जानें किस चीनी मिल में कितना चीनी उत्पादन




हरियाणा मीडिया जंक्शन 
चंडीगढ़। हरियाणा की सहकारी चीनी मिलों व निजी क्षेत्र की चीनी मिलों ने सीजन 2019-20 में पिछले सीजन 2018-19 से अधिक चीनी रिकवरी प्राप्त की है जबकि सीजन  2019-20 में  15 अप्रैल तक 611.44 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई कर औसतन 10.45 प्रतिशत चीनी की रिकवरी तथा सीजन 2018-19 में 624.98 लाख क्विटंल गन्ने की पिराई कर औसतन 10.19 प्रतिशत चीनी की रिकवरी प्राप्त की है। सहकारिता मंत्री डा. बनवारी लाल ने बताया कि सहकारी चीनी मिलों ने सीजन 2019-20 में 353.48 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई कर औसतन 9.95 प्रतिशत चीनी की रिकवरी प्राप्त हुई है जबकि निजी चीनी मिलों से 257.96 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई कर औसतन 11.13 प्रतिशत चीनी की रिकवरी हुई है। उन्होंने बताया कि सीजन 2019-20 में पानीपत की सहकारी चीनी मिल ने 24.15 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई कर 10.08 प्रतिशत चीनी की रिकवरी की, जबकि रोहतक की सहकारी चीनी मिल ने 42.78 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई कर 9.72 प्रतिशत चीनी की रिकवरी की है। इसी प्रकार, करनाल की सहकारी चीनी मिल ने 30.46 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई कर 10.29 प्रतिशत चीनी की रिकवरी की, वहीं सोनीपत की सहकारी चीनी मिल ने 24.63 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई कर 9.53 प्रतिशत चीनी की रिकवरी की है। उन्होंने बताया कि शाहबाद की सहकारी चीनी मिल ने 61.77 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई कर 10.74 प्रतिशत चीनी की रिकवरी की, जबकि जींद की सहकारी चीनी मिल ने 23.19 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई कर 10.09 प्रतिशत चीनी की रिकवरी की है। इसी प्रकार, पलवल की सहकारी चीनी मिल ने 17.55 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई कर 10.21 प्रतिशत चीनी की रिकवरी की, तो वहीं, महम की सहकारी चीनी मिल ने 31.88 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई कर 9.71 प्रतिशत चीनी की रिकवरी की है। उन्होंने बताया कि गन्ने की अगेती किस्म के लिए 340 रूपए प्रति क्विंटल तथा अन्य के लिए 335 रूपए प्रति क्विंटल का मूल्य राज्य सरकार द्वारा किसानों को दिया जा रहा है, जोकि भारतवर्ष में सबसे अधिक है।

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