खेतों में फव्वारा सिस्टम से सिंचाई कर बचाया जा सकता है पानी


खेतों में फव्वारा सिस्टम से सिंचाई कर बचाया जा सकता है पानी
बरवाला में किसानों को समझाए कम पानी में अधिक सिंचाई के तरीके
बागवानी विभाग ने बरवाला में लगाया 7वां जागरूकता शिविर


हिसार। सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को बढ़ावा देने व किसानों को इस संबंध में जागरूक करने के लिए लगातार किए जा रहे कार्यक्रमों की कड़ी में उद्यान विभाग ने बरवाला में 7वां जागरूकता शिविर का आयोजन किया। 
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत पर ड्रोप मोर क्रोप विषय पर एक दिवसीय जागरुकता शिविर में जिला उद्यान अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिहाग ने किसानों को पानी बचाने के तरीकों के बारे में विस्तार से अवगत करवाया। उन्होंने किसानों को टपका सिंचाई व फव्वारा सिंचाई प्रणाली से कम पानी में अधिक पैदावार लेने की तकनीक के बारे में बताया। उन्होंने सभी किसानों से आह्वान किया कि वे ज्यादा से ज्यादा सिंचाई ड्रिप व फव्वारा तकनीक से करने की आदत बनाएं ताकि पानी की बचत करते हुए ज्यादा से ज्यादा क्षेत्र को सिंचित किया जा सके। उद्यान विभाग द्वारा टपका सिंचाई संयंत्र लगवाने के लिए सरकार लघु एवं सीमांत किसानों के लिए 70 प्रतिशत, बड़े किसानों के लिए 60 प्रतिशत एवं अनुसूचित जाति के किसानों के लिए 85 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली अपनाने पर भविष्य में पानी की बचत हेतु सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली लगाना किसान के लिए बहुत आवश्यक है। इसी प्रकार हमें घरों में भी दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाले पानी का सदुपयोग करना चाहिए ताकि हमारी आने वाली पीढिय़ों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े। विषय विशेषज्ञ डॉ. श्रवण कुमार ने किसानों को बाग लगाने के तरीकों, रखरखाव, फलदार पौधों में कीट एवं बीमारियों के बारे में विस्तार से बताया। इस अवसर पर बरवाला के कृषि विकास अधिकारी डॉ. अजीत सिंह ने किसानों को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उद्यान विकास अधिकारी डॉ. कृष्ण नैन ने उदयान विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में किसानों को विस्तार से जानकारी देते हुए ज्यादा से ज्यादा संख्या में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली व फव्वारा सिंचाई अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को फल-फूल और सब्जी की खेती अपनाने पर जोर दिया ताकि किसानों की आमदनी ज्यादा से ज्यादा बढ़ सके। इस अवसर पर उद्यान विकास अधिकारी डॉ. राजेंद्र लाठर ने जागरुकता शिविर में भाग लेने आए किसानों का धन्यवाद किया तथा डॉ. विक्रम सिंह ने किसानों को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली एवं रखरखाव के बारे में भी जानकारी दी। 

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