भाजपा के संकल्प पत्र को कांग्रेस ने बताया धोखा पत्र, मांगा पिछले 5 साल का हिसाब
13 अक्तूबर 2019, 5:42 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
चंडीगढ़। भाजपा द्वारा आज जारी संकल्प पत्र पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रया दी है।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रैस के नाम जारी बयान में कहा है कि
आज हमने उम्मीद की थी कि भारतीय जनता पार्टी एक माफी-पत्र जारी करेगी। जो पिछले विधान सभा चुनाव घोषणा पत्र में 154 वायदे किए थे उनमें से एक भी पूरा नहीं किया, इस पर आज माफी तो बनती थी। पांच साल में जिस पार्टी की सरकार ने हरियाणा को अपराध, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, नारी अत्याचार, अशिक्षा आदि में झोंक दिया, आज फिर एक नया धोखा पत्र लेकर आपके सामने आने की हिम्मत जुटाई। हरियाणा का वोटर हिसाब मांग रहा है, जवाब मांग रहा है। जो नकल हमारे संकल्प पत्र की डीजाइन एवं शीर्षक में इन्होंने की, काश वो नकल पिछले पांच सालों में सरकार चलाने में भी कर ली होती तो हरियाणा का इतना बुरा हाल न होता।
बड़ी-बड़ी बातें की जा रही हैं, कहते हैं 2022 तक किसान की आय को दोगुना कर देंगे, पिछले पांच साल में जिन्होंने कृषि की वार्षिक विकास दर बढ़ौतरी को पांच प्रतिशत से घटा कर 2.5 प्रतिशत कर दिया, वे ऐसा वादा करने की हिम्मत भी कैसे करते हैं। अगर किसान की आय को 2022 तक दोगुना करना है तो कृषि विकास दर 10.4 प्रतिशत सालाना बढऩी चाहिए। किसान आत्महत्याओं में पिछले पांच साल में 110 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। क्या इसका जवाब मैनीफैस्टों के चेयरमैन ओमप्रकाश धनखड़ जी देंगे जो कृषिमंत्री भी हैं और किसानों को कायर बताते हैं? याद कीजिए 2015 में येही ओमप्रकाश धनखड़ जी थे जिन्होंने कहा था कि आत्महत्या करने वाले किसान कायर हैं। क्या हरियाणा का किसान भूल जायेगा कि अभी मई में मुख्ममंत्री मनोहरलाल खट्टर ने यहां तक कह डाला कि किसानों को ऋण माफी नहीं मिलनी चाहिए क्योंकि इससे वे मुफ्तखोर एवं कामचोर हो रहे हैं। हरियाणा में किसानों पर कुल ऋण 47606 करोड़ है, और जो पिछले पांच साल में ऋण माफी हुई वह है 4750 करोड़। जिस पार्टी की सरकार ने सिर्फ 10 प्रतिशत का ऋण माफ किया हो क्या किसान उस पर कभी भरोसा कर सकता है। राज्य के 80 प्रतिशत किसान कमरकिशयल बैंक से ऋण लेते हैं एवं मात्र 29 प्रतिशत किसान कोऑपरेटिव बैंकों से ऋण लेते हैं। पिछले पांच साल में उन 80 प्रतिशत किसानों की तरफ मुड़ कर भी नहीं देखा गया।
बेरोजगारी में नंबर वन है हरियाणा
भाजपा के जुमला पत्र में युवाओं के बारे में बड़ी-बड़ी बातें की गई, असलियत यह है कि भारत में अगर बेरोजगारी दर 8.4 प्रतिशत है तो हरियाणा में इसकी दर 28.7 प्रतिशत है। बेरोजगारी में हरियाणा देश का नंबर वन राज्य बना दिया और फिर से आ गए हैं युवाओं का वोट मांगने। 2014 में पांच करोड़ नौकरियों का वायदा किया था और अब खुद बता रहे हैं कि 72 हजार नौकरियां दी, असलियत यह है कि उसमें से भी 40 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र नहीं मिला। पेपर लीक के गंभीर आरोप लगे, ये किसी से छिपा नहीं।
अपराध में चौथे नंबर पर पहुंचा हरियाणा
महिलाओं की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को लेकर खट्टर सरकार कभी गंभीर नहीं थी। देश में सबसे अधिक अनिमिया (खून की कमी) के केस-62.7 प्रतिशत हरियाणा में पाये जाते हैं। राज्य में 2014 से 2018 के बीच बलात्कार की घटनाओं में 42 प्रतिशत बढ़़ौतरी हुई है। राज्य के पुलिस विभाग में 27 प्रतिशत रिक्त पद हैं, देश में यह प्रतिशत भी सबसे जयादा है। हरियाणा में देश की आबादी का 2.6 प्रतिशत हिस्सा है लेकिन अपराधों में देश में यह चौथे स्थान पर आ गया है।
