15 अगस्त के बाद आनलाइन होगा सहकारी समितियों का मेंबरशिप ट्रांस्फर
राज्य मंत्री मनीष ग्रोवर ने सहकारी समितियों को रिकार्ड आनलाईन करने के दिए हैं निर्देश
मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने राज्य की सभी सहकारी समितियों को अपना रिकार्ड आॅनलाईन करने के लिए निर्देश दिए हैं। उम्मीद है कि 15 अगस्त तक सभी समितियों का डाटा अपलोड कर लिया जाएगा और इस निश्चित तिथि के उपरांत किसी भी समिति का मैम्बरशिप स्थानातंरण आनलाईन ही किया जाएगा। सहकारिता राज्य मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर ने बताया कि रिकार्ड आनलाईन अपलोड होने के बाद सहकारी समितियों व विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी तथा समिति के विवादों में कमी होगी। उन्होंने बताया कि सहकारिता विभाग में वर्तमान में लगभग 18200 सहकारी समितियां पंजीकृत हैं जिसमें से 10500 कार्य कर रही हंै और जिनमें से मुख्यत: सहकारी ऋण एवं सेवा समितियां (पैक्स), श्रम एवं निर्माण समितियां, ग्रुप हाऊसिंग समितियां, हाऊस बिल्डिंग समितियां व परिवहन समितियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि विभाग ने पहले ही सहकारी समितियों का पंजीकरण आॅनलाईन करना शुरू कर दिया है, अब विभाग में कोई भी सहकारी समिति मैन्यूअली पंजीकृत नहीं की जा रही है और विभाग द्वारा सभी सहकारी समितियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी समिति से संबंधित रिकार्ड व जानकारी विभाग के वेब पोर्टल पर अपलोड करें जिसके लिए सभी सहकारी समितियों को युजरनेम व पासवर्ड दिए जा चुके हैं।
हरियाणा में कुल 1200 ग्रुप हाऊसिंग सोसायटियां, 400 का डाटा हो चुका अपलोड
राज्य मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर ने बताया कि प्राथमिकता के तौर पर राज्य की सभी गु्रप हाऊसिंग सोसायटी व हाऊस बिल्डिंग सोसायटी का डाटा अपलोड किया जा रहा है जो लगभग 1200 हैं और जिनमें से अभी तक लगभग 400 ग्रुप हाऊसिंग सोसायटी व हाऊस बिल्डिंग सोसायटी का डाटा विभाग के पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि पोर्टल पर मुख्यत: सहकारी समिति का नाम, पंजीकरण संख्या व तिथि, समिति के सदस्यों की संख्या, समिति के चुनाव व पदाधिकारियों की विस्तृत जानकारी, समितियों को जमीन कब अलाट हुई, कब्जा व दखल प्रमाण पत्र की तिथि, समिति की पिछली आडिट की तिथि, समितियों के भवन योजना की स्वीकृति, समिति में कौन सा प्लाट व फलैट किस सदस्य के नाम पर है तथा रहन, समिति के देनदारियों का ब्यौरा मुख्य रूप से शामिल है।
यहां ले सकते हैं आनलाइन जानकारी
राज्यमंत्री ने बताया कि जानकारी अपलोड होने के बाद सहकारी समितियों व विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और समिति के विवादों में कमी होगी। उन्होंने बताया कि कोई भी नागरिक जो इन समितियों में प्लाट व फलैट लेना चाहता है तो वह आॅनलाईन विभाग के पोर्टल के माध्यम से मूलभूत जानकारी सोसायटी के बारे में ले सकता है। उन्होंने सभी सोसायटियों के पदाधिकारियों से आग्रह भी किया है कि वे सोसायटियों के आॅनलाईन डाटा कार्य को सफल करने के लिए अपना सहयोग प्रदान करें।


0 Comments