आओ बच्चों ! आज सीखें योग, रहें निरोग
बच्चोें के लिए हैं ये स्पेशल योग, लेकिन बरतनी होंगी कुछ सावधानियां भी
आजकल के समय में बच्चे अधिक मात्रा में बीमारी की चपेट में आने लगे हैं। ऐसे में कोई भी माँ यह नहीं चाहती कि उसके बच्चे को किसी भी प्रकार की कोई बीमारी लग जाए। वो हमेशा यही चाहती है कि उसका बच्चा चुस्त और तंदरुस्त रहे और वह शारीरिक ही नहीं बल्कि दिमाग से भी तेज हो। ऐसी माताओं को हम कुछ ऐसे योग के बारे में बताएंगे जिससे उनके बच्चों के शरीर पर प्रभाव पड़ता है, इसलिए आज हम जानेंगे बच्चों के लिए योग। बच्चों को हर तरह के योग नहीं करवाने चाहिए। यही नहीं बच्चों को योग के साथ कुछ सावधानियां भी बरतनी चाहिए। आज हम आपको ऐसे योग के बारे में बताएंगे जो किसी भी समय किये जा सकते हैं, लेकिन आपका बच्चा अगर इसे हफ्ते में चार दिन भी करें तो इससे वह हमेशा स्वस्थ रहता है।
हैप्पी बेबी पोज
इस पोज को करने से बच्चों के शरीर और मन को राहत मिलती है साथ ही यह तनाव और थकान को दूर करने में मदद करता है। जब हम इस योग को करते हैं तो पेंडू जांघ के जोड़ के साथ रीढ़ की हड्डी में लचक पैदा करता है।
स्नेक पोज
इस पोज के द्वारा रीढ़ की हड्डी के साथ-साथ पैर, हाथ, छाती, कंधे और पेट में खिचाव होता है। इससे बच्चों का शरीर मजबूत बनता है।
बटरफ्लाई पोज
जब बच्चे वटरफ्लाई पोज को करते हैं तो उनके शरीर और मन को शांत कर तनाव और थकान को दूर करने में यह मददगार होता है। बच्चों के कूल्हों और टखनों में खिंचाव पैदा करने का यह सबसे अच्छा उपाय होता है।
उपर की तरफ मुंह करते हुए
डॉग पोज
बच्चे यदि डॉग पोज को करते हैं तो उनकी रीढ़ की हड्डी मजबूत होती ही साथ ही उसमें खिंचाव पैदा होता है। इस पोज के द्वारा अस्थमा जैसी बीमारी शांत होकर स्ट्रेस लेवल को कम करने में मदद करता है।
ट्री पोज
इस पोज के द्वारा पिंडली, पैर, टखनों में खिचाव पैदा होता है साथ ही इससे शरीर का संतुलन बना रहता है। इसके साथ यह बच्चों में एकाग्रता भी विकसित करता है।
बच्चों के लिए ये हैं योग के फायदे
योग के द्वारा बच्चा सक्रिय होता है और उसका शरीर लचीला बनता है।
योग के द्वारा बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता हैं।Ñ
इससे इम्युनिटी सिस्टम मजबूत होती है और बच्चे बीमारियों से बचते हैं।
नियमित रूप से योग करने पर बच्चों के मस्तिष्क का विकास सही रूप से होता है।
योग के द्वारा बच्चों की जिद्द को ठीक किया जा सकता है और जिन बच्चों को गुस्सा अधिक आता है। योग के द्वारा उनका गुस्सा भी शांत हो जाता है।
बच्चों को फिट रहने औए मौसमी बीमारियों से बचने के लिए योग फायदेमंद होता है।
इससे बच्चों में तीव्रता पैदा होती है।
यह हैं ध्यान रखने योग्य बातें
बच्चों का योग के समय पेट खाली होना चाहिए।
बच्चों को नियमित रूप से उसी स्तिथि में योग करवाना चाहिए।
योग की शुरूआत में सब कुछ एक साथ न करवाएं।
बच्चों को योग के बीच शवासन जरूर करवाएं, ताकि बच्चें थके न।
आप भी बच्चों के साथ योग आसन करें।


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