2025 तक हरियाणा में न तो बाल मजदूर दिखाई देगा और न ही कोई भिखारी
हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद ने रखा है यह बड़ा लक्ष्य
9 सितंबर 2019, 12: 59 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
चंडीगढ़। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद ने वर्ष 2025 तक प्रदेश को बाल मजदूरी व भीख मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के महासचिव कृष्ण ढुल ने बताया कि परिषद द्वारा कौशल विकास केंद्र, बाल गृह, एडॉप्शन प्रोग्राम, मॉडल शिशु पालन केंद्रों के माध्यम से बच्चों के कल्याण और प्रगति के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही परिषद द्वारा 75 चाइल्ड गाइडेंस एवं काउंसलिंग केंद्र चलाए जा रहे हैं, जिनसे अब तक लगभग 50500 बच्चे लाभान्वित हुए हैं। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद ने संस्कारों और संस्कृति को व्यवहारात्मक बढ़ावा देने के लिए नैतिक शिक्षा केंद्र चलाने भी शुरू किए हैं, जिसके तहत 25 कैंप लगाए गए तथा 15164 बच्चों को नैतिक शिक्षा के बारे में बताया गया। उन्होंने बताया कि परिषद द्वारा 45 कौशल विकास केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनसे 1450 बच्चे लाभान्वित हुए हैं। ढुल ने बताया कि प्रदेश के बाल संरक्षण केंद्रों में रह रहे बच्चों की शिक्षा और प्रगति के लिए विदेशों में रहने वाले भारतीय बढ़-चढ़ कर सहयोग कर रहे हैं। परिषद द्वारा फोस्टर पेरैंट की परिकल्पना को अपनाया है और अब तक 51 एनआरआई परिवार आगे आए हैं जो इन बच्चों की शिक्षा का खर्च वहन करेंगे। उन्होंने बताया कि समाज में भाईचारे सद्भाव व समानता को बढ़ावा देने के लिए परिषद द्वारा सामाजिक समानता के नाम से प्रोजेक्ट शुरू किया गया है जिसमें एक वर्ष के अंदर गरीब समाज के 98 बच्चों को स्कूलों में दाखिला करवाया गया है। इसके अलावा, स्लम एरिया व गरीब बस्तियों में कोचिंग कक्षाएं खोली गई हैं, जिनमें लगभग 6080 बच्चों को शिक्षा दी गई है। समन्वय स्कीम के माध्यम से बाल विकास से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक सामाजिक संस्थाओं, प्राइवेट स्कूलों व समाज के लोगों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि रोहतक, गुरुग्राम और फरीदाबाद में 3 नए बाल गृह स्थापित किए गए हैं। इनमें 150 से अधिक बच्चे आवासीय सुविधाओं के साथ नि:शुल्क शिक्षा ग्रहण करेंगे।
एडॉप्शन प्रोग्राम के तहत 29 बच्चे दिए जास चुके गोद
परिषद के महासचिव ने बताया कि परिषद द्वारा एडॉप्शन प्रोग्राम चलाया जा रहा है जिसके माध्यम से जून 2018 से अब तक 23 बच्चे भारत में तथा 6 बच्चे विदेशों में गोद दिए गए हैं, जिनमें 13 लड़के और 16 लड़कियां हैं। उन्होंने बताया कि पंचकूला, झज्जर, हिसार और रेवाड़ी में 4 विशेष दत्तक एजेंसी हैं। उन्होंने बताया कि परिषद द्वारा जिला भिवानी, झज्जर, रोहतक, रेवाड़ी तथा पलवल में रहने वाले शहीदों के बच्चों व परिवारों को आर्थिक सहायता के रूप में 2 लाख 51 हजार रुपए दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त बच्चों के 18 वर्ष तक की शिक्षा के खर्च को भी परिषद् द्वारा वहन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद ने नशे पर प्रहार करते हुए लोगों में जागरूकता लाने के लिए 4 जुलाई 2019 को सिरसा में राज्य स्तरीय नशा निषेध समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में 10 हजार से अधिक लोगों ने शामिल होकर नशे के खिलाफ संकल्प लिया। प्रदेश में नशे को रोकने के लिए पांच नशा मुक्ति केंद्र परिषद द्वारा स्थापित किए गए हैं। जिला रेवाड़ी, सिरसा, नारनौल, कैथल और कुरुक्षेत्र में चलाए जा रहे हैं इन केंद्रों के माध्यम से 37500 से अधिक लोग नशा छोड़ मुख्यधारा में लौट आए हैं। उन्होंने बताया कि परिषद् द्वारा 22 बाल भवन और 27 लघु बाल भवन चलाए जा रहे हैं, जिनमें बच्चों कोविभिन्न तरह की शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके अलावा, 24 मॉडल शिशु केंद्र चलाए भी संचालित किए जा रहे हैं।
