बोई फसल व खाली खेत का ब्यौरा 31 जुलाई तक यहां जमा करवा दें किसान, सरकार दे रही है पैसे
हरियाणा सरकार ने लाॅच किया है मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल
संदीप कम्बोज। मीडिया जंक्शन
चंडीगढ़। खेती को जोखिम फ्री बनाने व किसानों को फसल बेचने व उन्हें ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाए जाने के मकसद से हरियाणा सरकार ने मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल लॉच कर दिया है जहां किसान 31 जुलाई तक अपनी बोई फसल व खाली खेत का ब्यौरा www.fasalhry.in पोर्टल पर दर्ज करवा सकेंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों की वर्ष 2022 तक आय दोगुणी करने के लिए पहले ही अपना विजन दे चुके हैं और आज का यह पोर्टल भी उस दिशा में एक कदम है। कृषि एवं किसान कल्याण, राजस्व, खाद्य एवं आपूर्ति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग मिलकर इस दिशा में कार्य करेंगे। भू-मलिक के साथ असली काश्तकार भी अपनी फसल का ब्यौरा इस पोर्टल पर डाल सकेगा और प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में सरकार की ओर से दी जाने वाली नुकसान की भरपाई का मुआवजा भी उसे मिल सकेगा। इसी प्रकार, किसान व आढती के बीच किसी प्रकार का विवाद न हो, इसके लिए भी किसान अपनी मर्जी से अपनी उपज बिना आढती के सरकारी खरीद एजेंसियों के माध्यम से बेच सकेगा और पैसा सीधा उसके खाते में जाएगा।
जीपीएस के साथ लिंक होगी ई-गिरदावरी
इस पोर्टल पर 1 अगस्त से कृषि और राजस्व विभाग मिलकर प्रवृष्टियां दर्ज करेंगे और दोनों विभागों के कर्मचारी खेत में जाकर ई-गिरदावरी करेंगे, जो जीपीएस के साथ लिंक होगी। इसके पश्चात जब फसल पक्केगी तब सटेलाइट के माध्यम से फोटोग्राफी की जाएगी। यदि फिर भी कोई कमी रह जाती है तो सम्बन्धित उपायुक्त द्वारा स्पेशल गिरदावरी होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से काफी हद तक कठिनाइयां दूर होंगी और फसल नुकसान जैसी सम्भावनाएं कम होंगी।
Meri Fasal Mera Bayora Haryana news by Hisar Media Junction
पोर्टल पर रजिस्टे्रशन करवाने पर मिलेंगे प्रति एकड़ 10 से 50 रु़
पोर्टल पर रजिस्टे्रशन के लिए किसान को प्रति एकड़ 10 रुपये तथा अधिकतम 50 रुपये दिए जाएंगे तथा इसके अलावा सांझा सेवा केन्द्र पर की गई हर प्रवृष्टि के लिए वीएलई को पांच रुपये प्रति रजिस्ट्रेशन की दर से राशि भी दी जाएगी। लगभग 13 लाख किसानों के मोबाइल नम्बर राजस्व विभाग के पास दर्ज हैं, जैसे ही पोर्टल पर किसान अपनी फसल का पंजीकरण करेगा तो एसएमएस अर्लट उसके पास जाएगा। अगर काश्तकार करता है तो भी भू-मालिक के पास इसकी जानकारी जाएगी।
खाद बीज के लिए भी लाइन में लगने की जरुरत नहीं
किसानों को समय पर खाद, बीज और कृषि ऋण उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है ताकि किसान समृद्ध हो और अधिक पैदाबार से कृषि क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद दर में योगदान बढ़े। वर्तमान में जीडीपी में कृषि क्षेत्र का योगदान 17 से 18 प्रतिशत ही है, जबकि उद्योग का 28 से 30 प्रतिशत तथा सेवा क्षेत्र का लगभग 50 प्रतिशत है। किसानों की बेहतरी के लिए सरकार ने नये आयाम स्थापित किए हैं। खाद बीज के लिए अब किसानों को लाइनों में लगने की आवश्यकता नहीं।
2500 करोड़ से मजबूत होगा नहरी सिस्टम
मुख्यमंत्री ने बताया कि नहरी तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए 2500 करोड़ रुपये की योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। पश्चिम यमुना के माध्यम से भी पानी हरियाणा को उपलब्ध हो, इसके लिए भी योजना तैयार की गई है। हरियाणा के लगभग 14,000 ग्रामीण तालाबों का जीर्णोंद्घार किया जा रहा है और इस कार्य में राज्य सरकार काफी हद तक कामयाब हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना को सफल बनाने के लिए नाबार्ड हरियाणा को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है और आज ही उन्होंने नाबार्ड के चेयरमैन से बात की है और उन्होंने अपनी सहमति प्रदान की।
इस बार मक्का भी खरीदेगी हरियाणा सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं व धान की खरीद केन्द्र सरकार द्वारा की जाती है, परंतु सरसों, बाजरा, सूरजमुखी की खरीद हरियाणा सरकार अपनी एजेंसियों से करवाती है। इस बार मक्का की खरीद भी हरियाणा सरकार करवाएगी। किसान की हर उपज का एक-एक दाना खरीदा जाएगा और किसान को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो, यही हमारी प्राथमिकता है।
डाक लिफाफों पर दिया जाएगा पराली न जलाने का संदेश
मुख्यमंत्री ने डाक विभाग द्वारा कृषि अवशेषों को न जलाने का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया डाक लिफाफे का विमोचन भी किया। डाक विभाग हरियाणा सरकार को एक लाख ऐसे डाक लिफाफ उपलब्ध करवाएगा जो सरकारी पत्राचार में प्रयोग होंगे।


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