यमुनानगर : देवी-देवताओं, ऋषि-मुनियों, सूफी-संतों व गुरुओं की पवित्र धरती है कपाल मोचन धाम
19 नवंबर 2019, 8:50 AM
सतीश कुमार। हरियाणा मीडिया जंक्शन
यमुनानगर। यमुनानगर के बिलासपुर स्थित कपाल मोचन धाम अद्भुत व ऐतिहासिक यादें समेटे हुए है। प्राचीन काल से ही देवी-देवताओं, ऋषि-मुनियों, सूफी-संतों व गुरुओं की धरती रहे कपाल मोचन तीर्थ राज की यात्रा करने में विभिन्न धर्मों एवं सम्प्रदायों के लोगों की एक विशेष आस्था है। ऐसी मान्यता है कि कपाल मोचन सरोवर में स्नान करने से मनुष्य के जन्मों-जन्मों के पाप धुल जाते हैं। ऋण मोचन सरोवर में स्नान करने से मनुष्य सभी प्रकार के ऋणों से मुक्त हो जाता है और सूरज कुण्ड सरोवर में स्नान करने से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कपाल मोचन तीर्थ के तीनों प्रसिद्घ एवं धार्मिक सरोवर मानव जाति को अन्न, धन व वैभव देने वाले माने जाते हैं। तीर्थराज कपाल मोचन में गुरु श्री नानक देव जी भी आए थे और इस वर्ष हरियाणा सरकार द्वारा गुरु श्री नानक देव जी का 550वां प्रकाशोत्सव मनाया गया। मान्यता है कि सिखों के 10वें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराजभगानी की लड़ाई से पूर्व यहां आए थे और पवित्र कपाल मोचन तीर्थ, आदिबद्री क्षेत्र में स्थित माता मंत्रा देवी से शक्ति रूपी तलवार लेकर भगानी की लड़ाई में गए थे और इस लड़ाई के दौरान यहां 52 दिन रूके थे। यहां हर साल लगने वाले मेले में आने वाले श्रद्धालु श्री गुरु नानक देव जी के जन्म दिवस गुरु पर्व को मनाने यहां आते हैं तथा मेला कपाल मोचन से अपने घर के लिए दैनिक जरूरी उपयोग मे आने वाली वस्तुएं चक्की, कुण्डी खरीदकर ले जाते हैं। कपाल मोचन मेला से बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है व कपाल मोचन मेला में आने की यादगार में सभी श्रद्धालु यहां बर्तन खरीदकर ले जाते हैं। कपाल मोचन का मेला इस बात के लिए प्रसिद्ध है कि यहां सच्चे दिल से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है और मुराद पूरी होने पर श्रद्धालु इन सरोवरों में स्नान करते हैं।



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