अब डिजि लॉकर में सुरक्षित रखें अपने सभी जरूरी दस्तावेज, ओरिजीनल साथ लेकर चलने की नहीं जरूरत
डिजि लॉकर के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार ने सभी जिलों को पत्र लिखा
चालक मोबाइल में डिजि लॉकर खोलकर पुलिस को दिखा सकते हैं ड्राइविंग लाइसेंस
14 दिसंबर 2019, 8:16 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
हिसार। अब आपको अपना जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, शैक्षणिक दस्तावेज व अन्य जरूरी कागजात हर समय साथ लेकर चलने की जरूरत नहीं है। आप इन्हें डिजि लॉकर एप में सुरक्षित रखकर जरूरत पड़ने पर कहीं भी किसी भी समय आवश्यकता अनुसार इनका उपयोग कर सकते हैं। यही नहीं पुलिस द्वारा ड्राईविंग लाईसेंस मांगे जाने पर आप अपने मोबाईल में ही डिजि लॉकर खोलकर ड्राईविंग लाईसेंस दिखा सकते हैं। (Now keep all your necessary documents safe in Digi Locker ) केंद्र सरकार द्वारा डिजिटल भारत कार्यक्रम के अंतर्गत शुरू किए गए इस डिजि लॉकर एप के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने सभी जिलों को पत्र लिखा है। उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने बताया कि भारत सरकार के संचार एवं आईटी मंत्रालय द्वारा प्रबंधित डिजि लॉकर नामक वेबसाइट आधारित सेवा के जरिए उपयोगकर्ता अपने जन्म प्रमाण पत्र से लेकर आधार कार्ड तक तमाम दस्तावेजों को आॅनलाइन सहेज कर रख सकते हैं। यह सुविधा पाने के लिए उपयोगकर्ता के पास भारत सरकार द्वारा प्रदत आधार कार्ड होना चाहिए। अपना आधार नंबर डालकर कोई भी व्यक्ति अपना डिजि लॉकर खोल सकता है और अपने जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रख सकता है। वाहन चालक यातायात पुलिस द्वारा मांगने पर अपने मोबाइल में डिजि लॉकर एप खोलकर इसमें सहेजकर रखा गया ड्राइविंग लाइसेंस दिखा सकते हैं। पुलिस द्वारा इसे स्वीकृत करना होगा।
दस्तावेज अपलोड कर दे सकते हैं लिंक
डीसी ने बताया कि इस एप की खास बात यह भी है कि एक बार अपने दस्तावेज स्कैन करके डिजि लॉकर में अपलोड करने के बाद नागरिक अपने जरूरी दस्तावेज या प्रमाणपत्र के स्थान पर अपने डिजि लॉकर का लिंक (यूआरएल) दे सकते हैं।( Documents can be uploaded by link) भारत के संचार एवं आईटी मंत्रालय की शाखा इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा यह वेबसाइट हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सेवाएं देने के लिए तैयार की गई है। इस वेबसाइट पर खाता खोलना, अपने दस्तावेज अपलोड करना और उनका उपयोग करना पूरी तरह से निशुल्क है।
दस्तावेजों की जांच विभाग की जिम्मेदारी
उपायुक्त ने बताया कि किसी भी सरकारी विभाग में अथवा नौकरी के लिए जहां दस्तावेजों व प्रमाणपत्रों की प्रमाणित फोटोस्टेट कॉपी देना अनिवार्य होता है, वहां नागरिक अपने डिजि लॉकर का लिंक दे सकते हैं। इसके पश्चात आवेदक के दस्तावेजों की पड़ताल करना विभाग की जिम्मेदारी होगी। इस सुविधा का लाभ केवल भारतीय नागरिक ही ले सकते हैं जोकि आधार नंबर के माध्यम से इस सेवा से जुड़े होते हैं। डिजिटल लॉकर अधिकृत उपभोक्ताओं व एजेंसियों को किसी भी समय और कहीं भी अपने दस्तावेजों को सुरक्षित तरीके से अपलोड और साझा करने की सहुलियत देता है।
