किसान कमेरे के हित की लड़ाई में योगदान ही जननायक को सच्ची श्रद्धांजलि : जयपाल बांडाहेड़ी
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज । 25 सितंबर 2019, 2:37 PM
हिसार। जननायक चौधरी देवीलाल ने हमेशा किसान कमेरे व गरीब आदमी के हित की लड़ाई लड़ी और जब उनके समर्थन से सत्ता के शीर्ष पर पहुंचे तो उन्होंने इस वर्ग को उसका हक भी दिया। इसी कारण वे आज भी जन जन के दिल मे बसते है। यह बात जननायक जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष जयपाल बांडाहेडी ने स्थानीय ताऊ देवीलाल टाउन पार्क में स्थानीय लोगो से चर्चा करते हुए कही। इससे पूर्व जननायक चौधरी देवीलाल के 106 वें जन्मदिवस के मौके पर जेजेपी पदाधिकारियों ने सदी के जननायक पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल की मूर्ती को माला पहनाकर व पुष्प अर्पित करके बांडाहेड़ी के नेतृत्व में अपनी श्रदांजलि दी। इस अवसर पर जजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि जब संयुक्त पंजाब में हिंदी भाषी क्षेत्र के साथ भेदभाव किया जा रहा था तो सरकार में रहते हुए भी चौधरी देवीलाल ने इस क्षेत्र की लड़ाई लड़ी। उन्होंने सबसे पहले हरियाणा प्रदेश बनाने की मांग की थी जबकि कांग्रेस व तत्कालीन जनसंघ ने इसको सत्तालोलुपता बताया । इस पर चौधरी देवीलाल ने केंद्र सरकार को कहा था कि हरियाणा का निर्माण होने पर वे पहला चुनाव ही नही लड़ेंगे और जुबान के धनी ताऊ देवीलाल ने 1967 का पहला चुनाव नही लड़ा। इसी प्रकार जब 1989 में उन्हें लगभग संसदीय दल का नेता चुन ही लिया गया था, वे चाहते तो देश के प्रधानमंत्री बन सकते थे, परन्तु अपने वायदे पर पक्का रहते हुए उन्होंने वी पी सिंह को प्रधानमंत्री बनवाया। उन्होंने मुजारा एक्ट के खुला विरोध किया। 1977 से पहले ट्रेक्टर पर टैक्स लगता था और साइकिल के टोकन कटवाने पड़ते थे। 1977 में जब वे पहली बार मुख्यमंत्री बने तो ट्रेक्टर को किसान का रेडू बना दिया और उसपर लगे हर प्रकार के टेक्स को खत्म कर दिया। हालांकि मौजूदा भाजपा सरकार ने इसे व्यवसायिक वाहनों की श्रेणी में लाने नोटिफिकेशन जारी किया था तो ताऊ देवीलाल के पड़पोते पूर्व युवा सांसद दुष्यंत चौटाला ने उन्ही की तर्ज पर इसका पुर जोर विरोध करके सरकार को इस नोटिफिकेशन को वापिस लेने पर मजबूर कर दिया। इन्ही से सीख लेते हुए पूर्व सांसद दुष्यंत ने किसान व कमेरे की आवाज को बुलंद किया। जब दुष्यंत चौटाला पर राजनैतिक संकट आया तो उन्होंने अपने पड़दादा से संघर्ष की प्रेरणा ली। इसी का परिणाम है कि जननायक चौधरी देवीलाल की विचारधारा को मानने वाले लोगो को साथ लेकर उन्ही के नाम को सार्थक करने वाली जननायक जनता पार्टी का गठन किया।आज जजपा किसान, कमेरे, मजदूर, छोटा दुकानदार, कर्मचारी व युवा बेरोजगार के हितों की लड़ाई लगातार मौजूदा भाजपा सरकार से लड़ रही है। बांडाहेड़ी ने उपस्थित लोगों से आह्वाहन करते हुए कहा कि आज के माहौल में किसान कमेरे के हक की लड़ाई लड़ने वालों का सहयोग करे, यही जननायक ताऊ देवीलाल को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।इस अवसर पर जजपा के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व विधायक पूर्ण सिंह डाबड़ा, पूर्व विधायक अनूप धानक, प्रदेश संगठन सचिव राजेन्द्र लितानी, शीला भ्याण, हरफूल खान भट्टी, दलबीर धीरणवास, राजमल काजल, बागबीर बैनीवाल, सजन लावट, प्रह्लाद सैनी, एडवोकेट मनदीप बिश्नोई, अमित बूरा, रवि आहूजा, अनु सुरा, मुकेश सेठी, सतपाल पानू, वीरेन्द्र सिंह भोजराज, विनय वत्स, जितेंद्र श्योराण, मनविंदर सेठी, विनोद जैन, रमेश गोदारा, अजय मलिक, एडवोकेट प्रभु दयाल जाखड़, मोहित अरोड़ा, डॉ होशियार सिंह, महाबीर खर्ब, मुकेश डुलगच, रघबीर बूरा, पूर्व पार्षद ईश्वर पुनिया, मास्टर गुलाब सिंह , ओमप्रकाश कुंडू सहित बहुत संख्या में जजपा कार्यकर्ता व स्थानीय लोग मौजूद रहे।
