ऐतिहासिक : हिसार के इतिहास का आज स्वर्णिम दिन, हरियाणा के पहले हिसार एयरपोर्ट से उड़ान शुरु 

चंडीगढ़ के लिए उड़ा पहला विमान, महज 45 मिनट में पहुंचेगा चंडीगढ़ 
सीएम मनोहर लाल के साथ सांसद बृजेंद्र सिंह व विधायक डा. कमल गुप्ता समेत अनेक भाजपा नेता भी विमान में मौजूद 
पायलट ट्रेनिंग के लिए फ्लाइंग ट्रेनिंग आगेर्नाइजेशन (एफटीओ) की भी शुरुआत
यादगार बन गए पहली उड़ान के ये ऐतिहासिक लम्हे



3 सितंबर 2019, 11:10 AM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज 
हिसार। 3 सितंबर 2019, रट्ट लीजिए इस तारिख को, क्योंकि हिसार के इतिहास का आज स्वर्णिम दिन है। पांच साल के लंबे इंतजार के बाद हरियाणा के अपने पहले एयरपोर्ट हिसार हवाई अड्डे से आज हवाई उड़ान की ऐतिहासिक शुरुआत हो गई है। हिसार से चंडीगढ़ की दूरी अब सिर्फ 45 मिनट की रह गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने न केवल हिसार हवाई अड्डे पर एयर शटल सेवा का उद्घाटन किया बल्कि स्वंय भी 1676 रूपए का टिकट लेकर पहली उड़ान में सफर कर इन लम्हों को और अधिक यादगार बना दिया। एयर शटल सेवा के शुरू होने से हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने भारत सरकार की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) के दिशा-निदेर्शों के तहत राजकोषीय सहायता के माध्यम से एयर शटल सेवाओं के लिए एयर आॅपरेटरों से प्रस्ताव आमंत्रित करके क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने फ्लाइंग ट्रेनिंग आॅगेर्नाइजेशन (एफटीओ) की भी शुरुआत की। इस फ्लाइंग ट्रेनिंग आॅगेर्नाइजेशन (एफटीओ) में हर वर्ष कम से कम 100 कैडेट पायलटों के प्रशिक्षण दिया जाएगा जिसमें हरियाणा अधिवासी विद्यार्थियों को अनेक सुविधाएं दी जाएंगी, जैसेकि चार मेधावी लड़कियों को समस्त उड़ान प्रशिक्षण के लिए फीस में 50 प्रतिशत की  रियायत मिलेगी और हरियाणा अधिवासी 10 प्रतिशत विद्यार्थियों को ट्युशन फीस पर 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, स्पाइसजेट 70 प्रतिशत पायलट प्रशिक्षुओं के  समावेश के साथ-साथ प्लेसमेंट सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। नागरिक उड्डयन विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि इंटीग्रेटेड एविएशन हब, हिसार हरियाणा सरकार की एक मेगा परियोजना है, जिसे चरणबद्ध तरीके से योजनाबद्ध रूप से नागरिक उड्डयन विभाग के सहयोग से निष्पादित किया जा रहा है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा लाइसेंस प्राप्त राज्य के पहले एरोड्रम और हिसार हवाई अड्डे पर टर्मिनल भवन की स्थापना करके परियोजना के पहले चरण का कार्य रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है। चंडीगढ़ जा रही पहली फ्लाईट में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ हिसार सांसद बृजेेंद्र सिंह, विधायक डॉ. कमल गुप्ता व प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला समेत भाजपा के अनेक नेता मौजूद हैं। 

फिलहाल इन पांच रूटों पर शुरू होगी उड़ान
हिसार-चंडीगढ़
हिसार-जयपुर
हिसार-दिल्ली
हिसार-चंडीगढ़-जम्मू
हिसार-चंडीगढ़-देहरादून

सिर्फ 1450 रूपए टिकट 
स्कीम के तहत किराया : 1450
ेप्रति टिकट राज्य सरकार वहन करेगी : 1500
प्रति टिकट केंद्र सरकार वहन करेगी: 1500
रुपये प्रति टिकट प्राइवेट एजेंसी के पास जाएंगे : 4450 रुपये

एयरपोर्ट से हिसार को होंगे ये फायदे 
मेट्रो सिटी की तर्ज पर डेवलप हो सकता है हिसार
उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा, जिससे रोजगार के अवसर बढेंगे
एजुकेशन हब के रूप में भी विकसित होगा हिसार, विदेशी विद्यार्थी भी अध्ययन को आ सकेंगे
क्लास ए और क्लास बी अफसर अब सरकारी गाड़ी नहीं विमान से जाएंगे चंडीगढ़
काफी हद तक कम होगा दिल्ली के आइजीआइ एयरपोर्ट का बोझ
हिसार एयरपोर्ट पर बनना प्रस्तावित है अंडरग्राउंड रेलवे स्टेशन

इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दो चरण का काम अभी बाकी 
हिसार एयरपोर्ट का निर्माण तीन चरणों में होगा। प्रथम चरण में रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत घरेलू हवाई अड्डा, द्वितीय चरण में छोटे स्तर पर एमआरओ, फिक्ड बेस आॅपरेशन एवं प्रतिरक्षा विनिर्माण एवं प्रतिरक्षा एमआरओ और तृतीय चरण में एरोस्पेस विनिर्माण, विमानन प्रशिक्षण केंद्र और विमानन विश्वविद्यालय, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और एरोट्रोपोलिस-वाणिज्यिक एवं आवासीय पर कार्य किया जाएगा। इसके लिए मसौदा तैयार किया जा रहा है।

करनाल, भिवानी, नारनौल व पिंजौर में जल्द शुरु होगा एयरफील्ड का काम 
नागरिक उड्डयन विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र में अपने प्रयासों के तहत राज्य सरकार प्रदेश में मौजूदा हवाई अड्डों के ढांचागत विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हिसार हवाई अड्डे के रनवे को  4 हजार फीट से बढ़ाकर 10 हजार फीट तक करने के कार्य की जल्द ही शुरू होने की संभावना है, जिससे एयरबस ए-320 जैसे बड़े विमान हिसार हवाई अड्डे पर उतर सकेंगे। अन्य चार एयरफील्ड अर्थात; करनाल, भिवानी, नारनौल और पिंजौर के विकास के लिए व्यवहार्यता अध्ययन किया जा रहा है ताकि इन एयरफील्ड्स का उपयोग न केवल एयर कनेक्टिविटी के लिए, बल्कि फ्लाइंग ट्रेनिंग आगेर्नाइजेशन, एमआरओ, ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग एवं ट्रेनिंग सुविधाओं की स्थापना, एयरो स्पोर्ट्स और एडवेंचर गतिविधियों के संचालन के लिए मल्टीपरपज हब स्थापित करने के लिए किया जा सके।