विधानसभा चुनाव : अति पिछड़ा वर्ग समाज ने भरी हुंकार , आबादी के हिसाब से मांगी 29 टिकटें



विधानसभा चुनाव : अति पिछड़ा वर्ग समाज ने भरी हुंकार , आबादी के हिसाब से मांगी 29 टिकटें 

9 अगस्त 2019, 9: 55 PM
संदीप कम्बोज/मीडिया जंक्शन
हिसार। ज्यों-ज्यों विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, त्यों-त्यों सरगर्मियां बढ़ती जा रही हैं। हरियाणा के अति पिछड़ा वर्ग समाज ने भी विधानसभा चुनाव में आबादी के हिसाब से प्रदेश में समाज के उम्मीदवारों के लिए 29 टिकटों की मांग की है। आज यहां हिसार के माडल टाऊन स्थित हरियाणा मीडिया क्लब में आयोजित एक प्रेस वार्ता में पिछड़ा वर्ग के संघर्षशील नेता राजेंद्र तंवर ने बताया कि 11 अगस्त को हिसार के पुराना गर्वनमेंट कॉलेज मैदान में अति पिछड़ा वर्ग अधिकार मंच द्वारा एक विशाल रैली व प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है जिसमें समाज के प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान समाज के लोग अपनी ताकत का एहसास करवाएंगे व विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दलों से टिकटों की मांग करेंगे। उन्होंने बताया कि रैली व सम्मान समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हंै। उन्होंने बताया कि अति पिछड़ा वर्ग के लोगों उप मुख्यमंत्री सहित पांच मंत्री,  2 कैबिनेट व 3 राज्यमंत्री तथा 33 प्रतिशत आबादी के अनुपात में 29 विधानसभा  टिकटें दी जानी चाहिए। उन्होंने 33 प्रतिशत आबादी के अनुपात में प्रशासन के हर स्तर पर व तमाम राजनीतिक नियुक्तियों जिसमें एचपीएससीए एचएसएससीए बोर्ड व निगम में पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिए जाने की भी मांग की है। इसके अलावा समाज के लोग प्रथम व द्वितीय श्रेणी की सरकारी नौकरियों व स्थानीय निकाय में 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने, सरकारी नौकरियों में क्लास वन से लेकर क्लास 4 अनुपात तक स्पेशल भर्ती के माध्यम से बैकलॉग पूरा किए जाने, अति पिछड़ों बीसीए को प्रमोशन में आरक्षण दिए जाने तथा  बीसीए को अनुसूचित जाति के समतुल्य उच्च शिक्षा में तमाम सुविधाएं उपलब्ध करवाए जाने की भी मांगें रखेंगे। उन्होंने कहा कि एक किसान व्यापारी व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के बच्चे को भी क्रीमी लेयर लगा कर के आरक्षण से वंचित किया जा रहा है। और दूसरी तरफ प्रोफेशनल कोर्सेज की फीस में बेतहाशा वृद्धि की जा रही है जिससे गरीब व पिछड़े वर्ग के लोगों को शिक्षा के अधिकार से भी वंचित किया जा रहा है। प्रैस वार्ता में राजेंद्र तवंर, महावीर जांगडा स्टेट प्रधान जांगडा समाज, महावीर सरपंच मुढाला,  डा बिजेंद्र, लालचंद जांगडा भिवानी, श्री राम जांगडा स्टेट महामत्री, बलजीत सरपंच कुदनपुरा, राजेद्र जाखड, जयभवान वर्मा, विक्रम पवांर, चेयरमैन मदनलाल समेत अनेक लोग मौजूद रहे।

सभी सरकारों ने किया अति पिछड़ा वर्ग समाज के हितों पर कुठाराघात  
राजेंद्र तंवर ने कहा कि राजकीय विद्यालयों में 90 परसेंट बच्चे शोषित और वंचित वर्ग के पढ़ते हैं। सरकार ने उनको शिक्षा में और पिछड़ा रखने के लिए गत सरकार व वर्तमान सरकार ने नो डिटेंशन पॉलिसी यानि शिक्षा का अधिकार 2010 के तहत पांचवी और आठवीं का बोर्ड खत्म कर दिया है, जिसके कारण विद्यालयों में ना तो शिक्षकों की जिम्मेदारी रही और ना ही बच्चों को कोई फिकर रही परिणाम की। क्योंकि वह आठवीं तक तो फेल होने ही नहीं है। इसलिए शिक्षा का स्तर गिर रहा है और वंचित शोषित समाज के बच्चे आगे नहीं बढ़ पा रहे । वर्तमान सरकार ने भी इन दोनों कक्षाओं की बोर्ड परीक्षा लागू नहीं की। पिछड़ा वर्ग अधिकार मंच इसका विरोध करता है और सरकार से निवेदन करता है कि इन दोनों कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाएं इसी सत्र से लागू की जाए। हरियाणा में सरकार बनाने का अवसर दिया वही पार्टी अब हमारे हितों पर कुठाराघात कर रही है। अति पिछड़ों को किसी भी स्तर पर ना तो प्रशासन में न ही राजनीति में किसी प्रकार की कोई भागीदारी दी गई है। इस पर आलम यह है की अति पिछड़ा वर्ग के अधिकारों  को हड़पने के लिए सरकार नित नई नीतियां बना रही है। हम सम्मान दान, वोट सबको ध्यान में रखते हुए अतिपिछड़े वर्ग को देंगे, अति पिछड़ा वर्ग के बच्चों में जागरुकता लगाने के लिए काडर कैंप लगाए जाएंगे जिसमें हमारे नौजवानों को हमारे महापुरुषों के बारे में जानकारियां दी जाएंगी।

यह हैं अति पिछड़ा वर्ग समाज की मुख्य मांगें 
अति पिछड़ा वर्ग के प्रत्येक परिवार को एक सरकारी नौकरी सुनिश्चित की जाये व प्रतियोगी परीक्षाएं जैसे आईएएसए एचसीएसए नीट व आईआईटी आदि की मुफ्त कोचिंग मुहैया करवाई जाए।
 एचसीएस नॉमिनेशन करते समय अनुसूचित जाति व बीसी ए को विधि सम्मत आरक्षण प्रदान किया जाए तथा अब तक नॉमिनेट किए गए अधिकारियों के अनुपात में एससी व बीसी का बैकलॉग पूरा किया जाए
एससीबीसी कल्याण निगम छोटे व्यवसायियों के लिए न्यूनतम दर पर पचास लाख से एक करोड़ रुपए का ऋण बिना गारंटी के उपलब्ध करवाया जाए।
मजदूरों के लिए आक्समात मृत्यु पर पचास लाख का बीमा सरकारी खर्च पर उपलब्ध करवाया जाए व मृतक के आश्रित को स्थाई सरकारी नौकरी उपलब्ध करवाई जाए।
अति पिछड़ा वर्ग के हाथ से काम करने वाले मजदूरों वह मिस्त्रीयों को दुकान करने पर 50 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली उपलब्ध करवाई जाए।

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