दूध निकालने के बाद गाय को खुला छोड़ने वाले पशुपालकों पर कार्रवाई की तैयारी
जिले में बेसहारा पशु पकड़ने का अभियान जारी, जुलाई में अब तक पकड़ी गई 141 गाय
मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार। पशुपालन विभाग ने जिला में बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान शुरु कर दिया है। इसी जुलाई माह में अब तक जिला भर से 141 गाय पकड़ी जा चुकी हैं। इसके साथ ही विभाग उन पशुपालकों की भी पहचान कर रहा है जो दूध निकालने के बाद अपनी गाय को खुले में छोड़ देते हैं तथा शाम को फिर बांध लेते हैं। विभाग ऐसे सभी पशुपालकों के खिलाफ कार्रवाई के मूड मेंं है। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. डीएस सिंधु ने बताया कि जिला को बेसहारा पशुओं से मुक्त करवाने के लिए पशुपालन विभाग, पुलिस व नगर निगम की टीम द्वारा ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। शहर में ठेकेदार के माध्यम से बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान निरंतर चलाया जा रहा है जिसका परिणाम जल्द शहरवासियों को दिखाई देगा। जुलाई माह में अब तक 141 गायों को गौशाला में भिजवाया जा चुका है। डॉ. सिंधु ने बताया कि उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने एसपीसीए (पशु कू्ररता निषेध समिति) की बैठक में शहर को बेसहारा पशुओं से मुक्त करवाने के लिए नगर निगम को बजट उपलब्ध करवाते हुए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने ऐसे पशुपालकों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं जो दूध निकालने के बाद पशुओं को खुला छोड़ देते हैं। उन्होंने बताया कि बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर निगम द्वारा ठेकेदार को ठेका देते हुए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की टीमों के साथ अभियान शुरू किया गया है। नगर निगम, पुलिस विभाग व पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम शहर को बेसहारा पशुओं से मुक्त करवाने के लिए पिछले कई दिनों से अभियान चला रही है। जुलाई माह में अभी तक 141 गायों को पकडकर गौशालाओं में भिजवाया जा चुका है। इसके अलावा सांडों को धांसू रोड स्थित नंदीशाला में भिजवाया जा रहा है।
पशुपालकों से आह्वान, खुले में न छोड़ें पशु
पशुपालन विभाग की टीम द्वारा बेसहारा पशुओं को टैग लगाने, टीकाकरण करने, बीमार पशुओं का उपचार करने और इनका रिकॉर्ड रखने का काम कर रही है। प्रशासन द्वारा निरंतर बेसहारा पशुओं की संख्या व समस्या पर नियंत्रण करने के लिए लगातार काम कर रही है लेकिन कुछ लोग खाली पड़ी जमीन पर अतिक्रमण करके अनाधिकृत रूप से डेयरी आदि चलाकर तथा अनेक पशु मालिक दूध निकालकर अपने पशुओं को गैर-जिम्मेदाराना ढंग से खुला छोड़ देते हैं। इसका खामियाजा पूरे शहर को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने सभी शहरवासियों से आह्वान किया है कि कोई भी पशुपालक अपने पशुओं को खुले में न छोड़ें, क्योंकि ऐसा करना शहरवासियों के लिए घातक साबित हो सकता है।
जिले में बेसहारा पशु पकड़ने का अभियान जारी, जुलाई में अब तक पकड़ी गई 141 गाय
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हिसार। पशुपालन विभाग ने जिला में बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान शुरु कर दिया है। इसी जुलाई माह में अब तक जिला भर से 141 गाय पकड़ी जा चुकी हैं। इसके साथ ही विभाग उन पशुपालकों की भी पहचान कर रहा है जो दूध निकालने के बाद अपनी गाय को खुले में छोड़ देते हैं तथा शाम को फिर बांध लेते हैं। विभाग ऐसे सभी पशुपालकों के खिलाफ कार्रवाई के मूड मेंं है। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. डीएस सिंधु ने बताया कि जिला को बेसहारा पशुओं से मुक्त करवाने के लिए पशुपालन विभाग, पुलिस व नगर निगम की टीम द्वारा ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। शहर में ठेकेदार के माध्यम से बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान निरंतर चलाया जा रहा है जिसका परिणाम जल्द शहरवासियों को दिखाई देगा। जुलाई माह में अब तक 141 गायों को गौशाला में भिजवाया जा चुका है। डॉ. सिंधु ने बताया कि उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने एसपीसीए (पशु कू्ररता निषेध समिति) की बैठक में शहर को बेसहारा पशुओं से मुक्त करवाने के लिए नगर निगम को बजट उपलब्ध करवाते हुए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने ऐसे पशुपालकों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं जो दूध निकालने के बाद पशुओं को खुला छोड़ देते हैं। उन्होंने बताया कि बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर निगम द्वारा ठेकेदार को ठेका देते हुए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की टीमों के साथ अभियान शुरू किया गया है। नगर निगम, पुलिस विभाग व पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम शहर को बेसहारा पशुओं से मुक्त करवाने के लिए पिछले कई दिनों से अभियान चला रही है। जुलाई माह में अभी तक 141 गायों को पकडकर गौशालाओं में भिजवाया जा चुका है। इसके अलावा सांडों को धांसू रोड स्थित नंदीशाला में भिजवाया जा रहा है।
पशुपालकों से आह्वान, खुले में न छोड़ें पशु
पशुपालन विभाग की टीम द्वारा बेसहारा पशुओं को टैग लगाने, टीकाकरण करने, बीमार पशुओं का उपचार करने और इनका रिकॉर्ड रखने का काम कर रही है। प्रशासन द्वारा निरंतर बेसहारा पशुओं की संख्या व समस्या पर नियंत्रण करने के लिए लगातार काम कर रही है लेकिन कुछ लोग खाली पड़ी जमीन पर अतिक्रमण करके अनाधिकृत रूप से डेयरी आदि चलाकर तथा अनेक पशु मालिक दूध निकालकर अपने पशुओं को गैर-जिम्मेदाराना ढंग से खुला छोड़ देते हैं। इसका खामियाजा पूरे शहर को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने सभी शहरवासियों से आह्वान किया है कि कोई भी पशुपालक अपने पशुओं को खुले में न छोड़ें, क्योंकि ऐसा करना शहरवासियों के लिए घातक साबित हो सकता है।


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