अलविदा सुषमा : हरियाणा की बेटी सुषमा कैसे बन गई हिन्दुस्तान की सियासत की 'स्वराज', पढें पूरा जीवन सफर
7 अगस्त 2019,9:19 AM
संदीप कम्बोज। मीडिया जंक्शन
जानें सुषमा स्वराज की व्यक्तिगत पृष्ठभूमि के बारे में
सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 को श्री हरदेव शर्मा और श्रीमती लक्ष्मी देवी के यहाँ अंबाला छावनी में हुआ था। इनके पिता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक प्रतिष्ठित सदस्य थे। इन्होंने राजनीति विज्ञान और संस्कृत जैसे प्रमुख विषयों से अंबाला छावनी के एसडी कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। सुषमा स्वराज ने चंडीगढ़ में पंजाब विश्वविद्यालय के कानून विभाग से एलएलबी की डिग्री हासिल की। 1970 में इन्होंने, अंबाला छावनी के एसडी कॉलेज से सर्वश्रेष्ठ छात्रा का पुरस्कार प्राप्त किया।ये हैं सुषमा स्वराज की उपलब्धियां
- सुषमा स्वराज को राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक पार्टी की पहली महिला प्रवक्ता होने का गौरव प्राप्त है।
- वह पहली महिला मुख्यमंत्री भी हैं।
- वह पहली महिला केंद्रीय कैबिनेट मंत्री भी हैं।
- सुषमा स्वराज विपक्ष की पहली महिला नेता भी हैं।
सुषमा स्वराज का राजनीतिक सफर
- सुषमा स्वराज चार साल तक जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्या रह चुकी हैं।
- चार साल तक इन्होंने हरियाणा राज्य में जनता पार्टी की अध्यक्षा का पद संभाला है।
- साल तक वह भारतीय जनता पार्टी की अखिल भारतीय सचिव रहीं हैं।
- 1977 में, जब सुषमा स्वराज ने हरियाणा में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी तो ये पहली बार विधान सभा के लिए चुनी गईं थीं। वे भारत में सबसे कम उम्र की कैबिनेट मंत्री बनी थीं और इन्होंने 1977 से 1979 तक जिनमें सामाजिक कल्याण, श्रम और रोजगार जैसे आठ पद संभाले।
- 1987 में सुषमा स्वराज को हरियाणा विधान सभा से फिर से चुना गया था। इस बार वे 1987 से 1990 तक सिविल आपूर्ति, खाद्य और शिक्षा के पद संभालते हुए कैबिनेट मंत्री रहीं।
- अप्रैल 1990 में, सुषमा स्वराज को राज्य सभा की सदस्य के रूप में निर्वाचित किया गया था।
- 1996 में सुषमा स्वराज 11वीं लोकसभा के दूसरे कार्यकाल की सदस्य बनीं।
- 1996 में, अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में तेरह दिन की सरकार के दौरान, इन्होंने सूचना और प्रसारण की केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में लोकसभा वार्ता के लाइव प्रसारण का एक क्रांतिकारी कदम उठाया था।
- 1998 में इन्हें तीसरी बार 12वीं लोकसभा की सदस्या के रूप में फिर से निर्वाचित किया गया था।
- 13 अक्टूबर से 3 दिसंबर 1998 तक, इन्हें दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में निर्वाचित किया गया।
- नवंबर 1998 में इन्हें दिल्ली विधानसभा के हौज खास विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से चुना गया, लेकिन इन्होंने लोकसभा सीट को बरकरार रखने के लिए विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था।
- अप्रैल 2000 में सुषमा स्वराज को पुनः राज्यसभा की सदस्या के रूप में निर्वाचित किया गया था।
- 30 सितंबर 2000 से 29 जनवरी 2003 तक इन्होंने सूचना एवं प्रसारण मंत्री के पद पर सेवा की।
- 19 मार्च से 12 अक्टूबर 1998 तक, वे सूचना एवं प्रसारण और दूरसंचार (अतिरिक्त प्रभार) विभाग में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री रहीं।
- 29 जनवरी 2003 से 22 मई 2004 तक, वे स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री तथा संसदीय मामलों की मंत्री रहीं।
- अप्रैल 2006 में इन्हें पुनः पांचवे सत्र के लिए राज्य सभा की सदस्य के रूप में निर्वाचित किया गया था।
- 16 मई 2009 को सुषमा स्वराज को छठी बार 15वीं लोकसभा की सदस्य के रूप में चुना गया था।
- वे लोकसभा में 3 जून 2009 को विपक्ष की उप नेता बनी।
- 21 दिसंबर 2009 को सुषमा स्वराज विपक्ष की पहली महिला नेता बनी थीं और तब इन्होंने श्री लालकृष्ण आडवाणी के बाद यह पद ग्रहण किया था।
- 26 मई 2014 को सुषमा स्वराज भारत सरकार में विदेश मामलों की केंद्रीय मंत्री बनीं।.
- वह विभिन्न समितियों की सदस्य रह चुकी हैं जो निम्नलिखित हैं-
- सार्वजनिक उपक्रम समिति
- पुस्तकालय समिति
- हरियाणा विधानमंडल की विधान समिति
- राज्यसभा सरकारी आश्वासन पर आधारित समिति
- मानव संसाधन विकास मंत्रालय की सलाहकार समिति
- वह निम्नलिखित समितियों की सदस्य रह चुकी हैं-
- कानून और न्याय मंत्रालय की हिंदी सलाहाकर समिति
- सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की सलाहकार समिति
- संचार मंत्रालय समिति
- राज्यसभा की सामान्य प्रयोजन समिति
- संसद की कार्यवाही को प्रसारित करने की समिति
- संचार मंत्रालय की टिकट संग्रहण सलाहकार समिति
- भारतीय संसदीय समूह की कार्यकारी सदस्या
- सुषमा स्वराज को राज्यसभा के उप-अध्यक्षों की सूची में नामित किया गया था
- वह निम्नलिखित समितियों की अध्यक्ष रहीं-
- संसद परिसर में खानपान प्रबंध संयुक्त समिति
- याचिका समिति, राज्य सभा
- सुषमा स्वराज को हरियाणा राज्य विधानसभा द्वारा सर्वश्रेष्ठ वक्ता पुरस्कार दिया गया।
- सुषमा स्वराज को वर्ष 2008 और 2010 में दो बार सर्वश्रेष्ठ संसदीय पुरस्कार मिला था। वह उत्कृष्ट संसदीय पुरस्कार को प्राप्त करने वाली पहली और एकमात्र महिला सांसद हैं।


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