तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई सरकारी गोदाम में घुसने की, दोबारा घुसकर दिखाओ फिर बताता हूं




तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई सरकारी गोदाम में घुसने की, दोबारा घुसकर दिखाओ फिर बताता हूं

मानसून के समय अनाज भंडारण का जायजा लेने गए पत्रकार को फूड इंस्पेक्टर की धमकी 

मीडिया जंक्शन न्यूज
उकलाना। सरकारी अधिकारी और कर्मचारी जब अपना काम बखूबी नहीं कर पाते हैं और उनकी लापरवाही मीडिया देश और प्रदेश के सामने लाने की कोशिश करती है तो उल्टा उन्हें ही धमका कर मामले को दबाने का प्रयास किया जाता है। एक तरीके से कहा जाए तो उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत यहां चरितार्थ होती नजर आ रही है। मामला हिसार जिले के उकलाना खंड में बने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के गोदामों का है, जहां मीडिया की टीम बरसात के बाद भंडारण की ग्राउंड रियलिटी का पता करने पहुंची थी। गौदाम में मौके पर कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं मिला। सिर्फ चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी ही वहाँ तैनात थे। हमारे सवांददाता ने ग्राउंड रियलिटी में जो पाया वह यह था कि बारिश के कारण गोदाम का गेहूं काफी हद तक खराब हो चुका है और उसमें नमी की मात्रा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बोरियों में बंद गेहूं अंकुरित हो गया है। जैसे ही मीडिया के लोग अपनी स्टोरी को कवर करके वापिस मुड़े, तभी फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट के एक अधिकारी का कॉल आया जिन्होंने अपने आपको वहां इंस्पेक्टर के रूप में तैनात बताया। अधिकारी ने धमकाने वाले अंदाज में मीडिया के लोगों से कहा कि वह किस की परमिशन से उनके गोदाम में घुसे थे? जब पत्रकारों ने उनसे कहा कि वह सिर्फ बरसात के दिनों में भंडारण की स्थिति की ग्राउंड रियलिटी चेक करने आए थे तो अधिकारी जी इस जवाब पर और अधिक उखड़ गए। अधिकारी ने गौदाम को अपनी पैतृक जागीर बताते हुए कहा कि यह मेरा अपना घर है और मेरे घर में घुस कर दिखाओ फिर मैं तुम्हे बताता हूँ कि कैसे पत्रकार बने फिरते हो। अपने आप को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में इंस्पेक्टर बताने वाले रामफल नामक अधिकारी ने स्थानीय पत्रकार को इतनी तक धमकी दे डाली कि अगर हिम्मत है तो दोबारा उनके गोदाम में घुसकर दिखाओ। हालांकि इस दौरान स्थानीय पत्रकार उन्हें बार-बार संयम बरतने की अपील करता रहा लेकिन अधिकारी जी पर तो शायद अपने पद का गुरूर इतना हावी था कि उन्हें यह भी नहीं सूझा कि वह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ से इस तरीके का दुर्व्यवहार कर रहा है।  एक तरफ इस देश और प्रदेश में लाखों-करोड़ों लोग हर रोज भूखे सोते हैं दूसरी तरफ इस तरीके से अनाज की सरेआम बबार्दी हो रही है। यह कोई अकस्मात समय में नहीं बल्कि मॉनसून की बारिश है क्योंकि मानसून के समय लंबे समय तक चलने वाली बारिश के दिनों में, खासकर खुले में पड़े गेहूं  के रखरखाव में और अधिक एहतियात बरतने की आवश्यकता होती है जिसकी जानकारी  विभाग के तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों को भी  होती है लेकिन  करोड़ों रुपए के गेहूं को इस तरीके से लापरवाही कर खराब करने और बाद में  एक्सपोज होने के डर से मीडिया को दबंगई दिखा कर धमकाने वाले इन अधिकारी पर शायद किसी तरीके का कोई कानून लागू नहीं होता।

अब पूरे घटनाक्रम से ही मुकर गया इंस्पेक्टर 
हालांकि संवाददाता ने जब इस पूरे मामले पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर रामफल सिंह से टेलीफोन पर बात की तो वो पूरे घटनाक्रम से ही नाकार गया। उन्होंने बताया कि खराब गेहूं के गोदाम की जो वीडियो है वह उनका नहीं है बल्कि किसी अन्य भंडारण एजेंसी का है जिसका गोदाम भी उनके साथ ही लगता हुआ है। रामपाल सिंह ने कहा कि उन्होंने किसी भी तरीके से पत्रकारों के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया है।


पत्रकारों में रोष 
इस घटना के बाद जिले के पत्रकारों में गहरा रोष व्याप्त है और जल्द ही जिला उपायुक्त को मिलकर संबंधित बदतमीज अधिकारी की शिकायत सौंपे जाने पर विचार किया जा रहा है ताकि ऐसे बेलगाम अधिकारियों पर कठोर से कठोर कार्रवाई हो सके।


अब क्या कार्रवाई करेगी सरकार 
अब देखना यह है कि जीरो टॉलरेंस नीति पर काम करने का दावा करने वाली सरकार इस अधिकारी पर किस तरह की कार्यवाही कर लगाम कसती है या फिर हमेशा की तरह इस बार भी यह मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा।


सरकार ने सभी सरकारी गौदमों में अनाज की सुरक्षा के लिए हर तरीके की व्यवस्था कर रखी है और वहां तैनात कर्मचारियों को इसके लिए हर संभव कदम उठाने चाहिए, जो उनकी ड्यूटी भी है। इस मामले को लेकर संबंधित विभाग के मंत्री महोदय से चर्चा कर यह घटना उनके संज्ञान में लाएंगे। संबंधित जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी को फोन कर आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए आदेश दे दिए हैं।श्री निवास गोयल, चैयरमैन
हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन

सीएम से मिलेंगे कांग्रेस कार्यकर्ता 
मीडिया का अधिकार है कि वो किसी भी मामले को लेकर उसकी पड़ताल कर सच्चाई को सामने ला सकता है और आज की घटना में जिस तरीके से अधिकारी ने मीडिया के लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया है उनके खिलाफ सरकार को सख्त से सख्त कार्यवाही करनी चाहिए। अधिकारियों की लापरवाही से हजारों टन गेहूं खुले में खराब हो रहा है जो किसानों ने अपने खून पसीने से मेहनत करके पैदा किया था। इस मसले पर कार्यवाही के लिए अपने कांग्रेस पार्टी के समस्त साथियों के साथ जल्द ही मुख्यमंत्री और स्थानीय सांसद से मिल कार्यवाही की मांग करेगे। 
सुरेन्द्र लितानी, पूर्व अध्यक्ष, युवा कांग्रेस हल्का उकलाना

पूरे मामले की जांच की जा रही है 
यह मामला उनके संज्ञान में आ गया है और पीड़ित पत्रकार से आॅडियो रिकॉर्डिंग लेकर इस पूरे मामले की जांच करेंगे।  
सुभाष सिहाग, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी, हिसार

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