सीधे चुनाव मैदान से LIVE : कहीं त्रिकोणीय मुकाबला तो कहीं दांव पर दिग्गजों की साख,जानें प्रदेश की सभी हॉट सीटों का हाल


सीधे चुनाव मैदान से। हरियाणा की चुनावी जंग में बचे हैं मात्र 1168 योद्धा, शुरू हुआ शह-मात का असली खेल
कहीं त्रिकोणीय मुकाबला तो कहीं दांव पर दिग्गजों की साख,जानें प्रदेश की सभी हॉट सीटों का हाल 
21 अक्तूबर को होना है चुनाव, 24 अक्तूबर को घोषित होंगे नतीजे
19578 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं प्रदेशभर में
18390525 मतदाता करेंगे मत का प्रयोग
पुरुष मतदाता  :  9878042
महिला मतदाता : 8512231
सर्विस वोटर : 107955
ट्रास्जेंडर मतदाता : 252 

लो एक बार फिर आ गई आपके इम्तिहान की घड़ी। शिक्षा, रोजगार, नौकरी, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली व पानी आदि दिक्कतों का सामना करते आपको अरसा गुजर गया। अब फिर कई पुराने व नए चेहरे इन समस्याओं को निपटाने के वादों की पोटली लिए आपके बीच हैं। वैसे तो सभी सीटों पर मुकाबला जबरदस्त है। किसी सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बनते दिखाई दे रहे हैं तो कहीं सियासी राजघरानों के वारिसों की साख दांव पर है। अब ये उम्मीदवार आपसे मिट्ठी व चिकनी-चुपड़ी बातें करके आपको एक मौका देने की अपील करते नजर आएंगे। अब फैसला आपके हाथ में है और आपको स्वंय करनी है अच्छे उम्मीदवार की पहचान जो आपकी उम्मीदों पर खरा उतर सके। तो 21 अक्तूबर को आपने राष्टÑहित में अच्छे उम्मीदवार की पहचान कर मतदान अवश्य करना है। हरियाणा मीडिया जंक्शन सभी मतदाताओं से अपील करता है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए आप मतदान अवश्य करें।




संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन 
11 अक्तूबर 2019, 10:57 AM
हिसार। हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी रण पूरी तरह से सजकर तैयार है और असल तस्वीर भी अब लगभग पूरी तरह से साफ हो चुकी है क्योंकि सभी सेनाएं आमने-सामने हैं। दलबदलु भी अपनी दाल गला चुके। अब पूरी तरह से तय हो गया है कि हरियाणा की 90 सीटों पर इस महासंग्राम के असल योद्धा कौन-कौन हैं क्योंकि नामांकन प्रक्रिया में नाम वापिस लेने के साथ ही शुरू हो चुका है असली शह-मात का खेल। हरियाणा की सभी 90 सीटों पर भाजपा, कांग्रेस, जेजेपी, इनेलो, आप, बसपा, लोसुपा, सीपीआईएम तथा निर्दलीय कुल  1846 उम्मीदवारों ने ताल ठोंकी थी जिसमें से अब मात्र 1168 शेष बचे हैं और सभी उम्मीदवारों को आज चुनाव चिह्न अलॉट किए जा चुके हैं। राज्य की सभी विधानसभा सीटों के लिए 21 अक्तूबर, 2019 को मतदान होंगे। चुनावी जंग में अब जिला अंबाला में कुल 36, जिला झज्जर में कुल 58, जिला कैथल में कुल 57, जिला कुरुक्षेत्र में कुल 44, जिला  सिरसा में कुल 66, जिला हिसार में 118, जिला यमुनानगर में 46, जिला महेंद्रगढ़ में 45, जिला चरखी  दादरी में कुल 27, जिला रेवाड़ी में कुल 41, जिला जींद में कुल 63, जिला पंचकूला में कुल 24, जिला फतेहाबाद में कुल 50, जिला रोहतक में कुल 58, जिला पानीपत में कुल 40, जिला मेवात में कुल 35, जिला सोनीपत में कुल 72, जिला फरीदाबाद में 69, जिला भिवानी में 71, जिला करनाल में कुल 59, जिला गुडगांव में कुल 54, जिला पलवल में कुल 35 उम्मीदवार चुनावी मैदान में रह गए हैं।
अब बात करते हैं प्रदेश की सीटों पर चल रही उथल-पुथल की। करनाल सीट पर जहां मुख्यमंत्री मनोहर लाल की प्रतीष्ठा दांव पर लगी है तो वहीं टोहाना में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुÞभाष बराला, नारनौंद मे वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, गढ़ी-सांपला-किलोई में भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रादौर में कर्णदेव कम्बोज, कैथल में रणदीप सूरजेवाला, बादली में ओमप्रकाश धनखड़, महेंद्रगढ़ में रामबिलास शर्मा, झज्जर में गीता भुक्कल व सिरसा में होशियारी लाल शर्मा जैसे दिग्गजों की साख भी दांव पर है। पिछले 2014 के विधानसभा चुनावों की तुलना में इस बार कई तरह के समीकरण बदल गए हैं। सबसे बड़ी बात यह भी है कि इस बार किसी भी पार्टी के बीच कोई गठबंधन नहीं हुआ है। इस बार दो नए राजनीतिक दल भी मैदान में हैं। एक इनेलो से अलग हुई जननायक जनता पार्टी व व दूसरी राजकुमार सैनी की लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी। इसके अलावा आम आदमी पार्टी व मायावती की बहुजन समाज पार्टी भी चुनाव मैदान में है। आदमपुर समेत कुछ सीटों पर सीपीआईएम के उम्मीदवार भी मैदान में हैं।


