चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार ध्यान दें, सोशल व इलेक्ट्रौनिक मीडिया पर विज्ञापन प्रकाशित करवाने का यह है नियम

चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार ध्यान दें, सोशल व इलेक्ट्रौनिक मीडिया पर विज्ञापन प्रकाशित करवाने का यह है नियम 



26 सितंबर 2019, 2:24  PM
हरियाण मीडिया जंक्शन। प्रवीन कम्बोज 
चंडीगढ़। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार व राजनीतिक दल यदि सोशल मीडिया या इलैक्ट्रोनिक मीडिया में अना विज्ञापन प्रकाशित करवाना चाहते हैं तो वे करवा सकते हैं लेकिन इसके लिए उन्हें  राज्य एवं जिला स्तर पर गठित मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिरिंग कमेटी (एमसीएमसी) से मंजूरी लेना आवश्यक है। इसके अलावा, मतदान के दिन और मतदान से एक दिन पहले यदि कोई राजनैतिक दलों तथा उम्मीदवारों द्वारा कोई विज्ञापन या प्रचार सामग्री समाचार पत्रों में प्रकाशित करवाई जानी है तो उसकी उसकी स्वीकृति भी एम.सी.एम.सी से लेनी आवश्यक है। परंतु राजनैतिक दल तथा उम्मीदवारों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि समाचार पत्रों के इलेक्ट्रॉनिक रूप जैसे ई-पेपर पर वह विज्ञापन या प्रचार सामग्री प्रकाशित न हो, यदि वे ई-पेपर पर भी वह विज्ञापन या प्रचार सामग्री प्रकाशित करवाना चाहते हैं तो उसकी पूर्व अनुमति एम.सी.एम.सी से लेनी अनिवार्य है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग अग्रवाल ने बताया कि आयोग द्वारा 24 विभागों के अधिकारियों को नोडल अधिकरी बनाया गया है, जो चुनाव में चुनावी खर्चे पर निगरानी रखेंगे। उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव में प्रत्येक उम्मीदवार अधिकतम 28 लाख रुपये की राशी अपने चुनाव प्रचार पर खर्च कर सकता है। इसके लिए उम्मीदवार को नामांकन पत्र भरने से पूर्व अलग से बैंक खाता खुलवाना होगा और चुनाव से संबंधित हर प्रकार का खर्चा इसी बैंक खाते से करना होगा। उम्मीदवार द्वारा 10 हजार रुपये तक का खर्चा नगद किया जा सकता है, इससे अधिक खर्चा केवल चैक द्वारा ही करना होगा। उन्होंने बताया कि आयोग की जानकारी में यह भी आया है कि प्रचार अभियान के दौरान कई बार मतदाताओं को लुभाने के लिए विभिन्न प्रकार की वस्तुओं का उपयोग किया जाता है, इस पर आयोग के सख्त निर्देश हैं कि इस ओर कड़ा संज्ञान लेकर वस्तुओं की आवाजाही पर निगरानी रखे।

खर्चा रजिस्टर में लिखना होगय हर यह हिसाब 
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नेबताया कि नामांकन पत्र दाखिल करते समय उम्मीदवार को खर्चा रजिस्टर दिया जायेगा जिसमें उम्मीदवार द्वारा निर्वाचन व्यय से सम्बंधित प्राप्त राशी तथा खर्च का विवरण अलग-अलग रखना होगा। उन्होंने बताया कि चुनाव खर्च की देखरेख के लिए आयोग द्वारा चुनाव व्यय पर्यवेक्षक नियुक्त किया जायेगा। चुनाव प्रचार की अवधि के दौरान उम्मीदवार द्वारा तीन बार अपने खर्चे के रजिस्टर की पड़ताल चुनाव व्यय पर्यवेक्षक द्वारा बताई गई निर्धारित तिथि व समय पर करवाई जानी होगी अन्यथा उसे नोटिस दिया जायेगा। उन्होंने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को बताया कि आयोग के निदेर्शानुसार यदि बैंको में 10 लाख रुपये से अधिक नगद निकासी होती है तो उसकी सूचना तुरंत आयकर विभाग को दी जाएगी और आयकर विभाग द्वारा इस तरह की नगद लेनेदेन पर कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा, यदि एक लाख रुपये से अधिक का लेनदेन या एक खाते से दूसरे खाते में इतनी धनराशि भेजी जाती है और ऐसा लेनदेन संदिग्ध लगता है तो उसकी सूचना भी आयकर विभाग को तुरंत दी जाएगी। इसके साथ ही, सहकारी बैंकों के लेनदेन पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता लागू रहने तक नागरिकों से अनुरोध है कि यदि वे 50 हजार रुपये या इससे अधिक नगद राशि अपने साथ लेकर चल रहे हैं तो उससे संबंधित सभी प्रकार के दस्तावेज साथ में रखें ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

इस मोबाइल एप पर दर्ज करवाएं आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत 
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सी-विजिल मोबाइल एप के माध्यम से राजनैतिक दल या उम्मीदवार और आमजन भी आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। एप पर फोटो खींचकर या वीडियो बनाकर भी अपलोड कर सकते हैं। वोटर हेल्पलाइन नंबर- 1950 पर भी आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा, नेशनल ग्रीवांस रिडरेसल सिस्टम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।     

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