किसानों को ढ़ेर सारी सुविधाएं दे रही है सरकार, आमदनी बढ़ानी है तो उठाएं लाभ 

एचएयू में आयोजित किसान गोष्ठी में प्रदेशभर से 1500 से भी अधिक किसानों ने उठाया लाभ 

3 सितंबर 2019, 6:50 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज 


हिसार। कृषि के क्षेत्र में विशेषज्ञों के साथ-साथ किसानों का भी भरपूर योगदान है। किसान देश का पेट भरने के साथ साथ देश को जोड़ने का भी काम करता है। किसान का पूरा परिवार दिन-रात मेहनत करता है व पर्यावरण के संतुलन में भी महत्वपूर्ण योगदान निभाता है। किसान सरकार द्वारा चलाई गई विभिन्न योजनाओं का ज्ञान प्राप्त कर उससे फायदा उठाएं। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह गत दिवस विश्वविद्यालय के इंदिरा गांधी सभागार में गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में किसान संगोष्ठी के अवसर पर किसानों को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में प्रदेश भर से आए लगभग 1500 किसान शामिल हुए। मुख्य अतिथि के रूप में हकृवि के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर किसान संगोष्ठी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा किसान आयोग के चेयरमैन डॉ. रमेश यादव ने की। विशिष्ठ अतिथियों के रूप में उद्यान विभाग के महानिदेशक डॉ. अर्जुन सिंह सैनी, कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. सुरेश गहलवात व उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. जोगेंद्र घनघस भी उपस्थित थे। इस अवसर पर हरियाणा किसान आयोग के अध्यक्ष डॉ. रमेश यादव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली, हरियाणा के निकट है, इसलिए किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए इस बात का भरपूर लाभ उठाना चाहिए। डॉ. यादव ने कहा कि जल संरक्षण को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार गंभीर है। इसी के मद्देनजर जल संरक्षण की भूमिका में रेवाड़ी जिले ने प्रथम स्थान हासिल किया है। उन्होंने किसानों को कहा कि पानी की बचत एवं अधिक पैदावार लेने के लिए सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को अपनाना चाहिए। उद्यान विभाग के महानिदेशक डॉ. अर्जुन सिंह सैनी ने अतिथिगण का स्वागत करते हुए प्रदेशभर से आए किसानों को बागवानी केंद्रों व उन पर दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में बताया। उन्होंने किसानों को बागवानी फसलों, सूक्ष्म सिंचाई पर विभाग द्वारा जारी नई योजानाओं के बारे भी जानकारी दी। डॉ. सैनी ने कहा कि किसानों को अधिक से अधिक बागवानी फसलों की खेती करनी चाहिए। इसके लिए विभाग किसानों को हर प्रकार की मदद उपलब्ध करवा रहा है। इस मौके पर आइएआरआई नई दिल्ली से आई डॉ. नीलम पटेल ने भी अपने विचार किसानों के समक्ष व्यक्त किए। इनके अलावा हकृवि के मनीषा मनी और शेलेन्द्र ने एबीक के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का मंच संचालन रामफल चहल ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. बीआर कंबोज, डॉ. महेन्द्र सिंह, डॉ. बिल्लु यादव, उपनिदेशक डॉ. आत्म प्रकाश, जिला बागवानी अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिहाग सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

आमदनी बढ़ानी है तो मिश्रित खेती पर जोर दें किसान 
कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. सुरेश गहलवात ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को धान, गेंहू के अलावा मिश्रित खेती करनी चाहिए ताकि उनकी आमदनी में इजाफा हो सके। उन्होंने कहा कि किसान को खेती के साथ साथ पशुपालन व्यवसाय भी करना चाहिए। इसके अलावा फसल की लागत को कम करने के लिए किसान को  डायरेक्ट मार्केटिंग करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वेल्यू एडीशन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, एग्री सर्विस व एकीकृत खेती से किसान अपनी आय को बढ़ा सकते हैं। डॉ. गहलावत ने किसानों को विभाग की स्कीमों जैसे राष्ट्रीय खाद सुरक्षा मिशन, आरकेवाई, एनएमएसए, प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना, मृदा स्वस्थ कार्ड योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, फसल अवशेष प्रबंधन योजना, प्रधानमंत्री किसान समान निधि योजना, कपास सवर्धन के लिए राज्य योजना बारे विस्तार से बताया।

बागवानी फसलों का जरूरी है उचित प्रबंधन 
निफटम, हरियाणा से आए डॉ. सुनील पारिख ने कहा कि किसानों को मंडियों में फल एवं सब्जियों को बेचने के साथ-साथ उन फसलों का तोड़ाई उत्पाद प्रबंधन करके उनके उत्पाद बनाकर बाजार में बेचना चाहिए ताकि किसान अपनी आमदनी को बढ़ा सके। उन्होंने कहा कि तोड़ाई उपरांत बागवानी फसलें काफी मात्रा में खराब हो जाती हैं। अगर समय रहते उनका उचित प्रबंधन और उनके उत्पाद तैयार कर बाजार में बेचा जाए तो ऐसे जोखिम से किसान छुटकारा पा सकता है। डॉ. पारिख ने कहा कि किसानों को फसल लगाने से पहले उसके प्रसंस्करण के बारे में विचार कर लेना चाहिए। यही वजह है कि किसान द्वारा अधिक फसल बोने पर उसका ना प्रसंस्करण हो पाता ना ही उसका मंडी में उचित दाम मिल पाता। उन्होंने कहा कि किसान टमाटर, मशरूम अन्य बागवानी फसलों के उत्पादों का प्रसंस्करण कर उन्हें बाजार में बेचकर अच्छी आमदनी कमा सकता है।

लघु कृषक व्यापार संघ के सदस्य बन सकते हैं किसान 
उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. पवन कुमार व निदेशालय से आए डॉ. परस राम शर्मा ने किसानों को लघु कृषक व्यापार संघ के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि कैसे किसान संगठन बनाकर खेती में अच्छा लाभ ले सकते हैं। उन्होंने एफपीओ की गाइडलाइन एवं इसकी पोलिसी के बारे में भी किसानों को विस्तार से जानकारी दी कि कैसे किसान लघु कृषक व्यापार संघ के सदस्य बन सकते हैं। डॉ. शर्मा ने कहा कि अधिक से अधिक किसानों को ऐसे संगठनों से जुड़कर खेती करनी चाहिए। इसके लिए विभाग रह संभव मदद इन किसान संघों को उपलब्ध करा रहा है।