कारपोरेट को छूट, जनता की लूट बर्दाश्त नहीं : माकपा

21 सितंबर 2019, 10:17 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार। भाजपा-आरएसएस सरकार ने इंकम टैक्स कानून में संशोधन करके कारपोरेट घरानों और धन्ना सेठों को 1.45 लाख करोड़ रुपए की भारी रियायतें प्रदान की हैं जो देश के 72 साल के इतिहास में अभूतपूर्व हैं। ये रियायतें बिल्डरों और निर्यातकों को पहले प्रदान की गई 70 हजार करोड़ रुपए की छूट के अतिरिक्त हैं। भारतीय रिजव बैंक से लिए गए 1.76 लाख करोड़ रुपए अब सार्वजनिक निवेश के लिए प्रयोग करने की बजाय कारपोरेटों को दिए जा रहे हैं। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) ने कहा है कि जनता को अब किसी मुगालते में नहीं रहना चाहिये कि यह सरकार किसकी है। भाजपा सरकार ने उसे चंदा देने वाले कारपोरेट घरानों को पूरा सरकारी कोष लुटा दिया है। विड़म्बना यह है कि यह सब आर्थिक मंदी दूर करने के नाम पर किया जा रहा है। माकपा राज्य सचिव सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि आज मंदी का कारण मांग में कमी है यानि लोगों के पास खरीददारी करने के लिए पैसा नहीं है। इसलिए जरूरत इस बात है कि ढांचा गत विकास के लिए और मनरेगा जैसी स्कीम में सार्वजनिक खर्च बढ़ाया जाए, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पूरी फसल की खरीद की गांरटी की जाए और नौजवानों के लिए रोजगार का प्रबंध  किया जाए। लेकिन भाजपा सरकार  ने ऐसा करने की बजाय कारपोरेट घरानों को टैैक्स में 10-12 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दे दी है। अब भारत पूरी दुनिया में सबसे कम कारपोरेट टैक्स लेने वाले देशों में शामिल हो गया है। इसका मतलब है जिन नीतियों के कारण आज मंदी के हालात बने है उन्हीं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी कारण एक दिन में अमीर निवेशकों को 6.8 लाख करोड़ रूपए का मुनाफा हुआ है तथा आम जनता को कुछ नहीं मिला।

बेरोजगारी सबसे ज्यादा,उद्योगों में हो रही छंटनी
माकपा ने कहा कि जब बेरोजगारी सबसे ज्यादा है, उद्योगों में बड़े स्तर पर छंटनी हो रही है और जनता की आमदनी में  बड़े स्तर पर गिरावट हो रही है उस वक्त सरकार के ये कदम  साफ बता रहे हैं कि कारपोरेट-साम्प्रदायिक गठबंधन जनता पर और तीखी मार कर रहा है। पार्टी ने मांग की है कि देश भक्ति का ढोंग करने वाली सरकार को देश की जनता से अगर रत्ती भर भी हमदर्दी है तो कारपोरेट को बड़ी छूट देने की बजाय सरकार को रिजर्व बैंक से लिए गए 1.76 लाख करोड़ रुपए सार्वजनिक निवेश करके आम जनता को राहत प्रदान करनी चाहिये।