आईटीआई स्टूडेंट्स के लिए यह दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली शुुर करने जा रही है सरकार


आईटीआई स्टूडेंट्स के लिए यह दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली शुुर करने जा रही है सरकार 



Jul 24 , 2019, 0 6 :1 0 PM
मीडिया जंक्शन समाचार 
चंडीगढ़। केन्द्र सरकार की शिल्पकार प्रशिक्षण योजना के अन्तर्गत हरियाणा के कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग द्वारा चलाये जा रहे 72 व्यवसायोंमें संस्थानों द्वारा उद्योगों के साथ ज्ञापन समझौते करके आईटीआई के विद्यार्थियों को सम्बन्धित उद्योगों में कौशल आधारित प्रयोगात्मक प्रशिक्षण प्रदान किया जा सकेगा। इसके साथ ही, अब प्रदेश के सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली में ज्ञापन समझौता करने में सक्षम होंगे और अधिक से अधिक युवा प्रशिक्षणार्थी औद्योगिक प्रतिष्ठानों में व्यावहारिक कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करके स्व-रोजगार एवं रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। हरियाणा के कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि कौशल प्रशिक्षण को रोजगारयुक्त बनाने व औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली (डीएसटी) में अधिक से अधिक ह्यज्ञापन समझौताह्य करने के लिए कई तरह की कठिन शर्तों में छूट दी गई है जिनमें उद्योगों की 100 करोड़ की टर्नओवर व कम से कम 200 कर्मचारी होना, कुछ ही कोर्सों में दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली की उपलब्धता व दो से कम ग्रेडिंग वाली आई.टी.आई. का इस प्रणाली के लिए योग्य न होना शामिल है। केन्द्र सरकार द्वारा दी गई छूट के फलस्वरूप लगभग 27 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों ने 42 औद्योगिक प्रतिष्ठानों के साथ 70 व्यवसाय यूनिटों के लिए दोहरी शिक्षा प्रणाली में ज्ञापन समझौते किये हंै जिससे रोजगार की सम्भावनाएं बढ़ गई हंै। कई उद्योगों ने प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करने का प्रावधान भी किया है। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के तहत महानिदेशक प्रशिक्षण(डीजीटी) द्वारा वर्ष 2016 में कुछ लोकप्रिय व्यवसायों में ह्यदोहरी प्रशिक्षण प्रणालीह्ण कुछ कठिन शर्तों के साथ आरम्भ की गई थी।  इस प्रणाली का उद्देश्य उद्योगों तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की सहभागिता से आईटीआई करने वाले युवाओं को कुशल बनाना है। इस  प्रणाली के पाठ्यक्रम के दौरान बच्चों के प्रयोगात्मक प्रशिक्षण का कुछ भाग संस्थान में पूर्ण होगा, जबकि शेष प्रशिक्षण उद्योगों में पूर्ण करवाए जाने का प्रावधान है। इसके लिए उद्योगों तथा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के बीच मैमोरेण्डम आॅफ  एग्रीमेन्ट पर हस्ताक्षर किये जाते हैं। दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली में बच्चों को आईटीआई के एक वर्षीय कोर्स में 3-6 मास तथा दो वर्षीय कोर्स में 6-12 मास का प्रयोगात्मक प्रशिक्षण सम्बन्धित औद्योगिक प्रतिष्ठान में दिया जा सकता है। प्रवक्ता ने बताया कि विभाग द्वारा हरियाणा शिल्पकार प्रशिक्षण योजना के अन्तर्गत युवाओं को 167 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों तथा 242 निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से एक तथा दो वर्षीय अवधि के इंजीनियरिंग एवं गैर-इंजीनियरिंग कोर्सिज में कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवेश पाने के इच्छुक 18 वर्ष या इससे अधिक आयु के युवा दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली में रिलीज किये गये व्यवसायों/सीटों के लिए आॅनलाइन फार्म भरकर दाखिला प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं।

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