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज । 25 सितंबर 2019, 2:37 PM
हिसार। जननायक चौधरी देवीलाल ने हमेशा किसान कमेरे व गरीब आदमी के हित की लड़ाई लड़ी और जब उनके समर्थन से सत्ता के शीर्ष पर पहुंचे तो उन्होंने इस वर्ग को उसका हक भी दिया। इसी कारण वे आज भी जन जन के दिल मे बसते है। यह बात जननायक जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष जयपाल बांडाहेडी ने स्थानीय ताऊ देवीलाल टाउन पार्क में स्थानीय लोगो से चर्चा करते हुए कही। इससे पूर्व जननायक चौधरी देवीलाल के 106 वें जन्मदिवस के मौके पर जेजेपी पदाधिकारियों ने सदी के जननायक पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल की मूर्ती को माला पहनाकर व पुष्प अर्पित करके बांडाहेड़ी के नेतृत्व में अपनी श्रदांजलि दी। इस अवसर पर जजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि जब संयुक्त पंजाब में हिंदी भाषी क्षेत्र के साथ भेदभाव किया जा रहा था तो सरकार में रहते हुए भी चौधरी देवीलाल ने इस क्षेत्र की लड़ाई लड़ी। उन्होंने सबसे पहले हरियाणा प्रदेश बनाने की मांग की थी जबकि कांग्रेस व तत्कालीन जनसंघ ने इसको सत्तालोलुपता बताया । इस पर चौधरी देवीलाल ने केंद्र सरकार को कहा था कि हरियाणा का निर्माण होने पर वे पहला चुनाव ही नही लड़ेंगे और जुबान के धनी ताऊ देवीलाल ने 1967 का पहला चुनाव नही लड़ा। इसी प्रकार जब 1989 में उन्हें लगभग संसदीय दल का नेता चुन ही लिया गया था, वे चाहते तो देश के प्रधानमंत्री बन सकते थे, परन्तु अपने वायदे पर पक्का रहते हुए उन्होंने वी पी सिंह को प्रधानमंत्री बनवाया। उन्होंने मुजारा एक्ट के खुला विरोध किया। 1977 से पहले ट्रेक्टर पर टैक्स लगता था और साइकिल के टोकन कटवाने पड़ते थे। 1977 में जब वे पहली बार मुख्यमंत्री बने तो ट्रेक्टर को किसान का रेडू बना दिया और उसपर लगे हर प्रकार के टेक्स को खत्म कर दिया। हालांकि मौजूदा भाजपा सरकार ने इसे व्यवसायिक वाहनों की श्रेणी में लाने नोटिफिकेशन जारी किया था तो ताऊ देवीलाल के पड़पोते पूर्व युवा सांसद दुष्यंत चौटाला ने उन्ही की तर्ज पर इसका पुर जोर विरोध करके सरकार को इस नोटिफिकेशन को वापिस लेने पर मजबूर कर दिया। इन्ही से सीख लेते हुए पूर्व सांसद दुष्यंत ने किसान व कमेरे की आवाज को बुलंद किया। जब दुष्यंत चौटाला पर राजनैतिक संकट आया तो उन्होंने अपने पड़दादा से संघर्ष की प्रेरणा ली। इसी का परिणाम है कि जननायक चौधरी देवीलाल की विचारधारा को मानने वाले लोगो को साथ लेकर उन्ही के नाम को सार्थक करने वाली जननायक जनता पार्टी का गठन किया।आज जजपा किसान, कमेरे, मजदूर, छोटा दुकानदार, कर्मचारी व युवा बेरोजगार के हितों की लड़ाई लगातार मौजूदा भाजपा सरकार से लड़ रही है। बांडाहेड़ी ने उपस्थित लोगों से आह्वाहन करते हुए कहा कि आज के माहौल में किसान कमेरे के हक की लड़ाई लड़ने वालों का सहयोग करे, यही जननायक ताऊ देवीलाल को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।इस अवसर पर जजपा के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व विधायक पूर्ण सिंह डाबड़ा, पूर्व विधायक अनूप धानक, प्रदेश संगठन सचिव राजेन्द्र लितानी, शीला भ्याण, हरफूल खान भट्टी, दलबीर धीरणवास, राजमल काजल, बागबीर बैनीवाल, सजन लावट, प्रह्लाद सैनी, एडवोकेट मनदीप बिश्नोई, अमित बूरा, रवि आहूजा, अनु सुरा, मुकेश सेठी, सतपाल पानू, वीरेन्द्र सिंह भोजराज, विनय वत्स, जितेंद्र श्योराण, मनविंदर सेठी, विनोद जैन, रमेश गोदारा, अजय मलिक, एडवोकेट प्रभु दयाल जाखड़, मोहित अरोड़ा, डॉ होशियार सिंह, महाबीर खर्ब, मुकेश डुलगच, रघबीर बूरा, पूर्व पार्षद ईश्वर पुनिया, मास्टर गुलाब सिंह , ओमप्रकाश कुंडू सहित बहुत संख्या में जजपा कार्यकर्ता व स्थानीय लोग मौजूद रहे।


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