कुलदीप की चौपाल में उमड़ रही भीड़, अन्य पार्टियां छोड़ कांग्रेस में शामिल होने वालों का लगा तांता
11 अक्तूबर 2019, 12:20 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
आदमपुर। पिछले ढाई माह से लगातर हलके के सभी गांवों, ढाणियों में निजी तौर पर लोगों के यहां नुक्कड़ बैठकों, जनसंपर्क अभियान चलाने के बाद केन्द्रीय कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य कुलदीप बिश्नोई ने गत दिवस हलके के गांवों में चौपालों पर संबोधन कार्यक्रमों की शुरूआत की। आदमपुर पूर्वी पाना, पश्चिमी पाना, दड़ौली, चूली कलां, चूली खुर्द, चूली बागड़िय़ान, खारा बरवाला, किशनगढ़, चबरवाल, भोडिया बिश्नोईयान, सदलपुर, लाईनपार में पहुंचने पर लोगों ने कुलदीप का टै्रक्टरों, मोटरसाईकलों, फूलमालाओं, पगडिय़ों, मिठाईयों, ढोल-नगाड़ों से जोरदार स्वागत किया। इस दौरान गांवों में बड़ी संख्या में परिवारों ने अन्य पार्टियां छोड़कर अपना समर्थन कुलदीप बिश्नोई को देने की घोषणा की। पूर्व विधायक जसमा देवी भी इस दौरान उनके साथ थी। ग्रामीण चौपालों को संबोधित करते हुए कुलदीप बिश्नोई ने हलकावासियों से विधानसभा चुनाव में साथ देने आह्वान करते हुए कहा कि 21 अक्तूबर को अपने-पराए की पहचान करते हुए फैसला लें कि किसने क्षेत्र में काम करवाए हैं और कौन आगे करवा सकता है। स्कूल, कॉलेज, नहरें, रजबाहें, आईटीआई, अस्पतालों से लेकर विकास की हर ईंट पर आदमपुर में चौ. भजनलाल का नाम लिखा है और विपक्ष में रहते हुए मैंने आदमपुर में विकास कार्य करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पिछले 32 वर्षों से वे आदमपुर के हितों की आवाज को बुलंद करते आए हैं। उन्होंने कहा कि नेतृत्व और पहचान पीढिय़ों की मेहनत से बनती है। आदमपुर और भजनलाल परिवार की पहचान पिछले 50 सालों के आपसी साथ और भाईचारे से बनी है, इस पहचान को हलके की जनता कभी मिटने नहीं देगी। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में खट्टर सरकार ने राज्य के किसान, व्यापारी, कर्मचारी, मजदूर वर्ग के हितों को कुचला है। किसानों चोट मारी, व्यापारियों का बर्बाद किया तथा युवाओं को रोजगार के लिए धक्के खाने पर मजबूर किया। 75 पार की बात करने वाली भाजपा सरकार में प्याज 75 पार हो गया है, पेट्रोल 75 पार होने को है। फसल बीमा योजना जब यह सरकार लेकर आई थी तो उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया था और चेताया था कि इस योजना से किसानों का शोषण होगा और वही हुआ। खराब फसलों का मुआवजा देने की बात आई तो बीमा कंपनियों ने तरह-तरह की शर्तें किसानों पर थोप दी। उन्होंने कहा कि सत्ता के नशे में चूर भाजपा नेतओं को लोगों की दुख-तकलीफ नहीं दिख रही। मुख्यमंत्री कभी गर्दन काटने की बात कर रहे हैं, कभी किसान को जेल के अंदर ठूंसने की बात कर रहे हैं, कभी महिलाओं को बाहर निकल जाने की बात कहकर उनकी बेईज्जती कर रहे हैं। यह सब मुख्यमंत्री का अहंकार ही तो है, लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि अहंकार तो राजा रावण का भी नहीं रहा था। 21 अक्तूबर को आदमपुर सहित प्रदेश की जनता वोट की चोट से भाजपा को सबक सिखाएगी और भाजपा नेताओं के अहंकार को कड़ा जवाब देगी। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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