फतेहाबाद : जिला व उपमंडल स्तर पर राष्ट्रीय लोक अदालत 14 दिसंबर को
18 नवंबर 2019, 7:08 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
फतेहाबाद। हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण पंचकूला के सदस्य सचिव से प्राप्त दिशा निदेर्शानुसार आगामी 14 दिसंबर (शनिवार) को स्थानीय न्यायिक परिसर स्थित सभी 9 अदालतों में चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा उपमंडल टोहाना स्थित 3 अदालतों व रतिया की एक अदालत में भी इस राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव रामावतार पारीक ने बताया कि 14 दिसंबर को आयोजित की जाने वाली चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत में क्रिमिनल, एनआई एक्ट 138, एमएसीटी, ट्रांसपोर्ट, एआईआर, सिविल, वैवाहिक, श्रम, भूमि, राजस्व, बिजली, पानी बिल, बैंक रिकवरी तथा प्री-लिटिगेटिव आदि केसों का निपटारा आपसी सुलह व समझौते द्वारा किया जाएगा। उन्होंने आम लोगों से आह्वान किया है कि वे ज्यादा से ज्यादा इस लोक अदालत में अपने मामलों का समाधान करवाकर लोक अदालत का लाभ उठाएं। इसके अलावा सीजेएम ने पैनल अधिवक्ताओं से भी कहा है कि वे नागरिकों को उनके कोर्ट में लंबित मामलों का समाधान राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से करवाने के लिए प्रोत्साहित व जागरूक करे। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में किए गए फैसलों को अन्य किसी कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकती, क्योंकि मामलों का निपटान दोनों पक्षों के बीच आपसी सुलह व समझौते से किया जाता है।
18 नवंबर 2019, 7:08 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
फतेहाबाद। हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण पंचकूला के सदस्य सचिव से प्राप्त दिशा निदेर्शानुसार आगामी 14 दिसंबर (शनिवार) को स्थानीय न्यायिक परिसर स्थित सभी 9 अदालतों में चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा उपमंडल टोहाना स्थित 3 अदालतों व रतिया की एक अदालत में भी इस राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव रामावतार पारीक ने बताया कि 14 दिसंबर को आयोजित की जाने वाली चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत में क्रिमिनल, एनआई एक्ट 138, एमएसीटी, ट्रांसपोर्ट, एआईआर, सिविल, वैवाहिक, श्रम, भूमि, राजस्व, बिजली, पानी बिल, बैंक रिकवरी तथा प्री-लिटिगेटिव आदि केसों का निपटारा आपसी सुलह व समझौते द्वारा किया जाएगा। उन्होंने आम लोगों से आह्वान किया है कि वे ज्यादा से ज्यादा इस लोक अदालत में अपने मामलों का समाधान करवाकर लोक अदालत का लाभ उठाएं। इसके अलावा सीजेएम ने पैनल अधिवक्ताओं से भी कहा है कि वे नागरिकों को उनके कोर्ट में लंबित मामलों का समाधान राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से करवाने के लिए प्रोत्साहित व जागरूक करे। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में किए गए फैसलों को अन्य किसी कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकती, क्योंकि मामलों का निपटान दोनों पक्षों के बीच आपसी सुलह व समझौते से किया जाता है।


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