अब घर बैठे मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ, हर परिवार की बनाई जा रही है फैमिली आईडी

अब घर बैठे मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ, हर परिवार की बनाई जा रही है फैमिली आईडी

अंत्योदय सरल पर कॉमन सर्विस सेंटर के संचालक वीएलई के लिए वर्कशॉप आयोजित





18 नवंबर 2019, 7:01 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
हिसार। केंद्र व प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं व सेवाओं को पारदर्शी तरीके से पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए प्रदेश में प्रत्येक परिवार की फैमिली आईडी बनाई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र में स्थित सभी अटल सेवा केंद्रों के वीएलई (वीलेज लेवल एंटरप्रोन्योर) फैमिली आईडी के विवरण को दुरुस्त करवाने के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करवाएं। यह बात जिला सांख्यिकीय अधिकारी अमिता चौधरी ने आज जिला सभागार में अंत्योदय सरल पर सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) संचालकों की वर्कशॉप को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने वर्कशॉप में आए जिला के सभी वीएलई को फैमिली आईडी के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। वर्कशॉप में 7वीं आर्थिक गणना तथा सरल परियोजना के संबंध में भी वीएलई को प्रशिक्षित किया गया। जिला सांख्यिकीय अधिकारी अमिता चौधरी ने बताया कि सभी वीएलई अपने-अपने गांव में आधार नंबर, नाम व मोबाइल नंबर के आधार पर परिवारों के पुराने विवरण भरे हुए फार्म सर्च करें और इनका प्रिंट निकालकर संबंधित परिवार के व्यक्ति को दें। परिवार द्वारा विवरणों में अपेक्षित सुधार व हस्ताक्षर करने के उपरांत वह फार्म वापस सीएससी में जमा करके इसे सांख्यिकीय विभाग में भिजवाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि परिवार के सदस्य अलग हो गए हैं तो उनकी फैमिली आईडी भी अलग-अलग बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में जरूरत होगी वहां सहायता के लिए सक्षम युवा भेजे जाएंगे। जिला सूचना अधिकारी एमपी कुलश्रेष्ठद्द ने बताया कि सरकार की सेवाओं व योजनाओं को आमजन तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के कार्य में वीएलई महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आॅनलाइन विवरण अपलोड करने की कई योजनाओं में वीएलई की मेहनत के कारण हिसार जिला देशभर में अव्वल रहने का गौरव प्राप्त कर चुका है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का आमजन को लाभ पहुंचाने के लिए यह जरूरी है कि सभी वीएलई सक्रियता के साथ कार्य करें। वीएलई यह गौरव महसूस करें कि वे सरकार के कार्यों व योजनाओं को मूर्त रूप देने में भागीदारी निभा रहे हैं। वर्कशॉप के दौरान वीएलई द्वारा किए गए सवालों व समस्याओं के संबंध में विशेषज्ञ अधिकारियों ने जवाब दिए। अधिकारियों ने कहा कि वीएलई के सुझावों के आधार पर परियोजना में अपेक्षित सुधार किए जाएंगे ताकि यह योजना आमजन के लिए और अधिक लाभप्रद हो सके। वर्कशॉप में एनएसएसओ के वरिष्ठद्द सांख्यिकीय अधिकारी रामबिलास, अतिरिक्त डीआईओ अखिलेश कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी व जिलाभर से आए वीएलई मौजूद थे।

सरल पोर्टल पर घर बैठे मिल रही हैं 500 से अधिक सेवाएं
मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी (सीएमजीजीए) स्पर्श महेश्वरी ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 2017 में सरल परियोजना शुरू की थी जिसके आज बेहतर परिणाम हमें मिल रहे हैं। इस योजना के माध्यम से आमजन को 35 विभागों की 500 से अधिक सेवाएं व योजनाएं घर बैठे ही मिल रही हैं। आज कोई व्यक्ति सरल परियोजना के माध्यम से घर बैठे-बैठे कंप्यूटर या मोबाइल के माध्यम से सेवाओं व योजनाओं के लिए आॅनलाइन आवेदन कर सकता है अथवा वह अंत्योदय सरल केंद्रों या अटल सेवा केंद्रों के द्वारा भी यह सेवाएं प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि आवेदन के पश्चात आमजन को निर्धारित समयावधि में सेवाएं मिल रही हैं।

सर्वे में शामिल होगी हर परिवार की आर्थिक गतिविधि
राकेश कुमार ने 7वीं आर्थिक गणना के कार्य को संपन्न करवाने में वीएलई की भूमिका के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस सर्वे के माध्यम से प्रत्येक परिवार की सभी आर्थिक गतिविधियों को शामिल किया जाए। उन्होंने आर्थिक सर्वे करने के नियमों व तरीकों की जानकारी भी वीएलई को दी। उन्होंने कहा कि यह सर्वेक्षण एंड्रॉयड एप के माध्यम से ही पूरा किया जाएगा। इसके आंकड़ों के आधार पर ही देश की भावी योजनाएं तैयार की जाएंगी इसलिए यह सर्वेक्षण बिल्कुल सटीक होना आवश्यक है।


Post a Comment

0 Comments