अनाथ, बेसहारा व उपेक्षित बच्चों के लिए चलाए जा रहे आठ बालगृह
परिषद के महासचिव ने बताया कि प्रदेश में अनाथ एवं बेसहारा व उपेक्षित बच्चों के लिए आठ बालगृह चलाए जा रहे हैं जोकि झज्जर, रेवाड़ी, 2 छछरौली, फरीदाबाद, रोहतक, गुरुग्राम में स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से बच्चों को निशुल्क शिक्षा व आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। ढुल ने बताया कि बाल कल्याण परिषद् की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए विजन 2025 बनाया है। प्रदेश को पूरी तरह से भीख मुक्त बनाना मुख्य लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि जिला परिषद सिरसा के मिनी बाल भवन को खड़िया ग्राम पंचायत से दान के रुप में जमीन प्राप्त हुई है। इसी प्रकार गाँव आंधली जिला कैथल, गांव डींग, जिला झज्जर तथा गाँव इंद्री जिला करनाल, भैंसवाल पलवल में मिनी बाल भवन के लिए जमीन दान में मिली है। इसके अलावा, सेक्टर 15 सोनीपत में डेढ़ एकड़ तथा 500 गज जमीन खरखोदा पंचायत ने बाल भवन के लिए दान में दी हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा अब तक लगभग 3300 लाइफ मेंबर बनाए गए हैं जो कि जिला परिषदों के संचालन में अपना अहम योगदान देते हैं।
हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद ने रखा है यह बड़ा लक्ष्य
9 सितंबर 2019, 12: 59 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
चंडीगढ़। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद ने वर्ष 2025 तक प्रदेश को बाल मजदूरी व भीख मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के महासचिव कृष्ण ढुल ने बताया कि परिषद द्वारा कौशल विकास केंद्र, बाल गृह, एडॉप्शन प्रोग्राम, मॉडल शिशु पालन केंद्रों के माध्यम से बच्चों के कल्याण और प्रगति के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही परिषद द्वारा 75 चाइल्ड गाइडेंस एवं काउंसलिंग केंद्र चलाए जा रहे हैं, जिनसे अब तक लगभग 50500 बच्चे लाभान्वित हुए हैं। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद ने संस्कारों और संस्कृति को व्यवहारात्मक बढ़ावा देने के लिए नैतिक शिक्षा केंद्र चलाने भी शुरू किए हैं, जिसके तहत 25 कैंप लगाए गए तथा 15164 बच्चों को नैतिक शिक्षा के बारे में बताया गया। उन्होंने बताया कि परिषद द्वारा 45 कौशल विकास केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनसे 1450 बच्चे लाभान्वित हुए हैं। ढुल ने बताया कि प्रदेश के बाल संरक्षण केंद्रों में रह रहे बच्चों की शिक्षा और प्रगति के लिए विदेशों में रहने वाले भारतीय बढ़-चढ़ कर सहयोग कर रहे हैं। परिषद द्वारा फोस्टर पेरैंट की परिकल्पना को अपनाया है और अब तक 51 एनआरआई परिवार आगे आए हैं जो इन बच्चों की शिक्षा का खर्च वहन करेंगे। उन्होंने बताया कि समाज में भाईचारे सद्भाव व समानता को बढ़ावा देने के लिए परिषद द्वारा सामाजिक समानता के नाम से प्रोजेक्ट शुरू किया गया है जिसमें एक वर्ष