कृषि, पशुपालन एवं पंचायत मंत्री ने अपने विभागों के पिछले पांच साल के काम का दिया यह हिसाब
21 सितंबर 2019, 11:21 AM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
चंडीगढ़। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण तथा विकास एवं पंचायत मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने प्रदेशवासियों को पिछले पांच वर्षों के दौरान किए गए कार्यों बारे प्रदेशवासियों को विस्तार से जानकारी दी है। कृषि एवं किसान की बेहतरम के लिए उठाए गए कदमों तथा ग्राम्य जीवन एवं ग्रामीण विकास को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपनों के अनुरूप किए जा रहे कार्यों के फलस्वरूप हरियाणा इन दोनों क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर के सात पुरस्कार प्राप्त करने में सफल रहा है। एक चिंतक, विश्लेषक तथा लेखक के रूप में अक्तूबर, 2014 से ही धनखड़ ने ग्रामीण विकास की तस्वीर बदलने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के विजन के अनुरूप पढ़ी-लिखी पंचायत देने के लिए सर्वोच्च न्यायालय तक लड़ाई लड़ी और शिक्षित पंचायते देकर जनप्रतिनिधियों को शिक्षित से सक्षम, सक्षम से सामर्थ्य बनाने के लिए विश्वविद्यालय में तीन माह का प्रमाण-पत्र कोर्स आरम्भ करवाकर पंचायतों को नर्इ्र राह दिखाई है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का हर्ष है कि प्रदेश की 5279 पंचायतों ने 7-स्टार कार्यक्रम के तहत नामांकन किया था जिसमें से 3930 पंचायतों ने स्टार जितने में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि पंचायतों ने 84 करोड़ रुपये के पुरुस्कार जीते है। वर्ष 2018 से आरम्भ की गई 7 स्टॉर इन्द्रधनुष योजना के तहत इस वर्ष पंचायतों ने कुल 8035 स्टार जीते है और हर स्टार पर एक लाख रुपये का पुरूस्कार पंचायतों को देने का प्रावधान है तथा दो स्टार जीतने पर 50 हजार रुपये अतिरिक्त बोनस के रूप में दिये जाते है। अबकी बार कुल 63 प्रतिशत पंचायतों ने पुरूस्कार जीते है। प्रदेश की 20 पंचायतों को 6-स्टार मिले, 58 पंचायतों को 5 स्टार मिले है, 270 पंचायतों को 4-स्टार मिले, 794 पंचायतों को 3-स्टार, 1375 पंचायतों को 2-स्टार तथा 1413 पंचायतों को वन-स्टार मिले हंै।
यह है 7 स्टार इन्द्रधनुष योजना
7-स्टार इन्द्रधनुष योजना की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आज प्रदेश में 3604 पंचायतों में स्कूलों से छात्रों की ड्रोप आउट की समस्या खत्म हो गई है। इन पंचायतों में आठवीं कक्षा तक कोई भी बच्चा ऐसा नहीं है जो स्कूल नहीं जाता हो। अगले वर्ष से इसका दायरा आठवीं कक्षा से बढ़ाकर दसवीं कक्षा तक किया जाएगा। इसके अलावा, डिजिटल लिटरेसी को भी शामिल किया जाएगा। उदाहरण के लिए अगर किसी गांव में 20 व्यक्ति स्मार्ट फोन से किसी भी ऐप से अपने अकाउंट से पैसे का लेन-देन करते हैं तो वह डिजिटल लिटरेसी का आधार होगा। परंतु स्टार रेटिंग के लिए उसके आंकलन की शुरूआज 25 व्यक्तियों को मानकर की जाएगी।स्टार रेटिंग विभाग के लिए ग्राम पंचायतों के आंकलन का एक सिटी स्कैन जैसा है और इससे इस बात का पता लगाना आसान हो जाता है कि गांवों के विकास के मामले में पंचायत की रूचि किस स्तर पर है। क्या उस पंचायत में स्टार प्राप्त करने की ललक पैदा हुई है या नहीं।
रालेगण सिद्धी की तर्ज पर विकसित हो रहे हैं यह गांव
