भाजपा एससी सैल हिसार के जिला प्रधान के खिलाफ जींद में दर्ज हुई एफआईआर
पीएचडी शोधार्थी की शिकायत पर हुई कार्रवाई
फीस लेने के बाद भी यूनिवर्सिटी में नहीं करवाई थी जमा
10 साल तक डिग्री लटकाने का है आरोप
मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार। आंध्र प्रदेश की स्टेट द्रविडियन यूनिवर्सिटी का हिसार में जेबीएचपी कॉलेज नाम से स्टडी सैंटर चला रहे भाजपा एससी सैल मोर्चा हिसार के जिला प्रधान सुल्तान सिंह के खिलाफ आखिरकार जींद पुलिस ने मामला दर्ज कर ही लिया। पुलिस ने यह मामला यूनिवर्सिटी की शोधार्थी बबली रानी की शिकायत पर दर्ज किया है। जींद के राजकीय महिला कॉलेज में लैब अटेंडेंट के तौर पर कार्यरत बबली ने लगभग साढ़े तीन माह पहले एसएसपी अश्विन शैणवी को शिकायत दी थी। एसएसपी ने मामले की जांच के लिए डीएसपी परमजीत समौता को अधिकृत किया था। डीएसपी समौता की जांच के बाद जो रिपोर्ट सामने आई, उसके नतीजन ही सुल्तान सिंह पर अमानत में ख्यानत का यह मामला दर्ज किया गया है। हालांकि पीड़ित शोधार्थी ने धोखाधड़ी और धमकी देने की धाराएं जोड़ने की गुहार भी लगाई है। पुलिस को दी शिकायत में बबली रानी ने आरोप लगाया है कि 2009 में हिसार में जेबीएचपी कॉलेज चला रहे सुल्तान सिंह ने आंध्र प्रदेश की द्रविडियन यूनिवर्सिटी से पीएचडी, एमफिल कराने के लिए विज्ञापन जारी किये थे। उनको देखकर उसने सुल्तान सिंह से हिन्दी विषय की पीएचडी को लेकर बात की थी। उस समय सुल्तान सिंह ने कहा था कि यदि वे एमफिल पास है तो उनकी पीएचडी दो साल में पूरी करवा दूंगा। इसके साथ उन्होंने कहा कि पीएचडी के र्प्रैक्टिकल, वायवा सहित सभी औपचारिकताएं यूनिवर्सिटी के हिसार में अधिकृत जेबीएचपी कॉलेज में ही होंगी। उसने सुल्तान की बातों में आकर हिन्दी पीएचडी में रजिस्ट्रेशन करवाया। जिसमें मेरा रजिस्ट्रेशन नंबर-01409229014 था। सुल्तान ने उस समय मुझ से फीस के रूप में 24 हजार रुपए लिये। इसके साथ-साथ उसने मेरे दूसरे ओरिजनल शैक्षणिक दस्तावेज भी रख लिये। 2011 में सुल्तान ने 24 हजार रुपए के तौर पर फिर से फीस ली। इस फीस की रसीद नंबर मैंने उसके कॉलेज से ली हुई हैं। सुल्तान फीस लेने के बाद भी अपनी जिम्मेदारी से पलट गया। इसलिए उसने खुद यूनिवर्सिटी में अपने शोध ग्रंथ जमा करवाये। यही नहीं, हिसार की बजाय 28 जून 2017 को आंध्र प्रदेश के कूप्पम में स्थित द्रविडियन यूनिवर्सिटी में जाकर वायवा देना पड़ा। इस पर मेरा काफी खर्च हुआ। यूनिवर्सिटी में सुल्तान ने मेरी पूरी फीस भी जमा नहीं करवाई। इसलिए उसको खुद यूनिवर्सिटी में फीस जमा करवानी पड़ी। यह सरासर मेरे साथ धोखाधड़ी थी। मेरी फीस जो यूनिवर्सिटी में जमा करवानी थी, सुल्तान ने उसे खुद हड़प लिया। इसके बाद जब वह सुल्तान से डिग्री दिलाने की बात करती है तो वह पैसे की मांग करता हैं। जब पैसों के लिए मना किया जाता है तो वह अपशब्दों का भी प्रयोग करता हंै। यहीं नहीं यूनिवर्सिटी से डिग्री मिलने के लिए भी सुल्तान ही अवरोध बना हुआ है क्योंकि वह इसकी एवज में पैसे चाहता है। दस साल तक डिग्री लटकने का जिम्मेदार सुल्तान ही है।
लैब अटेंडेंट को बना दिया था अस्सिटेंट प्रोफेसर
पीड़ित पीएचडी शोधार्थी बबली रानी ने अपने आरोप में कहा कि सुल्तान ने मुझ से पूछे बगैर ही आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में केस डाल दिया। उसने कोर्ट की फाइल में मेरे को अस्सिटेंट प्रोफेसर दशार्या है, जबकि मैं जींद के राजकीय महिला कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यानि लैब अटेंडेंट के पद पर कार्यरत हूं।
