भावांतर भरपाई योजना : इन फलों-सब्जियों का फ्री रजिस्ट्रेशन शुरु, लाभ उठा लें किसान

भावांतर भरपाई योजना : इन फलों-सब्जियों का फ्री रजिस्ट्रेशन शुरु, लाभ उठा लें किसान

14 दिसंबर 2019, 8:36 PM
 संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
हिसार।( Internal compensation scheme) भावांतर भरपाई योजना के तहत बागवानी फसलों का रजिस्ट्रेशन कल 15 दिसंबर से शुरु होने जा रहा है। शिमला मिर्च, बैंगन, टमाटर व प्याज आदि बागवानी फसलें बोने वाले किसान योजना के तहत अपना पंजीकरण करवा लें। जिला उद्यान विकास अधिकारी डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि किसानों को भावांतर भरपाई योजना के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है, क्योंकि वे इसके तहत शामिल की गई फसलों पर सरकार द्वारा निर्धारित संरक्षित भाव प्राप्त कर सकते हैं। कृषि अधिकारी डॉ. जयकिशन ने बताया कि किस प्रकार किसान नई तकनीक अपनाकर अपनी आय दोगुनी कर सकता है। उन्होंने बताया कि सरकार किसानों के हित में फल व सब्जियों से संबंधित अनेक कदम उठा रही है ताकि किसान खुशहाल जीवन जी सकें। उन्होंने बताया कि किसान मेरी फसल-मेरा ब्यौरा की वेबसाइट पर जाकर स्वंय अपनी फसलों का घर बैठे ही पंजीकरण कर सकते है या कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर भी अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।

जानें क्या है भावांतर भरपाई योजना
उद्यान विकास अधिकारी ने बताया कि इस योजना के तहत प्रदेश सरकार द्वारा आलू, प्याज, गोभी, टमाटर, गाजर, मटर, बंगन, शिमला मिर्च, अमरूद व किन्नू के संरक्षित मूल्य निर्धारित किए गए हैं। सरकार द्वारा भावांतर भरपाई योजना के तहत बागवानी फसलों के लिए 50 हजार रुपये से लेकर 10 हजार रुपए तक आमदनी सुनिश्चित की गई है। इस योजना का उद्देश्य फसलों के कम भाव होने से किसानों को जोखिम से बचाना व किसानों को फसल विविधिकरण की तरफ  मोड?ा है। इन फसलों के निर्धारित मूल्य से कम दाम मिलने पर बीच के अंतर की भरपाई सरकार द्वारा भरपाई की जाएगी।

मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पर करवाएं फ्री रजिस्ट्रेशन
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्यौरा की वेबसाइट के माध्यम से व स्वयं किसान द्वारा भी अपना पंजीकरण करवाया जा सकता है। पंजीकरण संबंधी सुविधा के लिए बागवानी विभाग द्वारा गांवों में घर-घर जाकर भावांतर भरपाई योजना का पंजीकरण किया जाता है। कोई भी किसान अपना पंजीकरण नि:शुल्क करवा सकते हैं। इसके अलावा किसान कृषि विभाग, बागवानी विभाग व मार्केटिंग बोर्ड के कार्यालय में भी अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। किसान उत्पादन बेचते समय पर जे-फार्म अवश्य प्राप्त करें ताकि उन्हें इस योजना का सही लाभ मिल सके।

इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत
15 दिसंबर से शिमला मिर्च, बैंगन, टमाटर व प्याज का पंजीकरण शुरू होगा। किसान इन फसलों का पंजीकरण अवश्य करवाएं ताकि योजना का लाभ उठा सकें। पंजीकरण के समय किसान अपने साथ आवश्यक दस्तावेज जैसे खसरा एवं किला नंबर, आधार कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर व खाता संख्या साथ अवश्य ले जाएं।


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