शहरों में 5741 तो गांवों में 13837 मतदान केंद्र 
विधानसभा आम चुनाव के लिए प्रदेशभर से 1 करोड़ 83 लाख 90 हजार 525 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। राज्य की 90 विधानसभा सीटों के लिए 21 अक्तूबर, 2019 को होने वाले मतदान के लिए कुल 19578 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। 4 अक्तूबर, 2019 को प्रकाशित मतदाता सूची के अनुसार प्रदेश में कुल 1 करोड़ 83 लाख 90 हजार 525 मतदाता हैं, जिनमें 1 लाख 7 हजार 955 सर्विस वोटर शामिल हैं। प्रदेश में  98 लाख 78 हजार 42 पुरुष मतदाता, 85 लाख 12 हजार 231 महिला मतदाता और 252 ट्रांसजेडर मतदाता हैं। प्रदेश में 10324 लोकेशनों पर 19578 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिसमें 19425 रेगुलर और 153 सहायक मतदान केंद्र हैं। शहरी क्षेत्र में 5741 और ग्रामीण क्षेत्र में 13837 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

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करनाल सीट पर होगा दिलचस्प मुकाबला 
मुख्यमंत्री मनोहर लाल की उम्मीदवारी व पंजाबी बाहुल्य होने के कारण इस सीट पर पूरे प्रदेश नजरें हंै। भाजपा से मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर मैदान में हैं वहीं जेजेपी ने जहां सीएम के मुकाबले पूर्व फौजी तेज बहादुर यादव को मैदान में उतारा है वहीं कांग्रेस ने त्रिलोचन सिंह, आप ने महेंद्र पाल राठी, लोसुपा ने वीरेंद्र शर्मा व बसपा ने सतीश बाल्मीकि को टिकट दी है।