धोखाधड़ी और धमकी की धाराएं भी जोड़े पुलिस
शोधार्थी बबली रानी ने इस मामले में पुलिस से सुल्तान के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करने तथा धोखाधड़ी की धाराएं भी जोड़े जाने की अपील की है क्योंकि वह लैब अटेंडेंट की नौकरी करती है, ना की अस्सिटेंट प्रोफेसर। यह सरासर धोखाधड़ी ही है। वहीं जब हमसे फीस ली गई है, तो उसे यूनिवर्सिटी में जमा क्यों नहीं करवाया गया। इन कई पहलुओं पर जिनको उसने अपने ब्यान में भी दर्ज करवाया है, इस पर विचार करते हुए पुलिस धोखाधड़ी तथा धमकी और अपशब्दों का प्रयोग करने की धाराएं भी मामले में जोड़े।
डिग्री न मिलने की सूरत में मांगी थी मौत
बबली रानी ने कहा कि वह पीड़ित पीएचडी शोधार्थी संघ की प्रधान भी है। पिछले दिनों संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जींद के नेहरू पार्क में रोष स्वरूप धरना देकर बाद में जींद डीसी के माध्यम से देश के महामहिम राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजकर डिग्रीन दिलाने की सूरत में मौत मांगी थी। क्योंकि 10 साल में भी उनकी डिग्री न होने के कारण केवल उनका ही नहीं, बल्कि हरियाणा के 500 से ज्यादा शोधार्थियों का भविष्य बर्बाद हो चुका हैं। उनके सामने आएं दर्जनों अवसर हाथ से निकल चुके हैं। शोधार्थी 42 पार हो चुके हंै।
जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पूनियां बोले, मामला मेरी जानकारी में नहीं
भाजपा के हिसार जिला प्रधान सुरेंद्र पूनिया ने बताया कि सुल्तान सिंह एससी सैल के जिला प्रधान है। उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ हैं, यह बात फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं आई है। इतना जरूर है, वे भाजपा एससी सैल के जिला प्रधान हैं।
पीएचडी शोधार्थी की शिकायत पर हुई कार्रवाई
फीस लेने के बाद भी यूनिवर्सिटी में नहीं करवाई थी जमा
10 साल तक डिग्री लटकाने का है आरोप
मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार। आंध्र प्रदेश की स्टेट द्रविडियन यूनिवर्सिटी का हिसार में जेबीएचपी कॉलेज नाम से स्टडी सैंटर चला रहे भाजपा एससी सैल मोर्चा हिसार के जिला प्रधान सुल्तान सिंह के खिलाफ आखिरकार जींद पुलिस ने मामला दर्ज कर ही लिया। पुलिस ने यह मामला यूनिवर्सिटी की शोधार्थी बबली रानी की शिकायत पर दर्ज किया है। जींद के राजकीय महिला कॉलेज में लैब अटेंडेंट के तौर पर कार्यरत बबली ने लगभग साढ़े तीन माह पहले एसएसपी अश्विन शैणवी को शिकायत दी थी। एसएसपी ने मामले की जांच के लिए डीएसपी परमजीत समौता को अधिकृत किया था। डीएसपी समौता की जांच के बाद जो रिपोर्ट सामने आई, उसके नतीजन ही सुल्तान सिंह पर अमानत में ख्यानत का यह मामला दर्ज किया गया है। हालांकि पीड़ित शोधार्थी ने धोखाधड़ी और धमकी देने की धाराएं जोड़ने की गुहार भी लगाई है। पुलिस को दी शिकायत में बबली रानी ने आरोप लगाया है कि 2009 में हिसार में जेबीएचपी कॉलेज चला रहे सुल्तान सिंह ने आंध्र प्रदेश की द्रविडियन यूनिवर्सिटी से पीएचडी, एमफिल कराने के लिए विज्ञापन जारी किये थे। उनको देखकर उसने सुल्तान सिंह से हिन्दी विषय की पीएचडी को लेकर बात की थी। उस समय सुल्तान सिंह ने कहा था कि यदि वे एमफिल पास है तो उनकी पीएचडी दो साल में पूरी करवा दूंगा। इसके साथ उन्होंने कहा कि पीएचडी के र्प्रैक्टिकल, वायवा सहित सभी औपचारिकताएं यूनिवर्सिटी के हिसार में अधिकृत जेबीएचपी कॉलेज में ही होंगी। उसने सुल्तान की बातों में आकर हिन्दी पीएचडी में रजिस्ट्रेशन करवाया। जिसमें मेरा रजिस्ट्रेशन नंबर-01409229014 था। सुल्तान ने उस समय मुझ से फीस के रूप में 24 हजार रुपए लिये। इसके साथ-साथ उसने मेरे दूसरे ओरिजनल शैक्षणिक दस्तावेज भी रख लिये। 