भाजपा ने घटाई सेवानिवृति आयु
सेवानिवृति की आयु हमारी सरकार ने 58 से 60 की थी परंतु भाजपा की कर्मचारी विरोधी सरकार ने इसको फिर से 58 कर दिया। अपनी जायज मांगों के लेकर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पुलिस की लाठियों से पीटा गया।
भाजपा सरकार ने बंद किए 750 स्कूल
जहां कांग्रेस की सरकार ने 1950 नये स्कूल स्थापित किए थे, वहीं खट्टर सरकार ने 750 स्कूल बंद कर दिये। आज ड्रॉपआऊट रेट 18 प्रतिशत है और शिक्षकों की संख्या 21.7 प्रतिशत घट गई है। कांग्रेस सरकार राज्य में 1072 कॉलेज छोड़ कर गई थी, आज कॉलेजों की संख्या 1038 है।
2 साल में बंद हो गई 700 औद्योगिक इकाईयां
आर्थिक दृष्टि से राज्य की स्थिति अत्ंयत गंभीर है। गुरुग्राम, मानेसर औद्योगिक क्षेत्र में पिछले दो वर्षों में लगभग 700 इकाईयां बंद हो गई हैं। यहां तक कि मारुती सुजुकी ने अपने उत्पादन में अगस्त 2019 में 33.99 प्रतिशत की कमी की। नतीजा यह- लाखों लोगों को बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है।
बरगलाना बंद कर पिछले पांच साल का हिसाब दे सरकार
हरियाणा में चुनाव प्रचार के लिए पूरे देश से मुख्यमंत्री बुलाये जा रहे हैं, भारतीय जनता पार्टी के बड़े-बड़े नेता आ रहे हैं और यहां आकर पूरे विश्व की बात करके हरियाणा के वोटर को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हरियाणा में हरियाणा की बात कीजिए, हरियाणा में हरियाणा के बेरोजगार नौजवान की बात कीजिए, हरियाणा में हरियाणा की महिलाओं की सुरक्षा की बात कीजिए, हरियाणा में हरियाणा के किसान की बात कीजिए। काठ की हांडी बस एक ही बार चढ़ती है। बरगलाना बंद कीजिए और पिछले पांच साल का हिसाब दीजिए।
13 अक्तूबर 2019, 5:42 PM
चंडीगढ़। भाजपा द्वारा आज जारी संकल्प पत्र पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रया दी है।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रैस के नाम जारी बयान में कहा है कि
आज हमने उम्मीद की थी कि भारतीय जनता पार्टी एक माफी-पत्र जारी करेगी। जो पिछले विधान सभा चुनाव घोषणा पत्र में 154 वायदे किए थे उनमें से एक भी पूरा नहीं किया, इस पर आज माफी तो बनती थी। पांच साल में जिस पार्टी की सरकार ने हरियाणा को अपराध, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, नारी अत्याचार, अशिक्षा आदि में झोंक दिया, आज फिर एक नया धोखा पत्र लेकर आपके सामने आने की हिम्मत जुटाई। हरियाणा का वोटर हिसाब मांग रहा है, जवाब मांग रहा है। जो नकल हमारे संकल्प पत्र की डीजाइन एवं शीर्षक में इन्होंने की, काश वो नकल पिछले पांच सालों में सरकार चलाने में भी कर ली होती तो हरियाणा का इतना बुरा हाल न होता।
बड़ी-बड़ी बातें की जा रही हैं, कहते हैं 2022 तक किसान की आय को दोगुना कर देंगे, पिछले पांच साल में जिन्होंने कृषि की वार्षिक विकास दर बढ़ौतरी को पांच प्रतिशत से घटा कर 2.5 प्रतिशत कर दिया, वे ऐसा वादा करने की हिम्मत भी कैसे करते हैं। अगर किसान की आय को 2022 तक दोगुना करना है तो कृषि विकास दर 10.4 प्रतिशत सालाना बढऩी चाहिए। किसान आत्महत्याओं में पिछले पांच साल में 110 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। क्या इसका जवाब मैनीफैस्टों के चेयरमैन ओमप्रकाश धनखड़ जी देंगे जो कृषिमंत्री भी हैं और किसानों को कायर बताते हैं? याद कीजिए 2015 में येही ओमप्रकाश धनखड़ जी थे जिन्होंने कहा था कि आत्महत्या करने वाले किसान कायर हैं। क्या हरियाणा का किसान भूल