डाटा गौशाला में बोले वित्तमंत्री कैप्टन, नारनौंद इलाके में एक बड़ा डेयरी मिल्क प्लांट लगाना मेरा सपना
युवाओं को दूध से बने उत्पादों की यूनिट लगाने पर विचार करने का आह्वान
बोले दूध उत्पादन में पंजाब के बाद दूसरे नंबर पर है हरियाणा
13 सितंबर 2019, 6:59 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
नारनौंद। कैप्टन अभिमन्यु ने आज डाटा गऊशाला में जिला स्तरीय एक दिवसीय पशु प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी में जिला के विभिन्न क्षेत्रों के पशु-पालकों ने अपने दुधारू पशुओं के साथ भाग लिया। पशु प्रदर्शनी का उद्घाटन करने उपरांत वित्तमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार दुधारू पशुओं व अन्य पालतु पशुओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए अनेक कदम उठा रहे है। दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में हरियाणा देश में पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है। हमारा प्रयास है कि हम देश में दुग्ध उत्पादन में प्रथम स्थान पर हो। कृषि व्यवसाय से जुड़े लोगों की हिस्सेदारी मात्र 15 प्रतिशत है जबकि कृषि कार्यो में 57 प्रतिशत जनसंख्या जुड़ी हुई है। हमारा लक्ष्य किसानों की आय को दोगुना करना है, परन्तु यह तभी संभव जब हम कृषि के साथ-साथ पशु-पालन व्यवसाय को जोडंÞे तथा इनसे उत्पन्न उत्पादों का सम्वर्धन करके बाजार में बेचे। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे कृषि व पशु-पालन के साथ-साथ बे्रड, बिस्कुट, पिज्जा, दुध, दही, खीर, सवेईयां इत्यादि की यूनिट लगाने पर भी विचार करें जिससे उनको अपने उत्पादों की और अधिक कीमत मिल सके। उन्होंने कहा कि ये उत्पाद हम अपने घरों में परम्परागत रूप में घरेलु प्रयोग के लिए बनाते रहे हैं, परन्तु अब इनका उत्पादन व्यवसायिक तौर पर करना होगा ताकि किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य पूरा किया जा सके। वित्तमंत्री ने इस अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया तथा उत्कृष्ट नस्ल के पशुओं के मालिकों का उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंंने विभिन्न दवा कम्पनियों द्वारा आयोजित स्टॉलो का भी अवलोकन किया। उन्होंने स्टेट अवार्ड से सम्मानित पशु-चिकित्सों को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर एसडीओ डा. राजपाल मलिक, एसडीओ हांसी डा. बलबीर लांबा, उपनिदेशक फतेहाबाद डा. काशी राम, वरिष्ठ पशु चिकित्सक डा. जगदीश गोदारा, डा. सुनील, डा. अजय सिंधु, डा. सुधीर मलिक, डा. पवन कुमार, डा. सचिन बामल, डा. स्नेहलता, डा. राज कुमार बेनीवाल, डा. रामफल कुण्डू, डा. सुनील शर्मा, डा. राजेश मलिक, डा. जगदीश खटक, डा. राज कुमार अहलावत, डा. राज कुमार रोहिला, डा. सुनील यादव, अजय सिंधु, सतपाल मल्हान, सोनू मलिक, राम स्वरूप डाटा, धूपसिंह डाटा, डाटा गऊशाला के प्रधान सुन्दर सिंह, धर्मवीर गुराना सहित विभिन्न गांव से आए पशु-पालक एवं दवा कम्पनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
गुजरात की तर्ज पर सामूहिक पशु-पालन का कंसेप्ट बनाने की जरूरत
वित्तमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों के कर्ज पर पौने पांच हजार करोड़ रुपए के ब्याज पर पैलनटी की माफी की घोषण की है। उन्होंने कहा कि हमें गुजरात में प्रचलित कोपरेटिव मॉडल की तर्ज पर नये मॉडल बनाने की आवश्कता है जिसमें सामूहिक पशु-पालन का कंसेप्ट शामिल हो। उन्होंंने कहा कि बीज का उगाना मजदूरी है परन्तु उगी हुई फसल को नए उत्पाद में ढालना परिश्रम है और नई पीढी को आगे बढने के लिए परिश्रम करना होगा। उन्होंंने कहा कि नारनौंद में पशु-पालन की परम्परा आज भी जिन्दा है। हमारे दुधारू पशु देश के हर क्षेत्र में जाते है। मेरा सपना है कि इस क्षेत्र में एक बहुत बड़ा डेयरी मिल्क प्लांट लगाया जाए।
पशु प्रदर्शनी में शामिल हुए 16 कैटेगरी के 500 पशु
इस अवसर पर उपनिदेशक पशु पालन विभाग डा. धूपसिंह सिंधु ने उपस्थित लोगों को पशु प्रदर्शनी का उद्देश्य व हरियाणा सरकार द्वारा पशु-पालकों को दी जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज आयोजित एक दिवसीय प्रदर्शनी में सात श्रेणियों में 16 कैटेगरी के लगभग 500 पशु शामिल हुए। जिसमें झोटा, दुधारू व शुष्क गाय व भैंस, भेड़, बकरी आदि पशुओं ने भाग लिया। वित्तमंत्री ने इस अवसर पर पौधा रोपण भी किया।