2011 में सुल्तान ने 24 हजार रुपए के तौर पर फिर से फीस ली। इस फीस की रसीद नंबर मैंने उसके कॉलेज से ली हुई हैं। सुल्तान फीस लेने के बाद भी अपनी जिम्मेदारी से पलट गया। इसलिए उसने खुद यूनिवर्सिटी में अपने शोध ग्रंथ जमा करवाये। यही नहीं, हिसार की बजाय 28 जून 2017 को आंध्र प्रदेश के कूप्पम में स्थित द्रविडियन यूनिवर्सिटी में जाकर वायवा देना पड़ा। इस पर मेरा काफी खर्च हुआ। यूनिवर्सिटी में सुल्तान ने मेरी पूरी फीस भी जमा नहीं करवाई। इसलिए उसको खुद यूनिवर्सिटी में फीस जमा करवानी पड़ी। यह सरासर मेरे साथ धोखाधड़ी थी। मेरी फीस जो यूनिवर्सिटी में जमा करवानी थी, सुल्तान ने उसे खुद हड़प लिया। इसके बाद जब वह सुल्तान से डिग्री दिलाने की बात करती है तो वह पैसे की मांग करता हैं। जब पैसों के लिए मना किया जाता है तो वह अपशब्दों का भी प्रयोग करता हंै। यहीं नहीं यूनिवर्सिटी से डिग्री मिलने के लिए भी सुल्तान ही अवरोध बना हुआ है क्योंकि वह इसकी एवज में पैसे चाहता है। दस साल तक डिग्री लटकने का जिम्मेदार सुल्तान ही है।
लैब अटेंडेंट को बना दिया था अस्सिटेंट प्रोफेसर
पीड़ित पीएचडी शोधार्थी बबली रानी ने अपने आरोप में कहा कि सुल्तान ने मुझ से पूछे बगैर ही आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में केस डाल दिया। उसने कोर्ट की फाइल में मेरे को अस्सिटेंट प्रोफेसर दशार्या है, जबकि मैं जींद के राजकीय महिला कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यानि लैब अटेंडेंट के पद पर कार्यरत हूं।
धोखाधड़ी और धमकी की धाराएं भी जोड़े पुलिस
शोधार्थी बबली रानी ने इस मामले में पुलिस से सुल्तान के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करने तथा धोखाधड़ी की धाराएं भी जोड़े जाने की अपील की है क्योंकि वह लैब अटेंडेंट की नौकरी करती है, ना की अस्सिटेंट प्रोफेसर। यह सरासर धोखाधड़ी ही है। वहीं जब हमसे फीस ली गई है, तो उसे यूनिवर्सिटी में जमा क्यों नहीं करवाया गया। इन कई पहलुओं पर जिनको उसने अपने ब्यान में भी दर्ज करवाया है, इस पर विचार करते हुए पुलिस धोखाधड़ी तथा धमकी और अपशब्दों का प्रयोग करने की धाराएं भी मामले में जोड़े।
डिग्री न मिलने की सूरत में मांगी थी मौत
बबली रानी ने कहा कि वह पीड़ित पीएचडी शोधार्थी संघ की प्रधान भी है। पिछले दिनों संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जींद के नेहरू पार्क में रोष स्वरूप धरना देकर बाद में जींद डीसी के माध्यम से देश के महामहिम राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजकर डिग्रीन दिलाने की सूरत में मौत मांगी थी। क्योंकि 10 साल में भी उनकी डिग्री न होने के कारण केवल उनका ही नहीं, बल्कि हरियाणा के 500 से ज्यादा शोधार्थियों का भविष्य बर्बाद हो चुका हैं। उनके सामने आएं दर्जनों अवसर हाथ से निकल चुके हैं। शोधार्थी 42 पार हो चुके हंै।
जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पूनियां बोले, मामला मेरी जानकारी में नहीं
भाजपा के हिसार जिला प्रधान सुरेंद्र पूनिया ने बताया कि सुल्तान सिंह एससी सैल के जिला प्रधान है। उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ हैं, यह बात फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं आई है। इतना जरूर है, वे भाजपा एससी सैल के जिला प्रधान हैं।


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