सीवरमैनों के लिए जरूरी खबर,इस संयंत्र से गैस की मात्रा जांचकर ही उतरें सीवर में


सीवरमैनों के लिए जरूरी खबर,इस संयंत्र से गैस की मात्रा जांचकर ही उतरें सीवर में 


जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा सीवरमैन को दी जोखिम रहित सफाई की ट्रेनिंग 
मीडिया जंक्शन समाचार 
हिसार। अतिरिक्त उपायुक्त अमरजीत सिंह मान ने कहा कि सीवरमैन सफाई के लिए सीवरेज में उतरने से पहले मल्टी गैस डिटेक्टर से गैसों की मात्रा को जरूर जांचें ताकि सीवर में जहरीली हाइड्रोजन सल्फाइड (एचटूएस) गैस का पता चल सके। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की जान की सुरक्षा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। एडीसी मान आज ब्ल्यू बर्ड में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित द्वितीय एक दिवसीय प्रशिक्षण वर्कशॉप को संबोधित कर रहे थे। चंडीगढ़ की प्रकाश कंसल्टेंसी कंपनी से आए गौरव कालिया ने सीवरमैन को सीवरेज सफाई के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षक अभियंता एसपी सेठी, एक्सईएन जसवंत सिंह, केके गिल व एसके त्यागी भी मौजूद थे। अतिरिक्त उपायुक्त ने सीवरमैन को संबोधित करते हुए कहा कि शहर को स्वच्छ रखने में आपकी भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। सीवर सफाई के दौरान दुर्घटनाओं पर पूर्ण रोक लगाना हमारी प्राथमिकता है, क्योंकि हर व्यक्ति की जान उतनी ही जरूरी है जितनी किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति की। इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर भी दुर्घटनाओं पर रोक लगाने की कोशिशों की ही एक कड़ी हैं। सभी सीवरमैन सुरक्षा उपकरणों के प्रयोग के संबंध में समुचित प्रशिक्षण लेकर ही जाएं और सफाई के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में यदि कोई शंका है तो उसका निवारण भी आज विशेषज्ञ के माध्यम से करके जाएं। उन्होंने विभाग के अधिकारियों से कहा कि यदि सीवर सफाई के लिए किसी उपकरण विशेष की कमी हो तो उसके बारे में अवगत करवाएं, कमी को तुरंत दूर करवाया जाएगा। प्रशिक्षक गौरव कालिया ने बताया कि सीवर में मुख्य रूप से एचटूएस, मिथेन, सीओटू व आॅक्सीजन गैस होती हैं। इनमें एचटूएस जहरीली होने के कारण सफाईकर्मी के लिए खतरनाक साबित होती है। इन गैसों से बचाव के लिए सीवरमैन को हवा के सिलेंडर से जुड़ा मास्क पहनकर ही सीवर में उतरना चाहिए। मास्क से पूरे चेहरे को कवर करते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मुंह के पास बनी जाली के अलावा कहीं और से हवा अंदर न आने पाए। सिलेंडर को सुविधा के अनुसार बाहर भी रखा जा सकता है और नीचे भी ले जाया जा सकता है। सिलेंडर में ग्रेड-डी मानक की सामान्य हवा भरी जाती है जो सांस लेने के लिए उपयुक्त होती है। उन्होंने कहा कि नीचे उतरने से पहले सीवर में गैसों की मात्रा जांचने के लिए मल्टी गैस डिटेक्टर का इस्तेमाल करना चाहिए। इसकी पाइप को यदि सीवरेज में छोड़ा जाए तो यह वहां मौजूद सभी प्रकार की गैसों की मात्रा बता देता है। एचटूएस की सामान्य से अधिक मात्रा होने पर सफाई कर्मी को सीवर में सफाई के लिए नहीं उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि मिथेन गैस जहरीली नहीं होती लेकिन हल्की होने के कारण यह आॅक्सीजन को हटाकर बहना शुरू कर देती है जिससे आॅक्सीजन की कमी के कारण सीवरमैन को समस्या हो सकती है। उन्होंने सीवरमैन को बताया कि सीवर की सफाई से पूर्व कुछ सावधानियां अपनानी चाहिए। सफाई से पहले सीवर के आसपास के ढक्कन खोल देने चाहिए ताकि गैसें बाहर निकल जाएं। सीवर में पानी की उपलब्धता होनी भी जरूरी है। इसके अलावा सीवर में चूना आदि डालकर भी जहरीली गैस को कम किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन रामनिवास शर्मा ने किया। प्रशिक्षण वर्कशॉप में 100 से अधिक सीवरमैन, विभाग के एसडीओ व जेई उपस्थित थे।


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