ये क्या, सरकारी खजाने से वेतन भी लिया और साथ ही कर ली लॉ की डिग्री

सिविल सर्जन एवं एसएमओ की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

सरकार को चूना लगाने वाले पूर्व कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज करने की सिफारिश 

3 सितंबर 2019, 7:37 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार। सिविल सर्जन हिसार व एसएमओ सीएचसी आर्य नगर की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि विभाग के एक पूर्व कर्मचारी ने सरकारी खजाने को लाखों रुपये का चूना लगाया है। रिपोर्ट में साफ कर दिया है कि आरोपी कर्मचारी ने तीन साल की रेगुलर लॉ की डिग्री करते हुए स्वास्थ्य विभाग के एसएमओ एवं स्टाफ से सांठगांठ करके सरकारी कार्यालय में हाजिरी लगाकर लाखों रुपये का वेतन ऐंठ लिया। इस मामले में पुलिस से आरोपी कर्मचारी जगविंद्र सिंह के खिलाफ धारा 420 एवं सरकारी पैसे के गबन का केस दर्ज करने की मांग की गई है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जगविंद्र के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए सिफारिश की है। दरअसल जगविंदर सिंह के खिलाफ दी कनिष्क ने शिकायत दी थी। जिसमें कनिष्ठ ने बताया था कि जगविंद्र जोकि सिविल सर्जन हिसार कार्यालय से वर्ष 2016 में सेवानिवृत्त हुआ था। उसने रेगुलर लॉ की डिग्री बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति और छुट्टी लिये बिना की है। डिग्री के साथ ही वह सरकार से लाखों रुपए का वेतन भी ले गया। जबकि कानूनी तौर पर जब उसने पढ़ाई करनी थी, तो उसे विभाग से अनुमति एवं छुट्टी लेनी आवश्यक थी। इस बारे में कनिष्क ने बताया था कि इसी डिग्री के दम पर जगविंद्र सिंह ने बीएसपी कॉलेज खानपुर और शहीद हसन खान मेवात राजकीय कॉलेज में लीगल आॅफिसर के तौर पर भी अप्लाई किया था और इस डिग्री का पूरा लाभ उठाने की कोशिश की थी। उस समय यह कर्मचारी सीएचसी आया नगर में तैनात था। कनिष्क की शिकायत पर मामले में जांच की गई। सिविल सर्जन हिसार व एसएमओ सीएचसी आर्य नगर ने रिपोर्ट में खुलासा किया है कि जगविंदर सिंह लिपिक को उनके कार्यालय द्वारा वर्ष 1995 से 1999 की अवधि में जो वेतन दिया गया, उसकी पूरी जानकारी है। वह हर महीने का वेतन लेकर गया है और सैलरी स्लिप और हाजिरी रिपोर्ट भी है। लेखा अधिकारी कार्यालय सिविल सर्जन ने बताया है कि जगविंद्र सिंह की बैचलर आफ लॉ की डिग्री की जांच की गई, तो पता चला है कि बैचलर आॅफ लॉ की डिग्री तीन साल की है। जगविंद्र सिंह ने इस डिग्री के लिए वर्ष 1996 में रजिस्ट्रेशन करवाया था, जो कि वर्ष 1999 पूरी हो गई। इसकी डिग्री भी जगविंद्र सिंह महाविद्यालय से जाकर प्राप्त की थी। यह डिग्री 3 साल की थी, परंतु महाविद्यालय में जब जगविंद्र के नियमित हाजिरी का रिकॉर्ड नहीं मिल पाया। कनिष्क ने आरोप लगाया है कि यह रिकॉर्ड जगविंद्र सिंह ने महाविद्यालय के कर्मचारियों से मिलीभगत करके गायब करवाया है। इस लिये महाविद्यालय के स्टाफ पर भी कार्रवाई हो। जगविंद्र सिंह ने हेराफेरी करके सरकार को लाखों रुपए का चूना लगाया। इसलिये पुलिस से इसके खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की जाती है।
पहले भी दर्ज हो चुका है केस 
जगविंद्र के खिलाफ इससे पहले भी एक विधवा महिला द्वारा शिकायत दी गई थी जिसके बाद उस पर हिसार में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था। इसके अलावा आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में भी जगविंद्र पर जांच की गई थी, जिसमें पाया गया था कि उसने अपनी आय से अधिक संपत्ति रखी है। लंबी जांच के बाद केस दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में उसे बंद कर दिया गया। अब कनिष्क द्वारा दोबारा से विजीलेंस को जांच के लिखा जाएगा। साथ ही उस पर एक अन्य केस भी दर्ज है। कनिष्क ने कहा कि जब इतनी लंबी जांच के बाद एफआइआर हुई थी।