28 दिसंबर 2019, 9:17 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार। बसों में यदि महिला आरक्षित सीटों पर पुरुष बैठे हैं और महिला यात्री खड़ी हैं तो अब ऐसा नहीं चलेगा। पुरुष यात्रियों को महिला आरक्षित सीट छोड़नी होगी। यदि कोई पुरुष यात्री महिला आरक्षित सीट पर बैठा है और कोई महिला यात्री के सीट मांगने पर भी सीट नहीं छोड़ता है या फिर अभद्र व्यवहार करता है तो अब ऐसे पुरुष यात्रियों के खिलाफ बस कंडक्टर एफआईआर दर्ज करवाएंगे। यह सख्त आदेश हिसार जिला उपायुक्त ने रोडवेज महाप्रबंधक को दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि बस में महिला सवारी खड़ी है और महिला आरक्षित सीट पर कोई पुरुष बैठा है तो कंडक्टर उसे सीट से उठाकर वह सीट महिला को दिलवाना सुनिश्चित करे। यदि पुरुष सवारी सीट से न उठे अथवा अभद्रता करे तो उसके खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया जाए। रोडवेज महाप्रबंधक जिला में यह नियम सख्ती से लागू करवाए और इसके लिए सभी बस कंडक्टरों को प्रशिक्षण भी उपलबध करवाया जाए ताकि बसों में छेड़छाड़ की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
महिलाओं से छेड़छाड़ व हिंसा बर्दाश्त नहीं
उपायुक्त ने कहा कि महिलाओं के साथ अपराध, छेड़छाड़ अथवा हिंसा को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए लोगों को न केवल जागरूक किया जा रहा है बल्कि इस संबंध में बने नियमों व कानूनों को भी सख्ती से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला में महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ाने व हिंसा पर रोक लगाने के लिए हिसार महिला सुरक्षा योजना बनाई गई है जिसमें सभी विभागों को शामिल करते हुए उनकी जिम्मेदारी निर्धारित की गई है।
हर विभाग में गठित हों महिला यौन उत्पीड़न कमेटियां
उपायुक्त मीणा ने सीटीएम परमजीत चहल को प्रत्येक विभाग की सभी इकाइयों में महिला यौन उत्पीड़न कमेटी का गठन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि अगले एक सप्ताह में उन्हें इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट दी जाए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को प्रत्येक स्कूल में महिला यौन उत्पीड़न कमेटी के गठन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कमेटी में किसी महिला को अवश्य शामिल किया जाए। यदि किसी स्कूल में महिला शिक्षिका नहीं है तो आसपास के स्कूल की महिला शिक्षिका को कमेटी में शामिल किया जाए जो निर्धारित अंतराल पर स्कूल में जाकर छात्राओं से बातचीत करे और यदि किसी प्रकार का कोई उत्पीड़न का मामला सामने आता है तो उस पर कार्रवाई करे। उपायुक्त ने शिक्षा अधिकारी को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि प्रत्येक स्कूल में छात्राओं के लिए अलग से शौचालय हो और यदि कहीं इनकी मरम्मत करवाने की आवश्यकता हो तो वह भी प्राथमिकता के आधार पर करवाई जाए। इसके लिए शिक्षा अधिकारी एक कमेटी बनाए जो पूरे जिला में चालू हालत में अलग से महिला शौचालयों की उपलब्धता सुनिश्चित करे।
अंधेरी गलियों में लगाई जाएं लाइट्स
डीसी ने कहा कि पंचायती राज विभाग व शहरी स्थानीय निकाय की जिम्मेदारी है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे स्थानों व गलियों में पर्याप्त रोशनी के लिए लाइट्स लगवाएं जहां अंधेरा रहता हो। ऐसे स्थानों से गुजरने पर महिलाओं को किसी प्रकार के भय का सामना न करना पड़े। इसके लिए पंचायत विभाग व स्थानीय निकाय के अधिकारियों से प्रमाण पत्र भी लिए जाएंगे।
बस स्टैंड व कॉलेजों के आस-पास मनचलों पर रखें नजर
उपायुक्त ने बस स्टैंड, कॉलेजों के आसपास व भीड़भरे स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनाती करवाने को कहा ताकि कोई शरारती तत्व लड़कियों से छेड़छाड़ की हिम्मत न कर सके। उन्होंने जिला में ऐसे स्थानों को चिह्नित करने व इनकी सूची देने के लिए पुलिस अधिकारियों को कहा। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मचारी सिविल ड्रेस में बस स्टैंड जैसे स्थानों पर मौजूद रहकर छेड़छाड़ की घटनाओं पर नजर रखें और यदि कोई ऐसी घटना करता दिखे तो मोबाइल से उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग कर लें और उसे ऐसा करने वाले को पकडकर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें।


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