टोहाना विधानसभा : क्या दोबारा कमल खिला पाएंगे सुभाष बराला 
फतेहाबाद जिले के टोहाना विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का बोलबाला रहा है। यहां 1967 से अब तक हुए 13 चुनावों में सात बार सत्ता कांग्रेस के पास रही है लेकिन कांग्रेस के इस गढ़ में भी इमरजेंसी के बाद कांग्रेस को करारा झटका देते हुए जनता पार्टी का प्रत्याशी विजयी हुआ था। यह हरियाणा की ऐसी सीट रही है जहां एक बार कम्युनिस्टों की पार्टी सीपीएम् ने भी विजयश्री हासिल की है। बीजेपी के हालात इस सीट पर कभी भी अच्छे नहीं थे। 2014 से पहले तक हुए चुनावों में बीजेपी कभी दूसरे नंबर पर भी नहीं आई थी लेकिन जाटलैंड की इस सीट पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और जाट नेता सुभाष बराला ने इतिहास रचा। उनकी जीत के साथ 2014 में यहां पहली बार फूल खिला। 2019 के लोकसभा चुनाव में इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को कांग्रेस से ही कड़ी टक्कर मिली थी. 2014 के विधानसभा चुनाव में इस विधानसभा सीट पर भाजपा को जीत दिलवाने में डेरा सच्चा सौदा की भी अहम भूमिका बताई जाती है। इस बार इस सीट पर भाजपा से सुभाष बराला, कांग्रेस से परमवीर सिंह, जेजेपी से देवेंद्र सिंह बबली, इनेलो से राजपाल सैनी, आप से अजय कुमार व बसपा से बलजीत सिंह बोद्ध चुनाव मैदान में हैं। अब देखना यह है कि सुभाष बराला यहां दोबारा कमल खिला पाते हैं या नहीं।

उचाना कलां : प्रतिष्ठा की लड़ाई लड़ रहे जेजेपी व भाजपा
विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा हॉट सीट उचाना कलां मानी जा रही है। जेजेपी से यहां दुष्यंत चौटाला चुनाव मैदान में हैं। वहीं चौधरी बीरेंद्र सिंह की पत्नी व सांसद बृजेंद्र सिंह की माता प्रेमलता उचाना से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। कांग्रेस ने बालाराम कठवाल और इनेलो ने सतपाल गोंडाखेड़ा, आप ने रोहतास इंकलाबी व बसपा ने समरजीत सिंह उर्फ बिल्लु को मैदान में उतारा है। जींद जिले की उचाना सीट राजनीतिक दृष्टि से काफी अहमियत रखती है। यहां इस बार जेजेपी और भाजपा प्रतिष्ठा की लड़ाई लड़ रहे हैं।

गढ़ी सांपला किलोई : दांव पर हुड्डा की साख 
गढ़ी सांपला किलोई हलका मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ कहा जाता है। यहां से उनके मुकाबले भाजपा के सतीश नांगल, जेजेपी के डॉ. संदीप हुड्डा, इनेलो से कृष्ण कौशिक और आप से मुनीपाल अत्री व बसपा से अशोक शर्मा मैदान में हैं। जिला रोहतक की इस जाटलैंड सीट पर मुख्यमंत्री हुड्डा का काफी बड़ा जनाधार है।

कैथल : इस बार दांव पर सुरजेवाला की साख 
कैथल से कांग्रेस प्रत्याशी रणदीप सिंह सुरजेवाला मैदान में हैं। वे पिछले तीन चुनाव यहां से जीत चुके हैं, लेकिन इस बार मुकाबला काफी टक्कर का है। इस सीट पर भाजपा ने लीलाराम गुर्जर, जेजेपी ने रामफल खुराना और इनेलो ने सिद्धार्थ सैनी को चुनाव मैदान में उतारा है। इसके अलावा लोसुपा के शाम मांडी भी चुनाव मैदान में हैं।

आदमपुर : क्या गढ़ को बचा पाएंगे कुलदीप बिश्नोई 
आदमपुर विधानसभा सीट कांगे्रस उम्मीदवार कुलदीप बिश्नोई के कारण हॉट बनी हुई है। यहां भाजपा से अभिनेत्री सोनाली फौगाट, जेजेपी से रमेश गोदारा, इनेलो से राजेश गोदारा तो बसपा से सतबीर छिप्या मैदान में हैं। हिसार जिले की आदमपुर सीट पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के गढ़ के रूप में जानी जाती है। लोकसभा चुनाव में भव्य बिश्नोई की हार के बाद आदमपुर के गढ़ को बचाने का दारोमदार कुलदीप पर ही है।

