हिसार : ग्राम सभाओं में ये 24 ग्राम पंचायतें पारित करेंगी पराली न जलाने का प्रस्ताव
पर्यावरण को बचाएं, पराली न जलाएं, गांव-गांव जाकर संदेश देगा प्रशासन
अगले 2 दिन 24 गांवों के किसानों को पराली न जलाने के लिए किया जाएगा जागरूक
2 नवंबर 2019, 5:17 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार। जिला प्रशासन अब गांवों में ग्राम सभाओं की बैठकें आयोजित कर किसानों को पराली न जलान बारे जागरूक करेगा। इसके लिए उपायुक्त ने पंचायत विभाग के अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने विभिन्न खंडों के 24 गांवों के लिए शैड्यूल भी जारी कर दिया है। उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने बताया कि खेतों में पराली जलाने पर रोक लगाई गई है और इस संबंध में किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा पराली प्रबंधन कृषि उपकरण भारी-भरकम अनुदान पर किसानों को उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इसके बावजूद यदि किसान अपने खेतों में पराली को आग लगाते हैं तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी भी व्यक्ति को प्रदूषण फैलाकर आमजन के लिए समस्याएं पैदा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि फसल अवशेषों को आग लगाने से जमीन व पर्यावरण को क्या नुकसान होता है, इसके संबंध में किसानों को जागरूक करने के लिए ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत 5 व 6 नवंबर को गांवों में ग्राम सभाएं आयोजित करके यहां के किसानों व ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने सभी खंडों के बीडीपीओ को निर्देश दिए हैं कि वे ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पास करवाएं कि गांव का कोई भी किसान फसल अवशेषों में आग नहीं लगाएगा। इतना ही नहीं, गांवों में कूड़ा जलाने पर भी प्रतिबंध लगावाया जाए। उन्होंने बताया कि पराली में आग लगाने से इससे उत्पन्न होने वाला धुआं पर्यावरण को काफी अधिक नुकसान करता है और आमजन के साथ-साथ यह जीव-जंतुओं तथा पेड़-पौधों के लिए भी हानिकारक है। इससे जमीन में मौजूद मित्रकीट भी नष्टद्द हो जाते हैं तथा भूमि की उत्पादन क्षमता कम हो जाती है। उपायुक्त ने जिला के किसानों से आह्वद्दान किया है कि वे अपने फसल अवशेषों में आग न लगाएं बल्कि इसका वैज्ञानिक तरीके से मशीनों के माध्यम से प्रबंधन करें। ऐसा करके उन्हें अतिरिक्त आमदनी हो सकती है तथा वे जमीन की उपजाऊ शक्ति भी बढ़ा सकते हैं। पराली प्रबंधन के लिए किसान कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं जिनके माध्यम से उन्हें सरकारी योजनाओं की भी जानकारी आसानी से मिल जाएगी।
जिला हिसार के इन 24 गांवों में चलेगा जागरूकता अभियान
हिसार-प्रथम : गांव तलवंडी राणा, नियाणा, खरड़, ढाणी जाटान, मिरकां, सातरोड़ कलां
अग्रोहा : साबरवास, कनोह, कालीरावणा, खरक पूनिया, नया गांव, राजली
हांसी-प्रथम : खंड के गांव घिराय
हांसी-द्वितीय : गांव मदनहेड़ी
हिसार-द्वितीय : गांव बीड़
नारनौंद : गांव राखी खास, लोहारी राघो, राजपुरा, भैणी अमीरपुर
उकलाना : गांव बिठमड़ा, सूरेवाला, पाबड़ा, साहू तथा चमारखेड़ा
पर्यावरण को बचाएं, पराली न जलाएं, गांव-गांव जाकर संदेश देगा प्रशासन
अगले 2 दिन 24 गांवों के किसानों को पराली न जलाने के लिए किया जाएगा जागरूक
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| उपायुक्त अशोक कुमार मीणा |
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार। जिला प्रशासन अब गांवों में ग्राम सभाओं की बैठकें आयोजित कर किसानों को पराली न जलान बारे जागरूक करेगा। इसके लिए उपायुक्त ने पंचायत विभाग के अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने विभिन्न खंडों के 24 गांवों के लिए शैड्यूल भी जारी कर दिया है। उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने बताया कि खेतों में पराली जलाने पर रोक लगाई गई है और इस संबंध में किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा पराली प्रबंधन कृषि उपकरण भारी-भरकम अनुदान पर किसानों को उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इसके बावजूद यदि किसान अपने खेतों में पराली को आग लगाते हैं तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी भी व्यक्ति को प्रदूषण फैलाकर आमजन के लिए समस्याएं पैदा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि फसल अवशेषों को आग लगाने से जमीन व पर्यावरण को क्या नुकसान होता है, इसके संबंध में किसानों को जागरूक करने के लिए ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत 5 व 6 नवंबर को गांवों में ग्राम सभाएं आयोजित करके यहां के किसानों व ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने सभी खंडों के बीडीपीओ को निर्देश दिए हैं कि वे ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पास करवाएं कि गांव का कोई भी किसान फसल अवशेषों में आग नहीं लगाएगा। इतना ही नहीं, गांवों में कूड़ा जलाने पर भी प्रतिबंध लगावाया जाए। उन्होंने बताया कि पराली में आग लगाने से इससे उत्पन्न होने वाला धुआं पर्यावरण को काफी अधिक नुकसान करता है और आमजन के साथ-साथ यह जीव-जंतुओं तथा पेड़-पौधों के लिए भी हानिकारक है। इससे जमीन में मौजूद मित्रकीट भी नष्टद्द हो जाते हैं तथा भूमि की उत्पादन क्षमता कम हो जाती है। उपायुक्त ने जिला के किसानों से आह्वद्दान किया है कि वे अपने फसल अवशेषों में आग न लगाएं बल्कि इसका वैज्ञानिक तरीके से मशीनों के माध्यम से प्रबंधन करें। ऐसा करके उन्हें अतिरिक्त आमदनी हो सकती है तथा वे जमीन की उपजाऊ शक्ति भी बढ़ा सकते हैं। पराली प्रबंधन के लिए किसान कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं जिनके माध्यम से उन्हें सरकारी योजनाओं की भी जानकारी आसानी से मिल जाएगी।
जिला हिसार के इन 24 गांवों में चलेगा जागरूकता अभियान
हिसार-प्रथम : गांव तलवंडी राणा, नियाणा, खरड़, ढाणी जाटान, मिरकां, सातरोड़ कलां
अग्रोहा : साबरवास, कनोह, कालीरावणा, खरक पूनिया, नया गांव, राजली
हांसी-प्रथम : खंड के गांव घिराय
हांसी-द्वितीय : गांव मदनहेड़ी
हिसार-द्वितीय : गांव बीड़
नारनौंद : गांव राखी खास, लोहारी राघो, राजपुरा, भैणी अमीरपुर
उकलाना : गांव बिठमड़ा, सूरेवाला, पाबड़ा, साहू तथा चमारखेड़ा


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