डिजि लॉकर के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार ने सभी जिलों को पत्र लिखा
चालक मोबाइल में डिजि लॉकर खोलकर पुलिस को दिखा सकते हैं ड्राइविंग लाइसेंस
14 दिसंबर 2019, 8:16 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
हिसार। अब आपको अपना जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, शैक्षणिक दस्तावेज व अन्य जरूरी कागजात हर समय साथ लेकर चलने की जरूरत नहीं है। आप इन्हें डिजि लॉकर एप में सुरक्षित रखकर जरूरत पड़ने पर कहीं भी किसी भी समय आवश्यकता अनुसार इनका उपयोग कर सकते हैं। यही नहीं पुलिस द्वारा ड्राईविंग लाईसेंस मांगे जाने पर आप अपने मोबाईल में ही डिजि लॉकर खोलकर ड्राईविंग लाईसेंस दिखा सकते हैं। (Now keep all your necessary documents safe in Digi Locker ) केंद्र सरकार द्वारा डिजिटल भारत कार्यक्रम के अंतर्गत शुरू किए गए इस डिजि लॉकर एप के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने सभी जिलों को पत्र लिखा है। उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने बताया कि भारत सरकार के संचार एवं आईटी मंत्रालय द्वारा प्रबंधित डिजि लॉकर नामक वेबसाइट आधारित सेवा के जरिए उपयोगकर्ता अपने जन्म प्रमाण पत्र से लेकर आधार कार्ड तक तमाम दस्तावेजों को आॅनलाइन सहेज कर रख सकते हैं। यह सुविधा पाने के लिए उपयोगकर्ता के पास भारत सरकार द्वारा प्रदत आधार कार्ड होना चाहिए। अपना आधार नंबर डालकर कोई भी व्यक्ति अपना डिजि लॉकर खोल सकता है और अपने जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रख सकता है। वाहन चालक यातायात पुलिस द्वारा मांगने पर अपने मोबाइल में डिजि लॉकर एप खोलकर इसमें सहेजकर रखा गया ड्राइविंग लाइसेंस दिखा सकते हैं। पुलिस द्वारा इसे स्वीकृत करना होगा।
दस्तावेज अपलोड कर दे सकते हैं लिंक
डीसी ने बताया कि इस एप की खास बात यह भी है कि एक बार अपने दस्तावेज स्कैन करके डिजि लॉकर में अपलोड करने के बाद नागरिक अपने जरूरी दस्तावेज या प्रमाणपत्र के स्थान पर अपने डिजि लॉकर का लिंक (यूआरएल) दे सकते हैं।( Documents can be uploaded by link) भारत के संचार एवं आईटी मंत्रालय की शाखा इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा यह वेबसाइट हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सेवाएं देने के लिए तैयार की गई है। इस वेबसाइट पर खाता खोलना, अपने दस्तावेज अपलोड करना और उनका उपयोग करना पूरी तरह से निशुल्क है।
दस्तावेजों की जांच विभाग की जिम्मेदारी उपायुक्त ने बताया कि किसी भी सरकारी विभाग में अथवा नौकरी के लिए जहां दस्तावेजों व प्रमाणपत्रों की प्रमाणित फोटोस्टेट कॉपी देना अनिवार्य होता है, वहां नागरिक अपने डिजि लॉकर का लिंक दे सकते हैं। इसके पश्चात आवेदक के दस्तावेजों की पड़ताल करना विभाग की जिम्मेदारी होगी। इस सुविधा का लाभ केवल भारतीय नागरिक ही ले सकते हैं जोकि आधार नंबर के माध्यम से इस सेवा से जुड़े होते हैं। डिजिटल लॉकर अधिकृत उपभोक्ताओं व एजेंसियों को किसी भी समय और कहीं भी अपने दस्तावेजों को सुरक्षित तरीके से अपलोड और साझा करने की सहुलियत देता है।


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