महेंद्रगढ़ : क्या इस बार हार का बदला ले पाएंगे राव दान सिंह 
अहीरवाल की महेंद्रगढ़ विधानसभा सीट इस चुनाव में खास महत्व वाली बन गई है। भाजपा के रामबिलास शर्मा यहां से मैदान में हैं। शर्मा के लिए यह चुनाव जीतना सबसे ज्यादा अहम है। कांग्रेस ने यहां से राव दान सिंह को मैदान में उतारा है, जबकि जेजेपी ने राव रमेश पालड़ी, इनेलो ने महेंद्र शेखावत को मैदान में उतारा है। आम आदमी पार्टी से यहां अजय शर्मा तो लोसुपा से मुकेश छाजियाबादद मैदान में हैं।

सिरसा : क्या अपना गढ़ बचा पाएगी इनेलो 
पंजाब की सीमा से सटे सिरसा को इनेलो का गढ़ माना जाता है। सिरसा शहर सीट पर पंजाबी समाज का कब्जा रहा है। यहां से भाजपा ने प्रदीप रतुसरिया, जेजेपी ने राजेंद्र गनेरीवाला, कांग्रेस ने होशियारलाल शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है। इस सीट से हरियाणा लोकहित पार्टी के अध्यक्ष गोपाल कांडा के चुनावी जंग मेंं कूदने से मुकाबला और ज्यादा दिलचस्प हो गया है। वहीं आम आदमी पार्टी से वीरेंद्र कुमार तो बसपा से फूलचंद वाणी चुनाव मैदान में हैं। बता दें कि इस सीट पर हमेशा ही इनेलो का वर्चस्व रहा है। पिछली बार इस सीट पर इनेलो से मक्खन लाल सिंगला ने विजय का परचम लहराया था लेकिन इस बार उनके भाजपा में शामिल होने से इस सीट पर भी दिलचस्प मुकाबले के आसार हैं।

ऐलनाबाद : क्या बरकरार रहेगी चौटाला परिवार की चौधर 
इनेलो के खासे प्रभाव वाली सिरसा जिले की ऐलनाबाद विधानसभा सीट से इस बार फिर भाजपा ने पवन बैनीवाल को मैदान में उतारा है। इनेलो से  मुख्यमंत्री पद के दावेदार अभय सिंह चौटाला में हैं तो जेजेपी ने ओपी सिहाग तो कांग्रेस ने भरत सिंह बैनीवाल पर भरोसा जताया है। इस सीट पर आम आदमी पार्टी ने कृष्ण कुमार वर्मा, लोसुपा ने रामरूप सैन तो बसपा ने रव्रिदं बालयान को चुनाव मैदान में उतारा है।

डबवाली : यहां दांव पर आदित्य देवीलाल चौटाला की साख 
सिरसा जिले की डबवाली सीट चौटाला परिवार की वजह से हमेशा से ही अहम रही है। इस सीट से भाजपा ने जहां आदित्य देवीलाल चौटाला को चुनाव मैदान में उतारा है वहीं जेजेपी ने सर्वजीत सिंह मसीता, कांग्रेस ने अमित सिहाग, इनेलो ने सीता राम, आप ने मलकीत सिंह,लोसुपा ने संतलाल छापोला ता बसपा ने सुभाष नंबरदार को चुनाव मैदान में उतार भरोसा जताया है।

नारनौंद : वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के लिए कठिन डगर 
हिसार जिले की सबसे हॉट नारनौंद सीट से भाजपा के वरिष्ठ नेता व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु मैदान में है। कैप्टन को घेरने के लिए जेजेपी से पूर्व विधायक रामकुमार गौतम, इनेलो से जस्सी पेटवाड़, कांग्रेस से बलजीत सिंहाग के अलावा आप से संदीप लौरा व लोसुपा से संजय कुमार मैदान में हैं। इस बार नारनौंद सीट पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के पिछला चुनाव जीतने के बाद से इलाके में दिखाई न देने के कारण अनेक गांवों में मतदाता इस बार खासे नाराज हैं। इसलिए कैप्टन अभिमन्यु को जीतने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना होगा।