कृषि मंत्री का सपना है कि हरियाणा की पंचायतें अन्ना हजारे के गांव रालेगण सिद्घी तथा चेतन भगत के आदिवासी क्षेत्रों की पंचायतों से कम न रहे तथा श्री नाना जी देशमुख ग्रामीण विश्वविद्यालय, चित्रकूट में चर्चा का विषय बने। इनके इस सपने को साकार करने के लिए ग्राम्य जीवन में पलवल जिले का नगला भिखु, करनाल जिले की जैनपुर सदन, चरखी दादरी जिले का कामौद, रोहतक जिले का काहनौर तथा गुरुग्राम का वजीरपुर जैसे गांव ऐसे हैं जिन्होंने इस दिशा में बेहतर कार्य किया है और अब उन्हें बेहतरत्तम करना है।
तरुण गर्वित कार्यक्रम से गांवों का विकास
ग्रामीण विकास के लिए तरुण गर्वित कार्यक्रम को लागू कर ग्रामीण विकास में स्वैच्छा से सहयोग देने के लिए ग्रामीण क्षेत्र के 10 हजार से अधिक युवाओं का कार्य बल सृजित किया है। गांव की गौरव गाथा युवा पीढ़ी के लिए प्ररेणा बने इसके लिए ग्राम गौरव पट्टद्द योजना की शुरूआत भी हरियाणा ने की है और हरियाणा की इस योजना को हिमाचल प्रदेश ने अपनाया है। पढ़ी-लिखी पंचायतों के फलस्वरूप ही हरियाणा खुले में शौच से मुक्त राज्य बन पाया है। गत वर्ष ग्रामीण स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 का प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने में सफल हुआ था। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाथों मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने यह पुरस्कार प्राप्त किया था।
हरियाणा को मिला सर्वश्रेष्ठ बागवानी पुरस्कार
कृषि क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2022 तक किसानों की आय दुगनी करने के लक्ष्य को हासिल करने की पहल भी देश में सबसे पहले श्री धनखड़ के प्रयासों से हरियाणा ने एक कदम आगे बढ़ाया है। किसानों की आय बागवानी फसलों के साथ-साथ फल-फूल सब्जियां, दूध, अण्डे, मांस, मछली जैसी डेरी उत्पादों से बढ़े इसके लिए राष्टद्द्रीय राजधानी क्षेत्र में पेरी एग्रीकल्चर अवधारणा को लागू किया गया है। करनाल में महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ-साथ जीन्द, झज्जर, फतेहाबाद व नारायाणगढ़, अम्बाला में इसके चार क्षेत्रिय अध्ययन केन्द्र खोले गए है। प्रत्येक जिले में फल व सब्जियों के उत्कृष्टद्दता केन्द्र खोले गए है। हरियाणा को सर्वश्रेष्ठ बागवानी राज्य का पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है।
भावान्तर भरपाई योजना बनी किसानों का सहारा
कृषि मंत्री के प्रयासों से ही भावान्तर भरपाई योजना शुरूआत की गई है। आलू, प्याज, टमाटर, फूल गोभी चार सब्जियों के बाद सिरसों व बाजरे की खरीद में भी भाव के अन्तराल को पाटने के लिए इसे लागू किया गया है। पिछले पांच वर्षों में किसानों को उनकी फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए 4665 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में वितरित किए गए
जो हरियाणा गठन के बाद किसी भी सरकार के कायार्काल का सर्वाधिक मुआवजा है। कृषि मंत्रीÞ के प्रयासों से किसानों को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों से भी अधिक हरियाणा के किसानों को मिला है चाहे वह फसलों के नुकसान की भरपाई पर प्रति एकड़ 10 हजारु रुपये की बजाए 12 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की बात है या प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 8.50 लाख किसानों को 1935 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की बात है।


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