आदमपुर में बोले कुलदीप, लोकसभा चुनाव वाली गलती न करें अपने-पराए की पहचान कर वोट दें
07 सितंबर 2019, 5:59 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
आदमपुर। हलके में जनसंपर्क अभियान के चरण में सीडब्ल्यूसी सदस्य एवं विधायक कुलदीप बिश्नोई ने आज गांव सीसवाल, सदलपुर, खारा बरवाला, मंडी आदमपुर के मुख्य बाजार में अनेक कार्यक्रमों में भाग लिया तथा लोगों की समस्याएं सुनी। ढाणी सीसवाल में बिजली की समस्या को लेकर उन्होंने मौके पर ही विभाग के जेई से फोन पर बात की तथा क्षेत्र में ट्रांसफार्म की संख्या बढ़ाने सहित बिजली से जुड़ी अन्य समस्याओं को दूर करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक मजबूती सहित आगामी चुनाव बारे विस्तार से चर्चा की व रणनीति बनाई। गांवों में लोगों को संबोधित करते हुए कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि आदमपुर वासी अपने पराए की पहचान करके फैसला लें। लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में लोगों ने ऐसे व्यक्ति को वोट दे दिया, जिसको लोग जानते तक नहीं थे। ये लोग ना तो पहले कभी आम जनमानस की समस्याओं को दूर करते और न ही आगे करेंगे। 50 साल के हमारे मजबूत गढ़ और आपसी भाईचारे को और मजबूती देने के लिए हलके की जनता कमर चूकी है। पिछले एक माह से वे लगातार गांवों में लोगों से जाकर मिल रहे हैं और यह बात सभी क्षेत्रों से सामने आ रही है कि सिर्फ मोदी के नाम पर लोगों ने लोकसभा में वोट दिए, लेकिन विधानसभा का चुनाव हलके की इज्जत, मान-सम्मान और अपने घर का चुनाव है। इसलिए पूरे हलके की जनता लोकसभा चुनाव से एकदम उलट कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेगी। जनसंपर्क के दौरान आदमपुर पे्ररक संघ ने अपनी मांगों का पत्र उन्हें सौंपा। संघ की मांगों का समर्थन करते हुए विधायक ने सरकार से साक्षर भारत मिशन के शिक्षा पे्ररकों की बहाली की मांग की। उन्होंने कहा कि हरियाणा के दस जिलों के 62 ब्लॉकों में नियुक्त शिक्षा पे्ररकों ने मात्र 2 हजार रूपए के मासिक मानदेय पर दिन रात एक करके व्यस्क शिक्षा कार्यक्रम को चलाया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री जन धन योजना के बैंक खाते खुलवाने सहित अनेक सरकारी कार्यक्रमों में योगदान दिया। इसके बावजूद इन शिक्षा पे्ररकों को 6 जून 2017 को बजट की कमी का हवाला देकर सेवा से मुक्त कर दिया गया, जो कि सरासर इनके साथ अन्याय है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि शिक्षा पे्ररकों को पुन: बहाल करके शिक्षा विभाग के नियमानुसार स्कूलों से जोड़ा जाए, केन्द्र सरकार की नई शिक्षा नीति को हरियाणा में जल्द से जल्द लागू करवाकर उसका लाभ शिक्षा पे्ररकों को दिलवाया जाए, हरियाणा सरकार को शिक्षा पे्ररकों के संदर्भ में जल्द से जल्द ठोस नीति बनाकर भेजी जाए, जिसमें शिक्षा पे्ररकों को कम से कम न्यूनतम मजदूरी राशी मिल सके व कर्मचारी का दर्जा मिल सके। उन्है तो होंने कहा कि अगर वर्तमान सरकार इनकी मांगों को नहीं स्वीकार करती राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने पर शिक्षा पे्ररकों को बहाल किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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