जायेगा कि अभी मई में मुख्ममंत्री मनोहरलाल खट्टर ने यहां तक कह डाला कि किसानों को ऋण माफी नहीं मिलनी चाहिए क्योंकि इससे वे मुफ्तखोर एवं कामचोर हो रहे हैं। हरियाणा में किसानों पर कुल ऋण 47606 करोड़ है, और जो पिछले पांच साल में ऋण माफी हुई वह है 4750 करोड़। जिस पार्टी की सरकार ने सिर्फ 10 प्रतिशत का ऋण माफ किया हो क्या किसान उस पर कभी भरोसा कर सकता है। राज्य के 80 प्रतिशत किसान कमरकिशयल बैंक से ऋण लेते हैं एवं मात्र 29 प्रतिशत किसान कोऑपरेटिव बैंकों से ऋण लेते हैं। पिछले पांच साल में उन 80 प्रतिशत किसानों की तरफ मुड़ कर भी नहीं देखा गया।
बेरोजगारी में नंबर वन है हरियाणा
भाजपा के जुमला पत्र में युवाओं के बारे में बड़ी-बड़ी बातें की गई, असलियत यह है कि भारत में अगर बेरोजगारी दर 8.4 प्रतिशत है तो हरियाणा में इसकी दर 28.7 प्रतिशत है। बेरोजगारी में हरियाणा देश का नंबर वन राज्य बना दिया और फिर से आ गए हैं युवाओं का वोट मांगने। 2014 में पांच करोड़ नौकरियों का वायदा किया था और अब खुद बता रहे हैं कि 72 हजार नौकरियां दी, असलियत यह है कि उसमें से भी 40 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र नहीं मिला। पेपर लीक के गंभीर आरोप लगे, ये किसी से छिपा नहीं।
अपराध में चौथे नंबर पर पहुंचा हरियाणा
महिलाओं की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को लेकर खट्टर सरकार कभी गंभीर नहीं थी। देश में सबसे अधिक अनिमिया (खून की कमी) के केस-62.7 प्रतिशत हरियाणा में पाये जाते हैं। राज्य में 2014 से 2018 के बीच बलात्कार की घटनाओं में 42 प्रतिशत बढ़़ौतरी हुई है। राज्य के पुलिस विभाग में 27 प्रतिशत रिक्त पद हैं, देश में यह प्रतिशत भी सबसे जयादा है। हरियाणा में देश की आबादी का 2.6 प्रतिशत हिस्सा है लेकिन अपराधों में देश में यह चौथे स्थान पर आ गया है।
भाजपा ने घटाई सेवानिवृति आयु
सेवानिवृति की आयु हमारी सरकार ने 58 से 60 की थी परंतु भाजपा की कर्मचारी विरोधी सरकार ने इसको फिर से 58 कर दिया। अपनी जायज मांगों के लेकर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पुलिस की लाठियों से पीटा गया।
भाजपा सरकार ने बंद किए 750 स्कूल
जहां कांग्रेस की सरकार ने 1950 नये स्कूल स्थापित किए थे, वहीं खट्टर सरकार ने 750 स्कूल बंद कर दिये। आज ड्रॉपआऊट रेट 18 प्रतिशत है और शिक्षकों की संख्या 21.7 प्रतिशत घट गई है। कांग्रेस सरकार राज्य में 1072 कॉलेज छोड़ कर गई थी, आज कॉलेजों की संख्या 1038 है।
2 साल में बंद हो गई 700 औद्योगिक इकाईयां
आर्थिक दृष्टि से राज्य की स्थिति अत्ंयत गंभीर है। गुरुग्राम, मानेसर औद्योगिक क्षेत्र में पिछले दो वर्षों में लगभग 700 इकाईयां बंद हो गई हैं। यहां तक कि मारुती सुजुकी ने अपने उत्पादन में अगस्त 2019 में 33.99 प्रतिशत की कमी की। नतीजा यह- लाखों लोगों को बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है।
बरगलाना बंद कर पिछले पांच साल का हिसाब दे सरकार
हरियाणा में चुनाव प्रचार के लिए पूरे देश से मुख्यमंत्री बुलाये जा रहे हैं, भारतीय जनता पार्टी के बड़े-बड़े नेता आ रहे हैं और यहां आकर पूरे विश्व की बात करके हरियाणा के वोटर को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हरियाणा में हरियाणा की बात कीजिए, हरियाणा में हरियाणा के बेरोजगार नौजवान की बात कीजिए, हरियाणा में हरियाणा की महिलाओं की सुरक्षा की बात कीजिए, हरियाणा में हरियाणा के किसान की बात कीजिए। काठ की हांडी बस एक ही बार चढ़ती है। बरगलाना बंद कीजिए और पिछले पांच साल का हिसाब दीजिए।


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