
हरियाणा में अब रफ्तार पकड़ेंगे उद्योग, सरकार ने तैयार किया है यह बड़ा पलान
उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक परामर्श परिषद का गठन
19 नवंबर 2019, 8:59 AM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
चंडीगढ़/हिसार। हरियाणा सरकार ने राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और आर्थिक विकास के विभिन्न मुद्दों और नीतियों से सम्बन्धित मुद्दों के निस्तारण के लिए आर्थिक परामर्श परिषद का गठन किया है। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि परिषद के अध्यक्ष हरियाणा के मुख्यमंत्री होंगे और राज्य सरकार, उद्योग और शैक्षणिक जगत के विभिन्न प्रतिनिधि भी इसमें शामिल होंगे। इस सम्बन्ध में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने हाल ही में एक अधिसूचना जारी की है। उन्होंने बताया कि वित्त मंत्री, उद्योग मंत्री व मुख्य सचिव के अलावा वित्त, नगर एवं ग्राम आयोजना, बिजली, आबकारी एवं कराधान, श्रम, राजस्व, पर्यावरण एवं उद्योग विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव या प्रधान सचिव और एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के निदेशक इस परिषद के सरकारी सदस्य होंगे। प्रवक्ता ने बताया कि निजी क्षेत्र के सदस्यों में रीयल एस्टेट के प्रमुख, प्रतिष्ठित बैंक, जिनके मुख्यालय हरियाणा में हैं, के सीएमडी, जानीमानी परामर्श फर्मों के प्रबंधन भागीदार, प्रमुख आईटी फर्मों के कंट्री हैड, हरियाणा की प्रमुख टैक्सटाइल, लॉजिस्टिक, ऐरोस्पेस और फूड प्रोसैसिंग इकाइयों के सीएमडी, अपेक्स इण्डस्ट्री एसोसिएशन के प्रधान और शैक्षणिक संस्थानों के कुलपति शामिल हैं।
5 वर्ष के लिए गठित होगी आर्थिक परामर्श परिषद
आर्थिक परामर्श परिषद 5 वर्ष के लिए गठित की जाएगी, जिसमें सरकारी सदस्य परिषद के स्थायी सदस्यों के रूप में बने रहेंगे, जबकि निजी क्षेत्र के सदस्यों की 2 वर्ष की कार्यावधि होगी। उन्होंने बताया कि परिषद की उपलब्धियों और योगदान से सम्बन्धित रिपोर्ट वर्ष में कम से कम एक बार हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। हरियाणा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा। क्षेत्र विशेष के विकास के लिए सब-सैक्टोरल टास्क फोर्स या समितियां गठित एवं अधिसूचित की जाएंगी, जिसमें परिषद के सदस्य या वर्तमान सदस्यों द्वारा प्रस्तावित किए गए नये सदस्य शामिल होंगे। सब-सैक्टोरल टास्क फोर्स या समितियां राज्य में महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विकास एवं उन्नति, रोजगार सृजन और निवेश को बढ़ावा देने के लिए सहयोग करेंगी।
यह है आर्थिक परामर्श परिषद गठन का करने का मकसद
इस परिषद को गठित करने का उद्देश्य विभिन्न आर्थिक मुद्दों को सुलझाना और विकास रणनीतियों को मजबूत करने के साथ-साथ अन्य आर्थिक विकास के मुद्दों को लक्षित करते हुए रोजगार सृजन और राज्य को खुशहाल बनाना है। यह परिषद बदलते आर्थिक परिवेश और बाजार रूझानों के आधार पर राज्य के विकास के लिए मार्गदर्शन करेगी। परिषद हरियाणा को लक्षित औद्योगिक एवं शहरी विकास की महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रस्तुत करने, इन परियोजनाओं में उद्यमियों के लिए उपलब्ध निवेश के अवसरों के बारे और जागरूकता उत्पन्न करने और एक पेशेवर तंत्र विकसित करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा।
यह होंगे परिषद के मुख्य कार्य
प्रवक्ता ने बताया कि परिषद के मुख्य कार्यों में राज्य में आर्थिक विकास एवं उन्नति की समीक्षा और मूल्यांकन करना, आर्थिक नीति के लिए विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करना, मुख्यमंत्री द्वारा संदर्भित या स्वयं द्वारा उठाए गए विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों कानिपटान करना, हरियाणा में रोजगार सृजन, सतत रोजगार और कारोबार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नीतियों, मानदण्डों और रणनीति पर परामर्श देना, निवेश प्रोत्साहन के लिए नीतियों और पहलों के लिए जागरूकता सृजित करना, प्रमुख निजी उद्योगों की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को बढ़ावा देना, विपणन क्षेत्र के चयन पर परामर्श देना, कार्यक्रमों या रणनीतियों पर परामर्श, अन्य देशों व राज्यों के साथ क्षमता भागीदारिता पर परामर्श देना, रूकावटों को चिह्नित करना और स्थानीय कारोबार समुदाय व भागीदारों से मिली जानकारी के आधार पर परामर्श देना शामिल है।

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