अंत्योदय सरल के तहत सेवाएं देने में 7.4 से बढ़कर 9 हुआ हिसार का स्कोर


अंत्योदय सरल के तहत सेवाएं देने में 7.4 से बढ़कर 9 हुआ हिसार का स्कोर

1000 लडक़ों पर 962 लड़कियां पैदा होने पर जिला हिसार को जून में मिली थी शाबासी



7 अगस्त 2019, 6:22 PM
मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार। 
अंत्योदय सरल परियोजना के माध्यम से आमजन को सेवाएं उपलब्ध करवाने के मामले में हिसार जिला ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। हिसार का स्कोर 7.4 से बढक़र 9 हो गया है। यह बात मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी (सीएमजीजीए) कार्यक्रम के परियोजना निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता ने आज सभी जिलों के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कही। डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि अंत्योदय सरल परियोजना के तहत हिसार जिला में आमजन द्वारा विभिन्न सेवाओं के लिए 1091844 आवेदन आए जिनमें से 1039064 आवेदकों को सेवाएं प्रदान कर दी गई। सडक़ दुर्घटना में मृत्यु में कमी लाने के मामले में हिसार प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। यहां प्रति लाख जनसंख्या पर 5.56 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। इस मामले में सिरसा प्रथम स्थान पर है जहां प्रति लाख 4.63 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है।
डॉ. राकेश गुप्ता ने कन्या जन्म दर के मामले में उल्लेखनीय सुधार पर हिसार प्रशासन की पीठ थपथपाई। उन्होंने बताया कि हिसार में वर्ष 2018 में प्रति हजार लडक़ों के मुकाबले 913 लड़कियों का जन्म हुआ था जबकि जनवरी से जून-2019 के बीच कन्या जन्मदर 937 रही। इनमें भी जून-2019 में जिला की कन्या जन्मदर 962 रही। इसके लिए उन्होंने उपायुक्त अशोक कुमार मीणा के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया की कार्यप्रणाली की सराहना की। वीडियो कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधीक्षक शिवचरण, हांसी पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह, हांसी एसडीएम वीरेंद्र सहरावत, हिसार एसडीएम परमजीत सिंह, नारनौंद एसडीएम सुरेंद्र सिंह, बरवाला एसडीएम डॉ. विनेश कुमार, सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया, डीआरओ राजबीर धीमान, डीईओ देवेंद्र सिंह, सीएमजीजीए एलीना मसूदी व स्पर्श महेश्वरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनीता यादव, नगर निगम ईओ हरदीप सिंह, जिला सूचना अधिकारी एमपी कुलश्रेष्ठï, जिला सांख्यिकीय अधिकारी अमिता चौधरी, अतिरिक्त डीआईओ अखिलेश कुमार, एक्सईएन एसके त्यागी, विशाल कुमार व मनोज ओला सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

प्रदेश में एक करोड़ प्रोप्रटी, सिर्फ 32 लाख रजिस्टरड
परियोजना निदेशक ने बताया कि प्रदेश में 32 लाख प्रोपर्टी पंजीकृत हैं। यदि सही तरीके से सर्वे करवाया जाए तो इनकी संख्या 1 करोड़ हो सकती है। ऐसा होने पर शहरी निकायों की आमदनी काफी बढ़ सकती है। उन्होंने अगले 3 सप्ताह में सभी जिलों को प्रोपर्टी सर्वे पूरा करवाने के निर्देश दिए। डॉ. गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में स्वच्छ सर्वेक्षण को और अधिक प्रभावशाली ढंग से चलाया जाएगा। प्रत्येक जिला के एक शहर को 100 प्रतिशत स्वच्छ बनाया जाएगा। इसके लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व कचरा वर्गीकरण पर फोकस किया जाएगा।

2021 तक सभी राजकीय महाविद्यालय होंगे नैक एक्रीडेटिड 
परियोजना निदेशक ने बताया कि स्कूली शिक्षा में सुधार के बाद मुख्यमंत्री की पहल पर अब उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के सभी राजकीय महाविद्यालयों में विशेष सुधारीकरण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। वर्ष 2021 तक सभी राजकीय महाविद्यालयों को नैक एक्रीडेटिड बनाया जाएगा। सभी कॉलेजों में आंतरिक मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू होगी जिसकी समीक्षा नियमित रूप से उपायुक्त करेंगे। विद्यार्थियों के दाखिलों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए भी विशेष काययोजना लागू की जाएगी जिसके तहत अनेक कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

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