली बताया और कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अनुसार भारत में खोजे गए लगभग 3500 पुरातात्त्विक स्थलों में से 1500 पुरातात्त्विक स्थल हरियाणा में पाए गए हैं। हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक व सामाजिक परंपराएं रही हैं। हरियाणा की धरती गीता के पवित्र ज्ञान की उद्गमस्थली है।


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