युवाओं को दूध से बने उत्पादों की यूनिट लगाने पर विचार करने का आह्वान
बोले दूध उत्पादन में पंजाब के बाद दूसरे नंबर पर है हरियाणा
13 सितंबर 2019, 6:59 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
नारनौंद। कैप्टन अभिमन्यु ने आज डाटा गऊशाला में जिला स्तरीय एक दिवसीय पशु प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी में जिला के विभिन्न क्षेत्रों के पशु-पालकों ने अपने दुधारू पशुओं के साथ भाग लिया। पशु प्रदर्शनी का उद्घाटन करने उपरांत वित्तमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार दुधारू पशुओं व अन्य पालतु पशुओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए अनेक कदम उठा रहे है। दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में हरियाणा देश में पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है। हमारा प्रयास है कि हम देश में दुग्ध उत्पादन में प्रथम स्थान पर हो। कृषि व्यवसाय से जुड़े लोगों की हिस्सेदारी मात्र 15 प्रतिशत है जबकि कृषि कार्यो में 57 प्रतिशत जनसंख्या जुड़ी हुई है। हमारा लक्ष्य किसानों की आय को दोगुना करना है, परन्तु यह तभी संभव जब हम कृषि के साथ-साथ पशु-पालन व्यवसाय को जोडंÞे तथा इनसे उत्पन्न उत्पादों का सम्वर्धन करके बाजार में बेचे। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे कृषि व पशु-पालन के साथ-साथ बे्रड, बिस्कुट, पिज्जा, दुध, दही, खीर, सवेईयां इत्यादि की यूनिट लगाने पर भी विचार करें जिससे उनको अपने उत्पादों की और अधिक कीमत मिल सके। उन्होंने कहा कि ये उत्पाद हम अपने घरों में परम्परागत रूप में घरेलु प्रयोग के लिए बनाते रहे हैं, परन्तु अब इनका उत्पादन व्यवसायिक तौर पर करना होगा ताकि किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य पूरा किया जा सके। वित्तमंत्री ने इस अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया तथा उत्कृष्ट नस्ल के पशुओं के मालिकों का उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंंने विभिन्न दवा कम्पनियों द्वारा आयोजित स्टॉलो का भी अवलोकन किया। उन्होंने स्टेट अवार्ड से सम्मानित पशु-चिकित्सों को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर एसडीओ डा. राजपाल मलिक, एसडीओ हांसी डा. बलबीर लांबा, उपनिदेशक फतेहाबाद डा. काशी राम, वरिष्ठ पशु चिकित्सक डा. जगदीश गोदारा, डा. सुनील, डा. अजय सिंधु, डा. सुधीर मलिक, डा. पवन कुमार, डा. सचिन बामल, डा. स्नेहलता, डा. राज कुमार बेनीवाल, डा. रामफल कुण्डू, डा. सुनील शर्मा, डा. राजेश मलिक, डा. जगदीश खटक, डा. राज कुमार अहलावत, डा. राज कुमार रोहिला, डा. सुनील यादव, अजय सिंधु, सतपाल मल्हान, सोनू मलिक, राम स्वरूप डाटा, धूपसिंह डाटा, डाटा गऊशाला के प्रधान सुन्दर सिंह, धर्मवीर गुराना सहित विभिन्न गांव से आए पशु-पालक एवं दवा कम्पनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
गुजरात की तर्ज पर सामूहिक पशु-पालन का कंसेप्ट बनाने की जरूरत
वित्तमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों के कर्ज पर पौने पांच हजार करोड़ रुपए के ब्याज पर पैलनटी की माफी की घोषण की है। उन्होंने कहा कि हमें गुजरात में प्रचलित कोपरेटिव मॉडल की तर्ज पर नये मॉडल बनाने की आवश्कता है जिसमें सामूहिक पशु-पालन का कंसेप्ट शामिल हो। उन्होंंने कहा कि बीज का उगाना मजदूरी है परन्तु उगी हुई फसल को नए उत्पाद में ढालना परिश्रम है और नई पीढी को आगे बढने के लिए परिश्रम करना होगा। उन्होंंने कहा कि नारनौंद में पशु-पालन की परम्परा आज भी जिन्दा है। हमारे दुधारू पशु देश के हर क्षेत्र में जाते है। मेरा सपना है कि इस क्षेत्र में एक बहुत बड़ा डेयरी मिल्क प्लांट लगाया जाए।
पशु प्रदर्शनी में शामिल हुए 16 कैटेगरी के 500 पशु
इस अवसर पर उपनिदेशक पशु पालन विभाग डा. धूपसिंह सिंधु ने उपस्थित लोगों को पशु प्रदर्शनी का उद्देश्य व हरियाणा सरकार द्वारा पशु-पालकों को दी जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज आयोजित एक दिवसीय प्रदर्शनी में सात श्रेणियों में 16 कैटेगरी के लगभग 500 पशु शामिल हुए। जिसमें झोटा, दुधारू व शुष्क गाय व भैंस, भेड़, बकरी आदि पशुओं ने भाग लिया। वित्तमंत्री ने इस अवसर पर पौधा रोपण भी किया।

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