हांसी-जींद के बीच चार साल बाद दौड़ेगी ट्रेन, बनेंगे यह 6 नए रेलवे स्टेशन


हांसी-जींद के बीच चार साल बाद दौड़ेगी ट्रेन, बनेंगे यह 6 नए रेलवे स्टेशन 

50 किमी के इस नए रेल लाईन प्रोजेक्ट पर आएगी 923.26 करोड़ रुपये की लागत 
इटल कलां, नारनौंद, माढ़ा, राजपुरा, गंगन खेड़ी और शेखपुर गांवों में बनेंगे रेलवे स्टेशन 



5 अगस्त 2019, 5:52 PM
संदीप कम्बोज। मीडिया जंक्शन
हिसार। हांसी-जींद के बीच नारनौंद विधानसभा के लोगों का रेल लाईन का सपना  अब पूरा होने जा रहा है। रेलवे लाईन प्रोजेक्ट को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंजूरी दे दी है। नई रेल लाईन के इस प्रोजेकट पर करीब 923.26 करोड़ रुपये की लागत आएगी और यह लाईन अगले 2023 तक बनकर तैयार हो जाएगी। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि इस प्रस्तावको स्थायी वित्त कमेटी-सी की बैठक में स्वीकृति मिल गई है। उन्होंने बताया कि जींद-हांसी नई रेल लाइन हरियाणा सरकार और रेलवे मंत्रालय का एक संयुक्त उद्यम होगा और इसका निर्माण हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम द्वारा किया जाएगा।उन्होंने बताया कि प्रस्तावित रेलवे लाइन दिल्ली-बठिंडा रेलवे लाइन पर मौजूदा जींद स्टेशन से शुरू होगी और भिवानी-हिसार रेलवे लाइन पर मौजूदा हांसी स्टेशन पर समाप्त होगी। जींद से हांसी तक रेलवे लाइन की लंबाई लगभग 50 किलोमीटर होगी। इस लाइन के निर्माण से यात्रियों को जींद एवं हिसार के बीच सीधी और तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध हो जाएगी और यात्रा की दूरी भी लगभग 50 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। इसके अतिरिक्त, इस ग्रामीण बेल्ट पर कृषि उपज और उर्वरकों को तेजी से लाने-ले जाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह परियोजना इस क्षेत्र के साथ-साथ इसके आस-पास के क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए लाभकारी सिद्घ होगी। इस लाइन पर 8 रेलवे स्टेशन होंगे, जिनमें जींद एवं हांसी के दो मौजूदा स्टेशन और छ: नए स्टेशन अर्थात इटल कलां, राजपुरा, नारनौंद, माढा, गंगन खेड़ी और शेखपुरा शामिल हैं। बैठक में वित्त मंत्री ने हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम को प्राथमिकता के आधार पर रेल मंत्रालय के साथ इस मामले को आगे बढ़ाने का निर्देश दिये ताकि भारत सरकार से तुरंत मंजूरी मिल सके। परियोजना की 923.26 करोड़ रुपये की कुल लागत में हरियाणा सरकार और केन्द्र सरकार की 415.46 करोड़ रुपये की अनुदान राशि, हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम की 253.90 करोड़ रुपये की इक्विटी और नाबार्ड या किसी अन्य वित्तीय संस्थान से लिया जाने वाला 253.90 करोड़ रुपये का ऋण शामिल है।

जानें किसके हिस्से कितना खर्च 
वित्त मंत्री ने बताया कि परियोजना के लिए 415.46 करोड़ रुपये की अनुदान राशि हरियाणा सरकार और केन्द्र सरकार द्वारा समान रूप से साझा की जाएगी। हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम की 253.90 करोड़ रुपये की इक्विटी में हरियाणा सरकार 51 प्रतिशत अर्थात 129.489 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी और रेल मंत्रालय शेष 49 प्रतिशत अर्थात 124.411 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी होगी। इसी प्रकार, हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम के लिए 253.90 करोड़ रुपये के उदार ऋण की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा नाबार्ड या अन्य वित्तीय संस्थान से की जाएगी और ऋण एवं ब्याज की अदायगी हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम द्वारा की जाएगी।



Post a Comment

0 Comments