के अंदर गरीब समाज के 98 बच्चों को स्कूलों में दाखिला करवाया गया है। इसके अलावा, स्लम एरिया व गरीब बस्तियों में कोचिंग कक्षाएं खोली गई हैं, जिनमें लगभग 6080 बच्चों को शिक्षा दी गई है। समन्वय स्कीम के माध्यम से बाल विकास से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक सामाजिक संस्थाओं, प्राइवेट स्कूलों व समाज के लोगों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि रोहतक, गुरुग्राम और फरीदाबाद में 3 नए बाल गृह स्थापित किए गए हैं। इनमें 150 से अधिक बच्चे आवासीय सुविधाओं के साथ नि:शुल्क शिक्षा ग्रहण करेंगे।
एडॉप्शन प्रोग्राम के तहत 29 बच्चे दिए जास चुके गोद
परिषद के महासचिव ने बताया कि परिषद द्वारा एडॉप्शन प्रोग्राम चलाया जा रहा है जिसके माध्यम से जून 2018 से अब तक 23 बच्चे भारत में तथा 6 बच्चे विदेशों में गोद दिए गए हैं, जिनमें 13 लड़के और 16 लड़कियां हैं। उन्होंने बताया कि पंचकूला, झज्जर, हिसार और रेवाड़ी में 4 विशेष दत्तक एजेंसी हैं। उन्होंने बताया कि परिषद द्वारा जिला भिवानी, झज्जर, रोहतक, रेवाड़ी तथा पलवल में रहने वाले शहीदों के बच्चों व परिवारों को आर्थिक सहायता के रूप में 2 लाख 51 हजार रुपए दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त बच्चों के 18 वर्ष तक की शिक्षा के खर्च को भी परिषद् द्वारा वहन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद ने नशे पर प्रहार करते हुए लोगों में जागरूकता लाने के लिए 4 जुलाई 2019 को सिरसा में राज्य स्तरीय नशा निषेध समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में 10 हजार से अधिक लोगों ने शामिल होकर नशे के खिलाफ संकल्प लिया। प्रदेश में नशे को रोकने के लिए पांच नशा मुक्ति केंद्र परिषद द्वारा स्थापित किए गए हैं। जिला रेवाड़ी, सिरसा, नारनौल, कैथल और कुरुक्षेत्र में चलाए जा रहे हैं इन केंद्रों के माध्यम से 37500 से अधिक लोग नशा छोड़ मुख्यधारा में लौट आए हैं। उन्होंने बताया कि परिषद् द्वारा 22 बाल भवन और 27 लघु बाल भवन चलाए जा रहे हैं, जिनमें बच्चों कोविभिन्न तरह की शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके अलावा, 24 मॉडल शिशु केंद्र चलाए भी संचालित किए जा रहे हैं।
अनाथ, बेसहारा व उपेक्षित बच्चों के लिए चलाए जा रहे आठ बालगृह
परिषद के महासचिव ने बताया कि प्रदेश में अनाथ एवं बेसहारा व उपेक्षित बच्चों के लिए आठ बालगृह चलाए जा रहे हैं जोकि झज्जर, रेवाड़ी, 2 छछरौली, फरीदाबाद, रोहतक, गुरुग्राम में स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से बच्चों को निशुल्क शिक्षा व आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। ढुल ने बताया कि बाल कल्याण परिषद् की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए विजन 2025 बनाया है। प्रदेश को पूरी तरह से भीख मुक्त बनाना मुख्य लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि जिला परिषद सिरसा के मिनी बाल भवन को खड़िया ग्राम पंचायत से दान के रुप में जमीन प्राप्त हुई है। इसी प्रकार गाँव आंधली जिला कैथल, गांव डींग, जिला झज्जर तथा गाँव इंद्री जिला करनाल, भैंसवाल पलवल में मिनी बाल भवन के लिए जमीन दान में मिली है। इसके अलावा, सेक्टर 15 सोनीपत में डेढ़ एकड़ तथा 500 गज जमीन खरखोदा पंचायत ने बाल भवन के लिए दान में दी हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा अब तक लगभग 3300 लाइफ मेंबर बनाए गए हैं जो कि जिला परिषदों के संचालन में अपना अहम योगदान देते हैं।


0 Comments