हरियाणा : जेलों में कैदियों को हेपेटाइटिस से बचाने को हेपेटाइटिस-बी की स्क्रीनिंग करवाएगी सरकार
12 दिसंबर 2019, 8:25 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
चंडीगढ़। कैदियों को हेपेटाइटिस जैसी बीमारी से बचाने के लिए प्रदेश के सभी 22 जिलों में कैदियों की हेपेटाइटिस-सी की तर्ज पर हेपेटाइटिस-बी की भी स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके अलावा 8 जिलों नामत: फतेहाबाद, कैथल, करनाल, जींद, पानीपत, सोनीपत, सिरसा और हिसार में सक्रिय सर्वेक्षण के तहत घर-घर जाकर आमजन की भी हेपेटाइटिस बी के लिए स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके लिए राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम को और अधिक मजबूती से चलाया जाएगा। हरियाणा के एकीकृत परामर्श और परीक्षण (आईसीटी) और एंटी रेट्रोवायरल उपचार (एआरटी) केन्द्रों पर भी हेपेटाइटिस-सी की स्क्रीनिंग की जाएगी। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि शीघ्र ही कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल, बीपीएस मेडिकल कॉलेज सोनीपत और एसएचकेएम मेडिकल कॉलेज नूंह में 3 नए नेत्र बैंक खोलने की योजना है। उन्होंने बताया कि एलिसा और कल्चर परीक्षण करने के लिए आईडीएसपी के तहत अम्बाला, हिसार, करनाल और यमुनानगर में चार जिलों की प्रयोगशालाओं को अपडेट किया गया है तथा इस प्रकार की सुविधा शेष 18 जिलों की प्रयोगशालाओं में भी करने की का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान एनपीसीपी और श्क पोर्टल की भी समीक्षा की गई, जिस पर 25000 मरीज पंजीकृत हो चुके हैं।
16 जिलों में नेत्रदान केंद्र चालू, 5 जिलों में लगाए जा रहे फंडस कैमरे
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक अमनीत पी कुमार ने बताया कि नेत्र दान केंद्रों को पहले से ही 16 जिलों में चालू कर दिया गया है, जिनके लिए एक लाख रुपए प्रत्येक जिले को जारी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नागरिक अस्पताल पंचकूला, करनाल, मेवात, सिरसा और गुरुग्राम में डायबिटिक रेटिनोपैथी की स्क्रीनिंग के लिए 5 नए फंडस कैमरे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नूंह में मलेरिया की घटनाओं में काफी कमी आई है और वर्ष 2019 के दौरान राज्य में मलेरिया और डेंगू की कुल घटनाओं में 52 प्रतिशत से 42 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की है। इसलिए जिला नूंह और पलवल के उच्च जोखिम वाले पीएचसी में मलेरिया के निदान और उपचार के लिए सामूहिक जांच की जाएगी।
12 दिसंबर 2019, 8:25 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
चंडीगढ़। कैदियों को हेपेटाइटिस जैसी बीमारी से बचाने के लिए प्रदेश के सभी 22 जिलों में कैदियों की हेपेटाइटिस-सी की तर्ज पर हेपेटाइटिस-बी की भी स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके अलावा 8 जिलों नामत: फतेहाबाद, कैथल, करनाल, जींद, पानीपत, सोनीपत, सिरसा और हिसार में सक्रिय सर्वेक्षण के तहत घर-घर जाकर आमजन की भी हेपेटाइटिस बी के लिए स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके लिए राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम को और अधिक मजबूती से चलाया जाएगा। हरियाणा के एकीकृत परामर्श और परीक्षण (आईसीटी) और एंटी रेट्रोवायरल उपचार (एआरटी) केन्द्रों पर भी हेपेटाइटिस-सी की स्क्रीनिंग की जाएगी। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि शीघ्र ही कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल, बीपीएस मेडिकल कॉलेज सोनीपत और एसएचकेएम मेडिकल कॉलेज नूंह में 3 नए नेत्र बैंक खोलने की योजना है। उन्होंने बताया कि एलिसा और कल्चर परीक्षण करने के लिए आईडीएसपी के तहत अम्बाला, हिसार, करनाल और यमुनानगर में चार जिलों की प्रयोगशालाओं को अपडेट किया गया है तथा इस प्रकार की सुविधा शेष 18 जिलों की प्रयोगशालाओं में भी करने की का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान एनपीसीपी और श्क पोर्टल की भी समीक्षा की गई, जिस पर 25000 मरीज पंजीकृत हो चुके हैं।
16 जिलों में नेत्रदान केंद्र चालू, 5 जिलों में लगाए जा रहे फंडस कैमरे
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक अमनीत पी कुमार ने बताया कि नेत्र दान केंद्रों को पहले से ही 16 जिलों में चालू कर दिया गया है, जिनके लिए एक लाख रुपए प्रत्येक जिले को जारी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नागरिक अस्पताल पंचकूला, करनाल, मेवात, सिरसा और गुरुग्राम में डायबिटिक रेटिनोपैथी की स्क्रीनिंग के लिए 5 नए फंडस कैमरे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नूंह में मलेरिया की घटनाओं में काफी कमी आई है और वर्ष 2019 के दौरान राज्य में मलेरिया और डेंगू की कुल घटनाओं में 52 प्रतिशत से 42 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की है। इसलिए जिला नूंह और पलवल के उच्च जोखिम वाले पीएचसी में मलेरिया के निदान और उपचार के लिए सामूहिक जांच की जाएगी।


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