हांसी : कहीं बगावत ही न बन जाए भाजपा की हार का कारण 
हांसी विधानसभा सीट पर भाजपा ने कांग्रेस छोड़कर आए जिस उम्मीदवार को टिकट दिया है, उसका जनता में भारी विरोध हो रहा है। यहां पूर्व विधायक व सीपीएस विनोद भ्याना भाजपा के उम्मीदवार हैं जिन पर कांग्रेस कार्यकाल में जमीनों में भ्रष्टाचार समेत तमाम आरोप हैं। यही वजह है कि विनोद भ्याना को टिकट मिलने के बाद भाजपा के ढ़ेरों नेता व वर्कर पार्टी से खासे नाराज हैं। भाजपा में यहां भतीरघात हो सकता है। बगावत पर उतरे यही नेता व वर्कर ही भाजपा की हार का कारण बन सकते हैं। इस सीट पर कांग्रेस ने जहां ओमप्रकाश को अपना उम्मीदवार बनाया है, वहीं जेजेपी ने राहुल मक्कड़ को टिकट दी है। यहां इनेलो से कुलबीर बामल, आप से मनोज राठी, लोसुपा से हरीराम सैनी तो बसपा से सुरेंद्र शर्मा चुनाव मैदान में हैं।

तोशाम : विरासत को बरकरार रखना किरण के लिए चुनौती 
भिवानी जिले की तोशाम सीट पर इस बार फिर कांग्रेस से किरण चौधरी चुनाव लड़ रही है। बंसीलाल परिवार की विरासत को बरकरार रखना इस बार किरण के लिए चुनौती है। भाजपा से यहां पर शशीरंजन परमार, जेजेपी से सीताराम सिंघाल, इनेलो से कमला रानी, आप से पवन हिन्दुस्तानी तो लोसुपा से मनीराम सरोहा चुनाव मैदान में हैं।

बाढ़ड़ा : क्या जेजेपी खोल पाएगी खाता, दांव पर नैना चौटाला की साख
जिला चरखी दादरी की बाढ़ड़ा विधानसभा सीट पर इस बार दिलचस्प व रोचक मुकाबले के आसार हैं। इस सीट पर जेजेपी सुप्रीमो दुष्यंत चौटाला की माता नैना चौटाला चुनाव मैदान में हैं। भाजपा ने जहां इस सीट पर सुखविंदर मांडी को चुनावी जंग में उतारा है वहीं कांग्रेस ने रणबीर महेंद्रा, इनेलो ने विजय पंचगामा को टिकट दी है।

अंबाला छावनी : क्या अनिल विज को हरा पाएंगे सियासी सूरमां 
अंबाला छावनी विधानसभा सीट पिछले कई चुनाव में अनिल विज जीतते रहे हैं। विज भाजपा के कद्दावर नेता व वर्तमान में स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री हैं। अनिल विज का अपने इलाके में अपना एक राजनीतिक रसूख है। उनके मुकाबले जेजेपी ने मजबूत उम्मीदवार के तौर पर गुरपाल सिंह माजरा को उतारा है, जबकि कांग्रेस ने वीनू सिंगला व इनेलो ने ओंकार सिंह व बसपा ने राजेश चलानिया को चुनाव मैदान में उतारा है।

अंबाला शहर : इस बार त्रिकोणिय मुकाबला 
इस सीट पर भाजपा के असीम गोयल चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि जेजेपी ने यह सीट हरपाल सिंह कम्बोज को दी है। इस सीट पर कांगेस से जसबीर मलौर, आप से अंशुल कुमार अग्रवाल, लोसुपा से शरणपाल सचदेवा व बसपा से सरदार रविंद्र सिंह चुनाव मैदान में हैं।

हिसार : क्या जीत का परचम दोहरा पाएंगे कमल गुप्ता 
हिसार सीट पर इस बार फिर मौजूदा विधायक व भाजपा उम्मीदवार कमल गुप्ता की साख दांव पर लगी है। यहां जेजेपी ने जितेंद्र श्योराण, कांग्रेस ने रामनिवास, इनेलो ने अमित सैनी, लोसुपा ने गीता सैनी तो बसपा ने मंजू दहिया को चुनाव मैदान में उतारा है।

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