श्रम कानूनों में बदलाव बर्दाश्त नहीं करेंगे निर्माण मजदूर, 5 को संसद मार्च निकालेंगे लाखों मजदूर
मांगों को लेकर लोकसभा अध्यक्ष को सौंपेंगे लाखों मजदूरों का हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन
राज्य स्तरिय जत्था अभियान के तहत मजदूर परिवारों को दिए जा रहे न्यौते
3 दिसंबर 2019, 2:51 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार। श्रम कानूनों में बदलाव से रोक समेत विभिन्न मांगों को लेकर भवन निर्माण कामगार युनियन 5 दिसंबर को नई दिल्ली में संसद मार्च निकालकर लोकसभा अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपेगी। इस संसद मार्च में देशभर से लाखों मजदूर शामिल होंगे। संसद मार्च को लेकर सभी तैयारियां कर ली गई हैं। इस संसद मार्च के न्यौते के लिए भवन निर्माण कामगार युनियन जिला कमेटी हिसार(सीटू) द्वारा जिले के विभिन्न गांवों में राज्य स्तरिय जत्था अभियान चलाया गया। एक गांव में जनसभा को संबोधित करते हुए सी.डब्लयू.एफ.आई के राज्य सचिव व भवन निर्माण कामगार युनियन के राज्य अध्यक्ष देसराज ने मोदी व खट्टर सरकार को घोर मजदूर विरोधी बताया व कहा कि भाजपा सरकार मजदूरों के अंग्रेजों के समय लड़ाई लड़कर हासिल किए गए ट्रेड युनियन अधिकारों को खत्म करने पर उतारू है। श्रम कानूनों में बदलाव के नाम पर 44 कानूनों को 4 कोड में बदल रही है जिसका मजदूर के साथ धोखा किया जा रहा है। असल में सरकार श्रम कानूनों में पूंजीपतियों को छूट देकर उनको फायदा पहुंचाना चाहती है और मजदूरों के धरने प्रदर्षन व अन्य प्रकार की मांग के हकों को खत्म करना चाहती है। उन्होंने बताया कि निर्माण मजदूरों का श्रम कानूनों में बदलाव,श्रम कल्याण बोर्ड को बचाने व समय पर सुविधांए मिले इसके लिए 5 दिसम्बर को दिल्ली में ऐतिहासिक संसद मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार निर्माण मजदूरों के लिए बने हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड को केंद्र में पूरे देश में मजदूरों के कल्याण के लिए बने विभिन्न प्रकार के 36 प्रकार के बोर्डों में मर्ज करना चाहती है जिसे भवन निर्माण कामगार युनियन कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। श्रम कल्याण बोर्ड से निर्माण मजदूरों को उनकी पुत्री की शादी पर कन्यादान,वजीफा,काम करते वक्त दुर्घटना मुआवजा, पितृत्व व मातृत्व लाभ सहित कई प्रकार की सुविधा मिलती है जिसे सरकार खत्म करके निर्माण मजदूरों के हकों पर डाका डाल रही है जो कि सरासर गलत है। भवन निर्माण कामगार युनियन जिला हिसार के जिला सचिव मनोज कुमार सोनी व जिला सह सचिव विरेंद्र दुर्जनपुर बताया कि ससंद मार्च की तैयारी को लेकर पूरे हिसार जिला में तैयारियां जोरों पर है जिसमें आज युनियन ने राज्य स्तरिय जत्था अभियान चलाया। सी.डब्लयू.एफ.आई के राज्य सचिव ने आज हिसार के जयदेव नगर, महावीर कलोनी, पाबड़ा, पाली, लितानी, कुम्भा, गढ़ी, विराट नगर आदि युनिट कमेटियों में आम सभाओं को सम्बोधित किया। राज्य स्तरिय जत्था अभियान के तहत अब तक गांव दुर्जनपुर, कनौह, सुंडावास,मिगनी खेड़ा, न्यु माडल टाउन हिसार, शिव नगर, मुकलान, कैमरी, टोकस, पातन, शास्त्री नगर,चंद्रलोक कलोनी, मात्रश्याम व खारिया सहित अन्य युनिट कमेटीयों में आम सभाएं की जा चुकी हैं। इन सभाओं को मनोज सोनी ,विरेंद्र दुर्जनपुर के अलावा रणधीर सातरोड़, जिला अध्यक्ष राजू बरवाला,रामनिवास, राजेश,रामफल बरवाला, वरिष्ठ उपप्रधान वेद प्रकाश शर्मा, लीलूराम, फूलसिंह चंद्रलोक कलोनी, निर्मला कैमरी, रामकुमार उकलाना,राधेष्याम,रामकेष, रणजीत खैरी ने संबोधित किया व सभी निर्माण मजदूरों के परिवारों के हस्ताक्षर करवाए। निर्माण मजदूर इसी हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन को 5 दिसम्बर को लोकसभा अध्यक्ष को सौंपेंगे।

खत्म हो जायेंगे श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले कानूनी अधिकार
भवन निर्माण कामगार युनियन के हिसार के जिला सचिव ने बताया भाजपा सरकार 44 श्रम कानूनों को 4 कोड (श्रम संहिता)में बदल रही है। 4 श्रम कोड 1. वेज कोड 2.सामाजिक सुरक्षा 3. औधौगिक सुरक्षा और कल्याण संहिता 4.औधोगिक संबंध संहिता। इन संहिताओं के लागू होने से श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले कानूनी अधिकार खत्म हो जायेंगे। यह सामाजिक सुरक्षा और कल्याण कोड निर्माण मजदूर कल्याण कानून को खत्म कर देगा जिसे पहले से ही भारत सरकार द्वारा अंतिम रूप दिया जा चुका है। इन कल्याण बोर्डों में 42 हजार करोड़ रू. जमा है और केवल 12 हजार करोड़ रू. ही बांटे गए हैं। भारत सरकार की नजर इसी पैसे पर है।



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